SSP के तबादले के बाद डैमेज कंट्रोल की कवायद शुरु:40 मिनट तक मनाते रहे एडीएम-एसपी सिटी, फिर भी नहीं माने रवि गौतम, मचा हड़कंप

SSP के तबादले के बाद डैमेज कंट्रोल की कवायद शुरु:40 मिनट तक मनाते रहे एडीएम-एसपी सिटी, फिर भी नहीं माने रवि गौतम, मचा हड़कंप

मेरठ SSP अविनाश पांडेय के तबादले के बाद पुलिस-प्रशासन अब डैमेज कंट्रोल में जुट गया है। शुक्रवार शाम नए पुलिस कप्तान बीबीजीटीएस मूर्ति के चार्ज संभालते ही एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले और एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह कमिश्नरी पार्क में धरने पर बैठे रवि गौतम को मनाने पहुंच गए। दोनों अफसरों ने आंदोलन खत्म करने और बाकी मांगों पर विचार करने का भरोसा दिलाया, लेकिन रवि गौतम अपनी चारों मांगों पर अड़े रहे। करीब 40 मिनट तक चली वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंची और दोनों अफसरों को खाली हाथ लौटना पड़ा। रवि गौतम ने साफ कहा कि प्रशासन अगर उनकी सभी मांगें स्वीकार करता है तभी वह धरना समाप्त करेंगे। पुलिस के खिलाफ शुरू किया गया आंदोलन अब किसी दबाव में खत्म नहीं होगा। शनिवार शाम तक अफसरों के प्रस्ताव पर विचार करने के बाद आगे का निर्णय लेने की बात कही गई है। दरअसल, 8 जुलाई को डीएम कार्यालय के बाहर धरना देने वाले रवि गौतम समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस प्रशासन ने जेल भेज दिया था। इस दौरान रवि गौतम के साथ बर्बरता की गई थी। एसएसपी अविनाश पांडेय तक ने उन्हें पीट दिया था। इसी घटनाक्रम के विरोध में रवि गौतम ने गुरुवार को ‘न्याय दो, अत्याचार बंद करो’ के बैनर तले कमिश्नरी पार्क में दोबारा धरना शुरू किया था। उनके आंदोलन की मुख्य चार मांगों में एसएसपी अविनाश पांडेय को टर्मिनेट कर उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज करना, ललिता गौतम से जुड़े आंदोलन में जेल गए सभी लोगों के मुकदमे वापस लेना, अज्ञात में दर्ज मुकदमों को हटाना और एसएसपी अविनाश पांडेय के साथ एसपी देहात अभिजीत पांडेय की संपत्ति की जांच कराना शामिल रहा। धरना खत्म करने की कवायद हुई शुरु
इसी बीच गुरुवार देर रात शासन ने एसएसपी अविनाश पांडेय का तबादला कर उन्हें लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया। उनकी जगह झांसी के एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ का नया कप्तान बनाया गया। शुक्रवार को नए कप्तान के कार्यभार संभालते ही पुलिस-प्रशासन ने धरने को खत्म कराने की कवायद तेज कर दी। अफसर बोले- मांगों पर होगा विचार
शाम को एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले और एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह कमिश्नरी पार्क पहुंचे। दोनों ने रवि गौतम से बातचीत कर उन्हें बताया कि नये एसएसपी आ चुके हैं और उनकी अन्य मांगों पर भी नियमानुसार विचार किया जाएगा। अफसरों ने उनसे आंदोलन समाप्त करने की अपील की। बंद कमरे में वार्ता के प्रस्ताव पर भड़के
जब दोनों अफसरों ने बंद कमरे में बातचीत करने का सुझाव दिया तो रवि गौतम और उनके साथ मौजूद लोग भड़क गए। उन्होंने साफ कहा कि अब बंद कमरे में कोई बातचीत नहीं होगी। रवि गौतम ने कहा कि पुलिस प्रशासन के इस व्यवहार से डर लगता है। जिसे भी बात करनी है, वह यहीं आकर बात करे। इसके बाद काफी देर तक मौके पर गहमागहमी बनी रही। देखते ही देखते जमा हो गई भीड़
समर्थकों ने इस दौरान ‘जय भीम, जय भीम’ के नारे लगाए। देखते ही देखते कमिश्नरी पार्क में लोगों की संख्या बढ़ती गई। माहौल को देखते हुए पुलिस-प्रशासन के अधिकारी भी सतर्क रहे। करीब 40 मिनट से अधिक समय तक दोनों अफसरों ने रवि गौतम और उनके साथियों से बातचीत की, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। अंत में रवि गौतम ने शनिवार शाम तक प्रशासन के सुझाव पर विचार करने की बात कही और वार्ता समाप्त हो गई। रवि ने कहा- कार्रवाई होने तक कोई वार्ता नहीं रवि गौतम ने कहा कि पुलिस के बॉस चले गए हैं। अब ये अफसर आंदोलन खत्म कराने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सफल नहीं होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने केवल उनका अपमान नहीं किया, बल्कि उनके समाज और संविधान का भी अपमान किया है। उन्होंने दोहराया कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और कोई वार्ता नहीं होगी।

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