सीतापुर में तहसील मिश्रिख इलाके में नैमिषारण्य की प्रसिद्ध 84 कोसी परिक्रमा के छठे पड़ाव देवगवां के निकट सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ शुक्रवार शाम करीब 5 बजे प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। रैन बसेरा के पास स्थित 30 बीघा से अधिक सरकारी भूमि को राजस्व टीम ने कब्जामुक्त कराया। कार्रवाई के बाद प्रशासन ने मौके पर सरकारी भूमि का बोर्ड भी लगवा दिया है। मामला राजस्व ग्राम हुसैनपुर, परगना व तहसील मिश्रिख का है। राजस्व अभिलेखों के अनुसार गाटा संख्या 314 में 0.401 हेक्टेयर नवीन परती तथा गाटा संख्या 320 में 1.092 हेक्टेयर बंजर भूमि दर्ज है। इन दोनों सरकारी भूखंडों पर लंबे समय से अतिक्रमण की शिकायतें प्रशासन को मिल रही थीं।
शिकायतों का संज्ञान लेते हुए एसडीएम मिश्रिख दीपक कुमार गुप्ता के निर्देश पर राजस्व टीम मौके पर पहुंची। टीम ने दोनों गाटों से अवैध कब्जा हटवाकर सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया। इसके साथ ही भूमि की पहचान स्पष्ट करने के लिए मौके पर ‘सरकारी भूमि’ का चेतावनी बोर्ड भी स्थापित कराया गया। देवगवां क्षेत्र धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह नैमिषारण्य की 84 कोसी परिक्रमा का छठा पड़ाव माना जाता है, जहां परिक्रमा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। रैन बसेरा के पास सरकारी भूमि खाली होने से भविष्य में श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सार्वजनिक उपयोग के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। एसडीएम दीपक कुमार गुप्ता ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोबारा कब्जे का प्रयास करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान राजस्व टीम के साथ कुतुबनगर चौकी प्रभारी समेत पुलिस बल भी मौजूद रहा।

