राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने शुक्रवार को कहा कि राम मंदिर परिसर में योजनाबद्ध लगभग 70 निर्माण कार्यों में से करीब 60 कार्य पूरे हो चुके हैं और उन्हें मंदिर ट्रस्ट को सौंप दिया गया है, जो अब उनके रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगा। मंदिर निर्माण समिति की बैठक के दूसरे दिन पत्रकारों से बातचीत में मिश्र ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण, करोड़ों भक्तों के सपने का साकार होना है। उन्होंने कहा, तय किए गए लगभग 70 निर्माण कार्यों में से करीब 60 कार्य पूरे हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि पूरे हो चुके कार्यों को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दिया गया है, जो अब इनके रखरखाव के लिए जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए मंदिर परिसर के सीवेज और ड्रेनेज सिस्टम को मुख्य नाले से जोड़ने का काम भी किया जाएगा। मिश्र ने कहा कि अब संग्रहालय, ऑडिटोरियम और ट्रस्ट कार्यालय के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि संग्रहालय की गैलरी नंबर सात पर लगभग पांच करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें आगंतुकों से प्रवेश शुल्क लिया जाएगा या नहीं, इस पर फैसला मंदिर ट्रस्ट करेगा। यह जानकारी उस बयान के एक दिन बाद आई है जिसमें मिश्र ने कहा था कि मुख्य मंदिर परिसर में निर्माण कार्य 30 सितंबर तक पूरा होने की उम्मीद है, जबकि लार्सन एंड टुब्रो (एएल&टी) और टाटा के प्रतिनिधि 30 अक्टूबर तक मंदिर परिसर से चले जाएंगे।
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उन्होंने यह भी कहा था कि राजकीय निर्माण निगम द्वारा किया जा रहा ऑडिटोरियम और संग्रहालय का निर्माण कार्य मुख्य मंदिर परिसर में काम पूरा होने के बाद भी जारी रहेगा और इसके मार्च 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। मिश्र ने कहा था कि संग्रहालय की गैलरी की स्क्रिप्ट और स्टोरीलाइन पहले ही तैयार की जा चुकी हैं और आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञ बाद में उन्हें वीडियो के रूप में बदलेंगे। संग्रहालय के अगले साल फरवरी-मार्च के आसपास आगंतुकों के लिए खुलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा था कि मंदिर परिसर के चारों ओर चहारदीवारी का काम दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है।

