साइट सी में शुक्रवार को अक्षय ऊर्जा दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ ऊर्जा भंडारण तकनीक पर चर्चा हुई। डीजल जनरेटर पर निर्भरता कम करने और घरों में पारंपरिक इनवर्टर बैटरी की जगह लिथियम बैटरी अपनाने के फायदे बताए गए। 15 साल तक चल सकती है लिथियम बैटरी कार्यक्रम में बताया गया कि पारंपरिक इनवर्टर बैटरियों में एसिड होता है, जिससे हानिकारक गैसें निकल सकती हैं। वहीं, लिथियम बैटरियां जहरीली गैस नहीं छोड़तीं। ये आकार में छोटी होती हैं और घरों में आसानी से लगाई जा सकती हैं। इनकी जीवन अवधि करीब 15 साल तक बताई गई। सौर ऊर्जा को स्टोर करने पर जोर BPE कंपनी की ओर से बताया गया कि डीजल जनरेटर पर निर्भरता कम करने के लिए लिथियम-आयन स्टोरेज प्लेटफॉर्म, सोलर MPPT तकनीक और कंटेनराइज्ड बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन तकनीकों के जरिए सौर ऊर्जा को स्टोर कर जरूरत के समय इस्तेमाल किया जा सकता है। कंपनी के फाउंडर और ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर अमितांशु सतपथी ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन करना ही पर्याप्त नहीं है। इसे स्टोर करके जरूरत के समय उपलब्ध कराना भी जरूरी है। कंपनी भारत में बने ऊर्जा भंडारण समाधानों को बढ़ावा देने, विनिर्माण क्षमता मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां बढ़ाने पर काम कर रही है।

