PM Narendra Modi Birthday: दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल को लेकर दिए गए बयान पर शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने सहमति जताई है। राउत ने दावा किया कि पीएम मोदी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएंगे और 17 सितंबर के बाद देश की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिल सकता है। CWC में राहुल गांधी ने कथित तौर पर कहा था कि पीएम मोदी अगले 6 से 8 महीने में अपने पद पर नहीं रहेंगे।
राहुल गांधी के कथित बयान पर जब आज पत्रकारों ने शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत से सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर राहुल गांधी और उनकी राय एक जैसी है। राउत ने दावा किया कि वह पिछले कई महीनों से कह रहे हैं कि नरेंद्र मोदी अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा नहीं करेंगे।
‘17 सितंबर के बाद स्थिति साफ हो जाएगी’
उद्धव ठाकरे के करीबी सहयोगी संजय राउत ने कहा कि उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बेहद खराब परिस्थितियों में प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि 17 सितंबर के बाद इस पूरे मामले की तस्वीर साफ हो जाएगी।
राउत ने कहा कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है और उनके मुताबिक यह प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी का आखिरी जन्मदिन होगा।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मोदी अपना जन्मदिन खुशी से मनाएं, उनके समर्थक जश्न मनाएं और इसके बाद फिर उनका दौर खत्म हो जाएगा।
‘अमित शाह नहीं बनेंगे प्रधानमंत्री’
राज्य सभा सांसद संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के बाद अमित शाह कभी प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे। राउत ने कहा कि अगर मोदी गए तो अमित शाह भी जाएंगे। उन्होंने कहा, “अमित शाह कभी प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे, अगर मोदी जाते हैं, तो अमित शाह भी जाएंगे, ‘एक के साथ एक फ्री’ की तरह…“
‘मेरा आकलन वैश्विक स्तर पर आधारित’
संजय राउत ने इससे पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर इसी तरह का दावा किया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले कहा था कि लाल किले से नरेंद्र मोदी का प्रधानमंत्री के तौर पर आखिरी भाषण होगा। उन्होंने कहा कि उनके पास जो जानकारी और राजनीतिक आकलन है तथा राहुल गांधी के साथ होने वाली चर्चाओं से जो तथ्य सामने आते हैं, उनके आधार पर वह यह बात कह रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यह केवल भारत की राजनीति तक सीमित आकलन नहीं है, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ऐसी ही राजनीतिक तस्वीर दिखाई दे रही है।

