सिम मामले में महाराष्ट्र और परिश्चम बंगाल की लिंक:अन्य आरोपियों की तलाश में इंदौर क्राइम ब्रांच, डेटा भी खंगाल रहे

सिम मामले में महाराष्ट्र और परिश्चम बंगाल की लिंक:अन्य आरोपियों की तलाश में इंदौर क्राइम ब्रांच, डेटा भी खंगाल रहे

साइबर फ्रॉड के लिए सिम मुहैया कराने वाले तीन आरोपी क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में हैं। तीनों से पूछताछ में क्राइम ब्रांच को महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की लिंक भी मिली है। जिस पर टीम काम कर रही है। बताया जा रहा है कि इस मामले में ओर भी आरोपी है, जिन्हें टीम जल्द पकड़ेगी। दरअसल, इंदौर क्राइम ब्रांच ने साइबर अपराधियों तक पहुंचने वाले फर्जी और संदिग्ध सिम कार्ड के नेटवर्क पर कार्रवाई की और बुधवार को मामले का खुलासा किया। गृह मंत्रालय के I4C से मिली संदिग्ध POS धारकों और FAKE SIM USERS की सूची के आधार पर की गई जांच में चार संदिग्ध मोबाइल नंबर सामने आए। इन नंबरों से जुड़े सिम का इस्तेमाल महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में हुए साइबर फ्रॉड में किया गया था। शिकायतों के मिलान में कुल 84 लाख 58 हजार 499 रुपए की धोखाधड़ी सामने आई है। क्राइम ब्रांच ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन सिम कार्ड को किन लोगों तक पहुंचाया गया और इनके पीछे साइबर फ्रॉड का कितना बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने राजेंद्र राऊत(40) निवासी स्वर्ण बाग कॉलोनी, आनंद वासरे(22) निवासी मालवा मिल, सूरज सिंह(24) निवासी पाटनीपुरा को गिरफ्तार किया है। महाराष्ट्र-पश्चिम बंगाल की लिंक एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि पकड़ाए तीनों आरोपियों से क्राइम ब्रांच पूछताछ कर रही है। टीम को महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की कुछ लिंक मिली है, जिस पर टीम काम कर रही है। इस मामले में और भी आरोपियों के बारे में जानकारी मिली है, जिन्हें जल्द पकड़ा जाएगा। इसमें आरोपियों की संख्या ओर भी बढ़ सकती है। दूसरे साइबर फ्रॉड मामलों में भी जांच जिन सिम नंबरों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड में किया गया था। उनका दूसरे साइबर फ्रॉड मामलों में इस्तेमाल हुआ है या नहीं या इससे जुड़ी जानकारी को लेकर क्राइम ब्रांच की टीम दूसरे साइबर फ्रॉड के मामलों के डेटा भी खंगाल रही है। संभवत: कुछ ओर भी मामले सामने आ सकते है।

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