विधानसभा चुनाव के बाद तेजस्वी यादव पहली बार सड़क पर इतने आक्रामक दिखे, लेकिन इस बार तरीका पुराना नहीं था। तेजस्वी ने प्रदर्शन में युवाओं को आगे किया, उन्हें तिरंगा थमाया और पोस्टर व नारे Gen-Z स्टाइल में रखे। 1,000 से ज्यादा स्कूली-कॉलेज के युवा प्रदर्शन में दिखाई दिए, हालांकि RJD ने उन्हें अपना कार्यकर्ता बताया। बड़ी संख्या में पार्टी के यूथ नेता और कार्यकर्ता भी नजर आए। तेजस्वी ने पार्टी का झंडा किनारे कर युवाओं को तिरंगा थमाया, ताकि पुलिस के लाठीचार्ज से बचा जा सके। पहले से ही उन्हें मैसेज दिया गया था कि पुलिस से सीधे टकराव नहीं करना है। इसका असर भी ग्राउंड पर दिखाई दिया। कहीं कोई हिंसक प्रदर्शन नहीं हुआ। हां, वाटर कैनन के इस्तेमाल के दौरान युवा उसी Gen-Z स्टाइल में डांस करते दिखाई दिए। तेजस्वी ने पूरे लोकभवन मार्च को कैसे प्लान किया? कार्यकर्ताओं और युवाओं को क्या संदेश दिया गया था? प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनातनी को कैसे हैंडल करवाया गया? जानिए पूरी स्ट्रेटजी… पहले ये 3 तस्वीरें देखिए… 1. RJD के पुराने कैडर के बीच यूथ को आगे किया, भीड़ का चेहरा बदला लोकभवन मार्च में RJD के पारंपरिक कार्यकर्ता मौजूद थे, लेकिन उनके बीच युवाओं की संख्या भी बड़ी थी। स्कूल-कॉलेजों से युवाओं को जुटाने की रणनीति का मकसद साफ था-तेजस्वी को सिर्फ लालू के पुराने वोट बैंक के नेता के बजाय नई पीढ़ी के नेता के रूप में दिखाना। 2. पार्टी का झंडा हटाकर तिरंगा: मार्च की सबसे प्लांड स्ट्रेटजी मार्च शुरू होने से पहले ही RJD ने अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दे दिया था कि कोई पार्टी का झंडा लेकर नहीं आएगा। प्रदेश अध्यक्ष की ओर से पत्र जारी हुआ। सभी को तिरंगा लेकर आने को कहा गया। पार्टी ने खुद बड़े साइज के तिरंगे प्लास्टिक पाइप में लगाकर कार्यकर्ताओं को दिए। इसका सीधा मकसद था, पुलिस तिरंगे का अपमान नहीं करेगी और कार्यकर्ताओं छात्रों पर लाठी चार्ज नहीं होगा। 3. ‘पुलिस हमारी दोस्त है’: टकराव की जगह पुलिस को अलग रखा RJD के प्रदर्शनों की पुरानी तस्वीरों में पुलिस से भिड़ती भीड़ और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश आम रही है। इस बार माइक से कई बार कहा गया-‘पुलिस हमारी दोस्त है।’ यानी पार्टी ने कार्यकर्ताओं को समझाया कि पुलिस को विरोधी नहीं बनाना है। राजनीतिक निशाना सिर्फ सरकार और सम्राट चौधरी रहेंगे। 4. वाटर कैनन को भी बनाया कंटेंट: डांस की रील बनाई, Gen Z स्टाइल वाटर कैनन इस मार्च की सबसे बड़ी विजुअल तस्वीर बनी। पानी की बौछार काफी देर तक चली, लेकिन RJD कार्यकर्ता सड़क पर डटे रहे। पानी बंद होने पर भीड़ ने पीछे हटने के बजाय फिर चलाने की मांग कर दी। 5. लालू के दौर का हुड़दंग नहीं: RJD ने ‘अनुशासन’ को नया हथियार बनाया RJD के पुराने आंदोलनों में लालू प्रसाद के दौर के जोश और हुड़दंग वाली भीड़ की तस्वीरें आम रही हैं। इस बार वह तस्वीर काफी कम दिखी। माइक से बार-बार अनुशासन में रहने की अपील होती रही। तिरंगे के सम्मान से लेकर पुलिस से दूरी तक, हर चीज को नियंत्रित किया गया। 6. पूरे मार्च में राष्ट्रभक्ति का माहौल, निशाना सिर्फ सम्राट पर मार्च का पूरा रास्ता एक खास तरीके से तैयार किया गया । RJD के गाने लगातार बजते रहे। बीच-बीच में राष्ट्रभक्ति गीत चलाए गए। हाथों में तिरंगा था। नारे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ थे। यानी पार्टी ने राष्ट्रभक्ति और सरकार विरोध-दोनों को एक ही मंच पर जोड़ दिया। तेजस्वी की आगे की राजनीति के 5 प्लान 1. MY के साथ YOUTH: पुराना यादव-मुस्लिम आधार रहेगा, लेकिन उसके ऊपर रोजगार, परीक्षा और शिक्षा के मुद्दों से नया युवा वोट बैंक जोड़ने की कोशिश होगी। RJD ने लोकभवन जाकर जो मांग पत्र सौंपा उसमें सभी छह मुद्दे शिक्षा और परीक्षा की तैयारी करने वाले युवाओं से ही जुड़े हैं। 2. सड़क पर लगातार वापसी: विधानसभा चुनाव की हार के बाद तेजस्वी अब सिर्फ सदन में सरकार को घेरने के बजाय सड़क पर भी सक्रिय विपक्ष की भूमिका बनाए रखना चाहते हैं। 3. प्रदर्शन की नई भाषा: पार्टी के झंडे, उग्र नारे और हुड़दंग की जगह तिरंगा, युवा, सोशल मीडिया, छोटे नारे और नियंत्रित आक्रामकता दिखाई देगी। 4. सरकार पर सीधा हमला: केंद्र के बजाय बिहार सरकार और खासकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लगातार निशाने पर रखना इस रणनीति का मुख्य हिस्सा रहेगा। 5. युवा भीड़ को संगठित बनाना: जिन स्कूल-कॉलेज युवाओं को प्रदर्शन में लाया गया, अगली चुनौती उन्हें जिला और कॉलेज स्तर के स्थायी नेटवर्क में बदलना रहेगा। विधानसभा चुनाव के बाद तेजस्वी यादव पहली बार सड़क पर इतने आक्रामक दिखे, लेकिन इस बार तरीका पुराना नहीं था। तेजस्वी ने प्रदर्शन में युवाओं को आगे किया, उन्हें तिरंगा थमाया और पोस्टर व नारे Gen-Z स्टाइल में रखे। 1,000 से ज्यादा स्कूली-कॉलेज के युवा प्रदर्शन में दिखाई दिए, हालांकि RJD ने उन्हें अपना कार्यकर्ता बताया। बड़ी संख्या में पार्टी के यूथ नेता और कार्यकर्ता भी नजर आए। तेजस्वी ने पार्टी का झंडा किनारे कर युवाओं को तिरंगा थमाया, ताकि पुलिस के लाठीचार्ज से बचा जा सके। पहले से ही उन्हें मैसेज दिया गया था कि पुलिस से सीधे टकराव नहीं करना है। इसका असर भी ग्राउंड पर दिखाई दिया। कहीं कोई हिंसक प्रदर्शन नहीं हुआ। हां, वाटर कैनन के इस्तेमाल के दौरान युवा उसी Gen-Z स्टाइल में डांस करते दिखाई दिए। तेजस्वी ने पूरे लोकभवन मार्च को कैसे प्लान किया? कार्यकर्ताओं और युवाओं को क्या संदेश दिया गया था? प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनातनी को कैसे हैंडल करवाया गया? जानिए पूरी स्ट्रेटजी… पहले ये 3 तस्वीरें देखिए… 1. RJD के पुराने कैडर के बीच यूथ को आगे किया, भीड़ का चेहरा बदला लोकभवन मार्च में RJD के पारंपरिक कार्यकर्ता मौजूद थे, लेकिन उनके बीच युवाओं की संख्या भी बड़ी थी। स्कूल-कॉलेजों से युवाओं को जुटाने की रणनीति का मकसद साफ था-तेजस्वी को सिर्फ लालू के पुराने वोट बैंक के नेता के बजाय नई पीढ़ी के नेता के रूप में दिखाना। 2. पार्टी का झंडा हटाकर तिरंगा: मार्च की सबसे प्लांड स्ट्रेटजी मार्च शुरू होने से पहले ही RJD ने अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दे दिया था कि कोई पार्टी का झंडा लेकर नहीं आएगा। प्रदेश अध्यक्ष की ओर से पत्र जारी हुआ। सभी को तिरंगा लेकर आने को कहा गया। पार्टी ने खुद बड़े साइज के तिरंगे प्लास्टिक पाइप में लगाकर कार्यकर्ताओं को दिए। इसका सीधा मकसद था, पुलिस तिरंगे का अपमान नहीं करेगी और कार्यकर्ताओं छात्रों पर लाठी चार्ज नहीं होगा। 3. ‘पुलिस हमारी दोस्त है’: टकराव की जगह पुलिस को अलग रखा RJD के प्रदर्शनों की पुरानी तस्वीरों में पुलिस से भिड़ती भीड़ और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश आम रही है। इस बार माइक से कई बार कहा गया-‘पुलिस हमारी दोस्त है।’ यानी पार्टी ने कार्यकर्ताओं को समझाया कि पुलिस को विरोधी नहीं बनाना है। राजनीतिक निशाना सिर्फ सरकार और सम्राट चौधरी रहेंगे। 4. वाटर कैनन को भी बनाया कंटेंट: डांस की रील बनाई, Gen Z स्टाइल वाटर कैनन इस मार्च की सबसे बड़ी विजुअल तस्वीर बनी। पानी की बौछार काफी देर तक चली, लेकिन RJD कार्यकर्ता सड़क पर डटे रहे। पानी बंद होने पर भीड़ ने पीछे हटने के बजाय फिर चलाने की मांग कर दी। 5. लालू के दौर का हुड़दंग नहीं: RJD ने ‘अनुशासन’ को नया हथियार बनाया RJD के पुराने आंदोलनों में लालू प्रसाद के दौर के जोश और हुड़दंग वाली भीड़ की तस्वीरें आम रही हैं। इस बार वह तस्वीर काफी कम दिखी। माइक से बार-बार अनुशासन में रहने की अपील होती रही। तिरंगे के सम्मान से लेकर पुलिस से दूरी तक, हर चीज को नियंत्रित किया गया। 6. पूरे मार्च में राष्ट्रभक्ति का माहौल, निशाना सिर्फ सम्राट पर मार्च का पूरा रास्ता एक खास तरीके से तैयार किया गया । RJD के गाने लगातार बजते रहे। बीच-बीच में राष्ट्रभक्ति गीत चलाए गए। हाथों में तिरंगा था। नारे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ थे। यानी पार्टी ने राष्ट्रभक्ति और सरकार विरोध-दोनों को एक ही मंच पर जोड़ दिया। तेजस्वी की आगे की राजनीति के 5 प्लान 1. MY के साथ YOUTH: पुराना यादव-मुस्लिम आधार रहेगा, लेकिन उसके ऊपर रोजगार, परीक्षा और शिक्षा के मुद्दों से नया युवा वोट बैंक जोड़ने की कोशिश होगी। RJD ने लोकभवन जाकर जो मांग पत्र सौंपा उसमें सभी छह मुद्दे शिक्षा और परीक्षा की तैयारी करने वाले युवाओं से ही जुड़े हैं। 2. सड़क पर लगातार वापसी: विधानसभा चुनाव की हार के बाद तेजस्वी अब सिर्फ सदन में सरकार को घेरने के बजाय सड़क पर भी सक्रिय विपक्ष की भूमिका बनाए रखना चाहते हैं। 3. प्रदर्शन की नई भाषा: पार्टी के झंडे, उग्र नारे और हुड़दंग की जगह तिरंगा, युवा, सोशल मीडिया, छोटे नारे और नियंत्रित आक्रामकता दिखाई देगी। 4. सरकार पर सीधा हमला: केंद्र के बजाय बिहार सरकार और खासकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लगातार निशाने पर रखना इस रणनीति का मुख्य हिस्सा रहेगा। 5. युवा भीड़ को संगठित बनाना: जिन स्कूल-कॉलेज युवाओं को प्रदर्शन में लाया गया, अगली चुनौती उन्हें जिला और कॉलेज स्तर के स्थायी नेटवर्क में बदलना रहेगा।

