आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी (AEDO) परीक्षा में कदाचार के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। अतुल राज पाण्डेय नामक इस आरोपी की संलिप्तता श्रीकृष्णापुरी थाना कांड संख्या 132/26 में अनुसंधान के दौरान सामने आई थी। उसे 18 अगस्त को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया गया। यह मामला 23 अप्रैल 2026 का है, जब पटना के एएन कॉलेज स्थित परीक्षा भवन में परीक्षार्थी रौशन कुमार को बायोमेट्रिक्स कर्मी अंशु प्रिया के माध्यम से उत्तर-पुर्जा उपलब्ध कराते हुए पकड़ा गया था। इस संबंध में बिहार लोक परीक्षा अनैतिक कार्य निवारण अधिनियम, 2024 और BNS की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। मामले की जांच आर्थिक अपराध इकाई कर रही है। कंकड़बाग में एक सेंटर पर था तैनात जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार अतुल राज पाण्डेय इस परीक्षा में कंकड़बाग स्थित रघुनाथ उच्च बालिका विद्यालय परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक ऑपरेटर के रूप में तैनात था। जांच के दौरान उसकी सहकर्मी दीपिका कुमारी के मोबाइल फोन से AEDO परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। अतुल का मोबाइल फोन भी परीक्षा केंद्र से जब्त किया गया था। EOU के अनुसार, अतुल राज पाण्डेय पूर्व में विभिन्न परीक्षाओं में जैमर और बायोमेट्रिक्स से जुड़ी कंपनियों के साथ काम कर चुका है। वह इन कंपनियों को मानवबल उपलब्ध कराने का काम भी करता था। इसी कारण जांच एजेंसी को आशंका है कि परीक्षा केंद्रों पर तैनात मानवबल के माध्यम से कदाचार कराने वाले नेटवर्क की जानकारी उसे हो सकती है। पूछताछ में मैनेज्ड सेंटर और सॉल्वर गैंग के सुराग गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में मैनेज्ड परीक्षा केंद्रों और सॉल्वर गैंग से जुड़े कई महत्वपूर्ण सूत्र सामने आने की जानकारी EOU ने दी है। जांच एजेंसी अब इन सुरागों के आधार पर परीक्षा में कदाचार की पूरी कड़ी को खंगाल रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा केंद्रों पर तैनाती से लेकर अभ्यर्थियों तक अनुचित तरीके से मदद पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका थी। EOU ने कहा है कि प्रतियोगिता परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक कराने, कदाचार कराने और इससे आर्थिक लाभ लेने वाले गिरोहों व व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। मामले के अन्य पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी (AEDO) परीक्षा में कदाचार के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। अतुल राज पाण्डेय नामक इस आरोपी की संलिप्तता श्रीकृष्णापुरी थाना कांड संख्या 132/26 में अनुसंधान के दौरान सामने आई थी। उसे 18 अगस्त को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया गया। यह मामला 23 अप्रैल 2026 का है, जब पटना के एएन कॉलेज स्थित परीक्षा भवन में परीक्षार्थी रौशन कुमार को बायोमेट्रिक्स कर्मी अंशु प्रिया के माध्यम से उत्तर-पुर्जा उपलब्ध कराते हुए पकड़ा गया था। इस संबंध में बिहार लोक परीक्षा अनैतिक कार्य निवारण अधिनियम, 2024 और BNS की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। मामले की जांच आर्थिक अपराध इकाई कर रही है। कंकड़बाग में एक सेंटर पर था तैनात जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार अतुल राज पाण्डेय इस परीक्षा में कंकड़बाग स्थित रघुनाथ उच्च बालिका विद्यालय परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक ऑपरेटर के रूप में तैनात था। जांच के दौरान उसकी सहकर्मी दीपिका कुमारी के मोबाइल फोन से AEDO परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। अतुल का मोबाइल फोन भी परीक्षा केंद्र से जब्त किया गया था। EOU के अनुसार, अतुल राज पाण्डेय पूर्व में विभिन्न परीक्षाओं में जैमर और बायोमेट्रिक्स से जुड़ी कंपनियों के साथ काम कर चुका है। वह इन कंपनियों को मानवबल उपलब्ध कराने का काम भी करता था। इसी कारण जांच एजेंसी को आशंका है कि परीक्षा केंद्रों पर तैनात मानवबल के माध्यम से कदाचार कराने वाले नेटवर्क की जानकारी उसे हो सकती है। पूछताछ में मैनेज्ड सेंटर और सॉल्वर गैंग के सुराग गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में मैनेज्ड परीक्षा केंद्रों और सॉल्वर गैंग से जुड़े कई महत्वपूर्ण सूत्र सामने आने की जानकारी EOU ने दी है। जांच एजेंसी अब इन सुरागों के आधार पर परीक्षा में कदाचार की पूरी कड़ी को खंगाल रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा केंद्रों पर तैनाती से लेकर अभ्यर्थियों तक अनुचित तरीके से मदद पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका थी। EOU ने कहा है कि प्रतियोगिता परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक कराने, कदाचार कराने और इससे आर्थिक लाभ लेने वाले गिरोहों व व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। मामले के अन्य पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है।

