राजकीय पॉलिटेक्निक अररिया की एक टीम ने बुधवार को संस्थान के आसपास स्थित दो विद्यालयों का दौरा किया। यह भ्रमण बिहार सरकार के विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा संचालित ‘पहल’ कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को कार्यक्रम के उद्देश्यों और उपलब्ध शैक्षणिक एवं तकनीकी अवसरों से अवगत कराना था। यह आउटरीच कार्यक्रम राजकीय पॉलिटेक्निक अररिया के प्राचार्य डॉ. ठाकुर संजय कुमार के नेतृत्व में आयोजित हुआ। टीम ने छात्र-छात्राओं को ‘पहल’ कार्यक्रम के स्वरूप और इससे मिलने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी दी। निःशुल्क अध्ययन और तकनीकी मार्गदर्शन बताया गया कि इस कार्यक्रम के तहत राजकीय पॉलिटेक्निक अररिया में विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क अध्ययन की व्यवस्था है। कक्षाएं प्रतिदिन शाम चार से पांच बजे तक संचालित होती हैं, जिनमें गणित, अंग्रेजी, कंप्यूटर और विज्ञान विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसका लक्ष्य विद्यार्थियों की बुनियादी शैक्षणिक दक्षता को मजबूत करना और उन्हें तकनीकी शिक्षा के लिए तैयार करना है। ‘पहल’ कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को राजकीय पॉलिटेक्निक अररिया की विभिन्न प्रयोगशालाओं और लैंग्वेज लैब का भ्रमण भी कराया जाता है। इससे उन्हें आधुनिक तकनीकी संसाधनों के व्यावहारिक उपयोग को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिलता है। तकनीकी शिक्षा के प्रति बढ़ रही स्टूडेंट्स की इंटरेस्ट पुस्तकीय ज्ञान के साथ यह व्यावहारिक अनुभव विद्यार्थियों में तकनीकी शिक्षा के प्रति जिज्ञासा और आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक सिद्ध होता है। विद्यालय भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने ‘पहल’ कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक रुचि दिखाई। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. परमेंद्र कुमार मिश्रा ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया और उन्हें उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। प्रत्यक्ष अवलोकन का मिल रहा है अवसर प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों ने भी इस पहल की सराहना की। एक विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने डॉ. मिश्रा को धन्यवाद-पत्र भेजकर विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। प्राचार्य डॉ. ठाकुर संजय कुमार ने बताया कि संस्थान का उद्देश्य आसपास के विद्यालयों के विद्यार्थियों तक पहुंच बनाकर उन्हें तकनीकी शिक्षा की संभावनाओं, शैक्षणिक अवसरों और सरकारी योजनाओं से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि पहल कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को निःशुल्क शैक्षणिक सहयोग के साथ प्रयोगशालाओं एवं लैंग्वेज लैब के प्रत्यक्ष अवलोकन का अवसर मिल रहा है। राजकीय पॉलिटेक्निक अररिया द्वारा ऐसे आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है। राजकीय पॉलिटेक्निक अररिया की एक टीम ने बुधवार को संस्थान के आसपास स्थित दो विद्यालयों का दौरा किया। यह भ्रमण बिहार सरकार के विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा संचालित ‘पहल’ कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को कार्यक्रम के उद्देश्यों और उपलब्ध शैक्षणिक एवं तकनीकी अवसरों से अवगत कराना था। यह आउटरीच कार्यक्रम राजकीय पॉलिटेक्निक अररिया के प्राचार्य डॉ. ठाकुर संजय कुमार के नेतृत्व में आयोजित हुआ। टीम ने छात्र-छात्राओं को ‘पहल’ कार्यक्रम के स्वरूप और इससे मिलने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी दी। निःशुल्क अध्ययन और तकनीकी मार्गदर्शन बताया गया कि इस कार्यक्रम के तहत राजकीय पॉलिटेक्निक अररिया में विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क अध्ययन की व्यवस्था है। कक्षाएं प्रतिदिन शाम चार से पांच बजे तक संचालित होती हैं, जिनमें गणित, अंग्रेजी, कंप्यूटर और विज्ञान विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसका लक्ष्य विद्यार्थियों की बुनियादी शैक्षणिक दक्षता को मजबूत करना और उन्हें तकनीकी शिक्षा के लिए तैयार करना है। ‘पहल’ कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को राजकीय पॉलिटेक्निक अररिया की विभिन्न प्रयोगशालाओं और लैंग्वेज लैब का भ्रमण भी कराया जाता है। इससे उन्हें आधुनिक तकनीकी संसाधनों के व्यावहारिक उपयोग को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिलता है। तकनीकी शिक्षा के प्रति बढ़ रही स्टूडेंट्स की इंटरेस्ट पुस्तकीय ज्ञान के साथ यह व्यावहारिक अनुभव विद्यार्थियों में तकनीकी शिक्षा के प्रति जिज्ञासा और आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक सिद्ध होता है। विद्यालय भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने ‘पहल’ कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक रुचि दिखाई। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. परमेंद्र कुमार मिश्रा ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया और उन्हें उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। प्रत्यक्ष अवलोकन का मिल रहा है अवसर प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों ने भी इस पहल की सराहना की। एक विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने डॉ. मिश्रा को धन्यवाद-पत्र भेजकर विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। प्राचार्य डॉ. ठाकुर संजय कुमार ने बताया कि संस्थान का उद्देश्य आसपास के विद्यालयों के विद्यार्थियों तक पहुंच बनाकर उन्हें तकनीकी शिक्षा की संभावनाओं, शैक्षणिक अवसरों और सरकारी योजनाओं से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि पहल कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को निःशुल्क शैक्षणिक सहयोग के साथ प्रयोगशालाओं एवं लैंग्वेज लैब के प्रत्यक्ष अवलोकन का अवसर मिल रहा है। राजकीय पॉलिटेक्निक अररिया द्वारा ऐसे आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है।

