Botox Treatment Safety: आज के समय में सेलेब्रिटी और इंफ्लुएंसर से लेकर आम लोग भी बोटॉक्स करवाने लगे हैं। ऐसे में सही डॉक्टर, सही प्रोडक्ट और सही जगह का चुनाव बहुत जरूरी है। गलत तरीके से बोटॉक्स करवाने पर समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए इसे किसी भी जगह या किसी भी व्यक्ति से नहीं करवाना चाहिए। जानते हैं बोटॉक्स करवाते समय प्रोडक्ट और डॉक्टर से जुड़ी किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
लाइसेंस प्राप्त डॉक्टर से ही करवाएं
रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (Centers for Disease Control and Prevention) के अनुसार, बोटॉक्स करवाने से पहले यह जरूर जांच लें कि इंजेक्शन लगाने वाला डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी लाइसेंस प्राप्त है और उसे बोटुलिनम टॉक्सिन देने की सही ट्रेनिंग मिली है। घर, स्पा या ऐसी जगह पर इंजेक्शन करवाने से बचें, जहां जरूरी मेडिकल सुविधा और प्रशिक्षित व्यक्ति मौजूद न हो। इसके साथ ही खुद से बोटॉक्स लगाने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए।
बोटॉक्स के प्रोडक्ट की जानकारी जरूर लें
रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के अनुसार, डॉक्टर से पूछें कि इस्तेमाल किया जा रहा बोटॉक्स या बोटुलिनम टॉक्सिन किसी अधिकृत स्रोत से लिया गया है या नहीं। बिना लेबल वाले या संदिग्ध प्रोडक्ट का इस्तेमाल नहीं करवाना चाहिए।
अपनी दवाओं के बारे में डॉक्टर को बताएं
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, बोटॉक्स करवाने से पहले डॉक्टर को बताएं कि आपने पिछले चार महीनों में बोटॉक्स का इंजेक्शन लिया है या नहीं। अगर आप खून पतला करने वाली दवाएं लेते हैं तो इसकी जानकारी भी डॉक्टर को दें। ऐसी दवाओं को खुद से बंद नहीं करना चाहिए।
अपनी सेहत से जुड़ी जानकारी न छिपाएं
बोटॉक्स करवाने से पहले अपनी किसी बीमारी, पहले हुए बोटॉक्स ट्रीटमेंट और चल रही दवाओं के बारे में डॉक्टर को पूरी जानकारी दें। इससे डॉक्टर यह तय करने में मदद कर सकते हैं कि यह ट्रीटमेंट आपके लिए सही है या नहीं।
गर्भावस्था और स्तनपान के केस में डॉक्टर से सलाह लें
मेयो क्लिनिक के अनुसार, गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान आमतौर पर बोटॉक्स की सलाह नहीं दी जाती है। ऐसी स्थिति में बोटॉक्स करवाने से पहले डॉक्टर से जरूर बात करें।
बोटॉक्स के बाद इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
बोटॉक्स सही तरीके से और प्रशिक्षित डॉक्टर की देखरेख में करवाया जाए तो आम तौर पर सुरक्षित माना जाता है। फिर भी इसके बाद इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द, सूजन या नीला पड़ना, सिरदर्द और आंखों की पलक झुकना जैसी परेशानी हो सकती है। रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के अनुसार, अगर इंजेक्शन का असर शरीर के दूसरे हिस्सों तक फैल जाए तो निगलने या सांस लेने में परेशानी, मांसपेशियों में कमजोरी, आंखों से धुंधला या दोहरा दिखाई देना और पलक झुकने जैसी गंभीर समस्या हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत मेडिकल मदद लेनी चाहिए।
बोटॉक्स के बाद क्या सावधानी रखें?
मेयो क्लिनिक के अनुसार, इंजेक्शन वाली जगह को 24 घंटे तक रगड़ना या मसाज नहीं करना चाहिए। इंजेक्शन लगवाने के बाद 2 से 4 घंटे तक लेटने से भी बचना चाहिए।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

