कटिहार में श्री गुरु संत रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में ‘श्री गुरु संत रविदास समरसता संकल्प अभियान’ शुरू किया गया है। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने 19 अगस्त, बुधवार को समाहरणालय में एक प्रेस वार्ता कर इस अभियान की विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी ने बताया कि बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के निर्देश पर यह अभियान पूरे राज्य में चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज में समानता, समरसता और सामाजिक सद्भाव स्थापित करना है। अभियान का एक अन्य लक्ष्य वंचित वर्गों तक सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना भी है। कटिहार जिले में इस अभियान के तहत कई प्रमुख गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें 18 से 20 अगस्त, 2026 तक कलश यात्रा का आयोजन शामिल है। जिलाधिकारी के अनुसार, जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर कलश यात्राएं निकाली जाएंगी, जिनका उद्देश्य सामाजिक समरसता का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाना है। अभियान के अंतर्गत ‘श्री संत रविदास विकास शिविर’ भी लगाए जाएंगे। ये शिविर 27 अगस्त, 2026 से 15 फरवरी, 2027 तक प्रत्येक बृहस्पतिवार को अनुसूचित जाति बहुल टोलों में आयोजित होंगे। योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ किया जाएगा सुनिश्चित इन शिविरों में सरकार की सभी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित किया जाएगा। राजस्व, पेंशन, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगेंगे, जहां आवेदनों का तत्काल निपटारा होगा। इसके अतिरिक्त, अभियान के दौरान संत रविदास के विचारों और उनकी वाणी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसका लक्ष्य समाज में “मनुष्य-मनुष्य एक समान” का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। युवाओं को अभियान से जोड़ने के लिए जिला स्तर पर कई विशेष कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इनमें खेल कूद, साइकिल रैली, वाद-विवाद, निबंध और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं शामिल हैं। 3D प्रिंटिंग पर लगाए गए शिविर युवाओं के लिए 3D प्रिंटिंग, AI और इंडस्ट्री 4.0 पर कौशल प्रशिक्षण शिविर भी लगाए जाएंगे। डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालयों में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रेरणा सत्र आयोजित किए जाएंगे। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने आम जनता, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि “करम बंधन में बन्ध रहियो, फल की ना तजियो आस” – संत रविदास के इस संदेश को हमें अपने जीवन में उतारना होगा। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अभियान को सफल बनाने के लिए समयबद्ध रूप से तैयारी पूरी कर ली जाए। कटिहार में श्री गुरु संत रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में ‘श्री गुरु संत रविदास समरसता संकल्प अभियान’ शुरू किया गया है। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने 19 अगस्त, बुधवार को समाहरणालय में एक प्रेस वार्ता कर इस अभियान की विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी ने बताया कि बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के निर्देश पर यह अभियान पूरे राज्य में चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज में समानता, समरसता और सामाजिक सद्भाव स्थापित करना है। अभियान का एक अन्य लक्ष्य वंचित वर्गों तक सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना भी है। कटिहार जिले में इस अभियान के तहत कई प्रमुख गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें 18 से 20 अगस्त, 2026 तक कलश यात्रा का आयोजन शामिल है। जिलाधिकारी के अनुसार, जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर कलश यात्राएं निकाली जाएंगी, जिनका उद्देश्य सामाजिक समरसता का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाना है। अभियान के अंतर्गत ‘श्री संत रविदास विकास शिविर’ भी लगाए जाएंगे। ये शिविर 27 अगस्त, 2026 से 15 फरवरी, 2027 तक प्रत्येक बृहस्पतिवार को अनुसूचित जाति बहुल टोलों में आयोजित होंगे। योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ किया जाएगा सुनिश्चित इन शिविरों में सरकार की सभी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित किया जाएगा। राजस्व, पेंशन, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगेंगे, जहां आवेदनों का तत्काल निपटारा होगा। इसके अतिरिक्त, अभियान के दौरान संत रविदास के विचारों और उनकी वाणी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसका लक्ष्य समाज में “मनुष्य-मनुष्य एक समान” का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। युवाओं को अभियान से जोड़ने के लिए जिला स्तर पर कई विशेष कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इनमें खेल कूद, साइकिल रैली, वाद-विवाद, निबंध और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं शामिल हैं। 3D प्रिंटिंग पर लगाए गए शिविर युवाओं के लिए 3D प्रिंटिंग, AI और इंडस्ट्री 4.0 पर कौशल प्रशिक्षण शिविर भी लगाए जाएंगे। डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालयों में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रेरणा सत्र आयोजित किए जाएंगे। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने आम जनता, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि “करम बंधन में बन्ध रहियो, फल की ना तजियो आस” – संत रविदास के इस संदेश को हमें अपने जीवन में उतारना होगा। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अभियान को सफल बनाने के लिए समयबद्ध रूप से तैयारी पूरी कर ली जाए।

