दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में आरपीएफ ने अंतर्राज्यीय रेलवे टिकट दलाल गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई में आरोपियों के पास से करीब 3.68 लाख रुपए के रेलवे आरक्षित टिकट और पीएनआर से जुड़ी जानकारी मिली है। आरपीएफ निरीक्षक अंबिकापुर सुनीता मिंज की जांच में सामने आया कि गिरोह का नेटवर्क बैकुंठपुर के सिटी पीआरएस से लेकर बनारस और भदोही तक फैला था। जांच में पता चला कि पीआरएस से जुड़ा एक संविदा कर्मचारी अवैध तरीके से रेलवे टिकट बनाता था। इसके बाद ये टिकट बनारस भेजे जाते थे। बस चालकों के जरिए भेजते थे टिकट बनारस में मौजूद दलाल इन टिकटों को ग्राहकों को ज्यादा कीमत पर बेचते थे। टिकटों को एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाने के लिए बस चालकों की मदद ली जाती थी। इस तरह गिरोह टिकटों पर कमीशन और अतिरिक्त रकम कमाता था। मोबाइल से 60 टिकटों की जानकारी मिली जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन में व्हाट्सएप चैट मिली। इसमें 60 रेलवे आरक्षित टिकटों से जुड़ी जानकारी थी। इन टिकटों की कुल कीमत करीब 3.68 लाख रुपए बताई गई है। इनमें 14 टिकटों पर पीएनआर और अन्य जानकारी हाथ से लिखी मिली। 3 आरोपी गिरफ्तार आरपीएफ ने इस मामले में रेल अधिनियम की धारा 143 के तहत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अविनाश कुमार (35), निवासी कोरिया; संजय विश्वकर्मा (48), निवासी भदोही, उत्तर प्रदेश और रवि शंकर (38), निवासी सूरजपुर के रूप में हुई है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी आरपीएफ अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास भी जारी हैं। कार्रवाई से रेलवे टिकट बनाने से लेकर उन्हें ग्राहकों को बेचने तक चल रहे पूरे अवैध नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

