शाहजहांपुर में बुधवार सुबह करीब आठ बजे एक सर्राफा व्यापारी का शव पास के मकान में मिला है। वो लखनऊ के मलिहाबाद थाने में एक मामले में वांछित चल थे। उनकी पत्नी ने आरोप लगाया है कि लखनऊ पुलिस ने रात को दबिश दी। इस दौरान उनके पति को छत से धक्का देकर मार डाला। जानकारी के अनुसार, उमेश गुप्ता (60) के खिलाफ लखनऊ के मलिहाबाद थाने में वर्ष 2025 में एक मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें वे वांछित थे। कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया था। इसी वारंट के आधार पर मलिहाबाद पुलिस ने निगोही पुलिस के साथ मिलकर 18 और 19 अगस्त की दरमियानी रात करीब तीन बजे उमेश गुप्ता के घर पर दबिश दी। पत्नी संतोष कुमारी का आरोप है कि लगभग आधा दर्जन पुलिसकर्मी घर में घुस आए। पत्नी के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने उनके पति को पकड़ा और छत पर ले जाकर नीचे फेंक दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी पहले भी उनके पति से धन उगाही कर चुके थे। उनका आरोप है कि इसी वजह से पुलिसकर्मी उनके पति से रंजिश मानने लगे थे और उन्होंने हत्या की है। पत्नी ने घर की तलाशी और जेवर ले जाने का भी आरोप लगाया। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग की है। फिलहाल, पुलिस अधिकारी मृतक के परिवार से बातचीत कर रहे हैं। सूचना के बाद व्यापारी वर्ग के लोग मृतक के परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिवार से बातचीत की और पुलिस के इस रवैया पर नाराजगी जताई। पुलिस के अनुसार, लखनऊ की मलिहाबाद पुलिस ने वारंट प्राप्त होने पर शाहजहांपुर में वांछित के घर पूछताछ के लिए गई थी। सहयोग के लिए निगोही पुलिस भी साथ गई थी। लेकिन वांछित घर पर नहीं मिला, जिससे पूछताछ व वारंट तामील नहीं हो सका। बुधवार सुबह उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना मिली है। एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि उमेश गुप्ता लखनऊ पुलिस के एक मुकदमे में वांछित थे। उनका शव मिला है। पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। परिवार के जो भी आरोप है उसकी जांच कराई जाएगी।

