सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र की ग्राम पंचायत खानपुर गुर्जर में जीवित लोगों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के आरोप में पंचायत सचिव गौरव शर्मा और पंचायत सहायक साबिर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। डीएम अरविंद कुमार चौहान के निर्देश पर मंगलवार रात करीब 12 बजे गंगोह थाने में दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। दोनों पर धोखाधड़ी, बेईमानी, आपराधिक षड्यंत्र और सरकारी दस्तावेजों में जालसाजी समेत विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की गई है। शिकायत के बाद गठित हुई जांच समिति मामला ग्राम पंचायत खानपुर गुर्जर के निवासी जाबिर, शराफत चौधरी और जुल्फकार की शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत का संज्ञान लेते हुए सहारनपुर के मुख्य विकास अधिकारी ने 3 अगस्त को दो सदस्यीय जांच समिति गठित की। इसमें जिला विकास अधिकारी धीरेन्द्र कुमार और दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी अजय कुमार को शामिल किया गया। समिति ने 6 और 7 अगस्त को मामले की जांच की और 12 अगस्त को अपनी रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को सौंप दी। जांच रिपोर्ट में पंचायत सहायक साबिर पर पंचायत सचिव की सीआरएस पोर्टल आईडी और पासवर्ड का कथित रूप से दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है। इसी आईडी के जरिए जीवित लोगों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने की बात सामने आई। इनमें से कई प्रमाण पत्र बाद में निरस्त भी किए गए। फर्जी दस्तावेजों से ऋण धोखाधड़ी का आरोप जांच में सामने आया कि कथित फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल बैंक ऋण से जुड़ी धोखाधड़ी और साइबर अपराध में किया गया। आरोप है कि संबंधित महिलाओं से अवैध वसूली भी की गई। समिति ने सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ और सरकारी धन के दुरुपयोग को गंभीर मामला मानते हुए दोनों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की सिफारिश की। सचिव निलंबित, पंचायत सहायक बर्खास्त जांच में पंचायत सचिव गौरव शर्मा को संवेदनशील ऑनलाइन पोर्टल की आईडी और पासवर्ड पंचायत सहायक के साथ साझा करने तथा शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया। रिपोर्ट के आधार पर गौरव शर्मा को निलंबित कर दिया गया है, जबकि पंचायत सहायक साबिर की बर्खास्तगी के आदेश जारी किए गए हैं। सहायक विकास अधिकारी पंचायत कुशलपाल सिंह की तहरीर पर दर्ज मुकदमे की पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

