ग्वालियर में कारोबारी दोस्त ही निकला फ्रॉड:फर्जी फर्में और जीएसटी की हेराफेरी कर की 4.43 करोड़ की ठगी

ग्वालियर में कारोबारी दोस्त ही निकला फ्रॉड:फर्जी फर्में और जीएसटी की हेराफेरी कर की 4.43 करोड़ की ठगी

ग्वालियर में दोस्ती में शुरू किया गया व्यापार कुछ समय के बाद धोखाधड़ी में बदल गया। टीन (कनस्तर) का व्यापार करने के लिए शुरू की गईं फर्म के दस्तावेजों व जीएसटी में हेरफेर करके 4 करोड़ 43 लाख रुपए से अधिक की ठगी कर ली गई। घटना 2 मार्च 2020 से 24 जनवरी 2026 के बीच सांई अपार्टमेंट हैलीपेड कॉलोनी की है। जब दोस्त ने रुपए लौटाने से इंकार कर दिया तो पीड़ित पक्ष ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट में सुनवाई के बाद झांसी रोड थाना पुलिस को आदेशित किया गया कि मामले में षडयंत्र रचने और धोखाधड़ी करने का प्रकरण दर्ज किया जाए। पुलिस ने मंगलवार को इस मामले में धोखाधड़ी का केस कायम कर जांच शुरु कर दी है। झांसी रोड थाना क्षेत्र के लश्कर निवासी व्यापारी विशाल तेजा के साथ उनके ही परिचित कारोबारी साथी अनिल कुमार इसरानी और उसके सहयोगियों ने 4,43,50,815 रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। जालसाजों ने पीड़ित को अपनी बातों में फंसाकर व्यापार में निवेश कराया, फिर बिना उसकी जानकारी के फर्जी फर्में बनाकर जीएसटी की हेरफेर की और व्यापार का सारा माल व वाहन हड़प लिए। प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद पुलिस ने अनिल इसरानी, उसकी पत्नी शोभा इसरानी, सनी लोहानी, भगीरथ उर्फ गिल्लू, लछमीचंद उर्फ लल्लू और खेमराज उर्फ गुड्डू के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। झांसे में लेकर कराया निवेश, फिर रची फर्जीवाड़े की पटकथा फरियादी विशाल तेजा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 2 मार्च 2020 में अनिल इसरानी और उसकी पत्नी शोभा उनके घर आए थे। आरोपियों ने चाय के कारोबार में घाटा होने और कर्जदारों के परेशान करने की बात कहकर विशाल को व्यापार में शामिल होने का प्रस्ताव दिया। आरोपी के झांसे में आकर फरियादी ने अलग-अलग तारीखों में 15 लाख रुपए दे दिए और व्यापारियों को जोड़कर चाय का कारोबार शुरू कराया। इसके बाद आरोपियों ने ट्रांसपोर्ट का काम शुरू करने का झांसा देकर विशाल से करीब 28.67 लाख रुपये और लगवाए, जिससे ट्रक और लोडिंग वाहन खरीदे गए। फर्जी फर्में बनाकर की जीएसटी की हेरफेर वर्ष 2022 में पीड़ित विशाल के पिता की तबीयत खराब होने पर आरोपी अनिल और सनी लोहानी ने डिजिटल सिग्नेचर (DSC) व कागजातों का दुरुपयोग कर कई फर्में और फर्जी शाखाएं जयपुर व दिल्ली में खोल लीं। आरोपियों ने बिना किसी वास्तविक सामान की आपूर्ति के फर्जी बिल और ई-वे बिल जनरेट कर करोड़ों रुपये की जीएसटी की हेरफेर की। जब जीएसटी विभाग की टीम ने दिल्ली स्थित गोदाम पर छापा मारा, तो सारा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। गोदाम पर कब्जा किया, विरोध करने पर दी जान से मारने की धमकी अक्टूबर 2023 में जब विशाल अपना हिसाब मांगने अनिल के गोदाम पहुंचे, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज व मारपीट की। आरोपियों ने फरियादी के दिल्ली व अन्य स्थानों पर स्थित गोदामों पर ताला लगा दिया और सामान, ट्रक तथा लोडिंग वाहन अपने कब्जे में ले लिए। जब फरियादी ने पैसे मांगे, तो झूठे केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी गई। सीएसपी रवि भदौरिया ने बताया कि एक व्यापारी को उनके ही दोस्त व साझेदार ने व्यापार में दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की है। फरियादी ने कोर्ट में मामले की शिकायत की थी, जिस पर मामला दर्ज कर लिया है।

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