शाहजहांपुर में बिना अनुमति मशाल जुलूस निकालने की तैयारी को लेकर मंगलवार शाम कांग्रेसियों और पुलिस के बीच विवाद हो गया। पुलिस ने कांग्रेस के अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष सईद अंसारी को करीब पांच घंटे तक थाने में रखा। शाम करीब 6 बजे कांग्रेस जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता समेत अन्य पदाधिकारी थाने पहुंचे तो पुलिस और कांग्रेसियों के बीच धक्का-मुक्की हो गई। घटना का वीडियो रात करीब 8 बजे सामने आया। बिना अनुमति मशाल जुलूस निकालने की थी तैयारी पुलिस के मुताबिक, कांग्रेस की ओर से मंगलवार शाम मशाल जुलूस निकालने की तैयारी की जा रही थी। इसके लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी। सीओ सिटी देवव्रत वाजपेयी ने बताया कि क्षेत्र में धारा 144 लागू है। इसी के चलते कांग्रेस अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष सईद अंसारी को शाम करीब 4 बजे वार्ता के लिए थाने बुलाया गया था। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिए जाने से इनकार किया है।
कांग्रेस का आरोप- मोबाइल बंद कर थाने में बैठाया कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सईद अंसारी को पहले चौकी और फिर थाने में वार्ता के नाम पर लाया गया। आरोप है कि उनका मोबाइल भी बंद करके रख लिया गया। इसकी जानकारी मिलने पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता उर्फ मुन्ना शाम करीब 6 बजे अन्य पदाधिकारियों के साथ थाने पहुंचे। पुलिस और कांग्रेसियों में हुई धक्का-मुक्की कांग्रेसियों का आरोप है कि थाना प्रभारी के कार्यालय से बाहर निकलते ही पदाधिकारियों के साथ अभद्रता की गई। इसके बाद पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मियों और कांग्रेस पदाधिकारियों के बीच धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है।
थाने में धरने पर बैठे कांग्रेसी विवाद के बाद आक्रोशित कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता थाने परिसर में ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। करीब आधे घंटे तक थाने में हंगामे की स्थिति बनी रही। बाद में कुछ पुलिसकर्मियों ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष को समझाकर बातचीत की। इसके बाद पुलिस ने सईद अंसारी को कांग्रेस जिलाध्यक्ष के साथ जाने दिया। पुलिस बोली- कानून व्यवस्था के चलते की गई कार्रवाई सीओ सिटी देवव्रत वाजपेयी ने कहा कि क्षेत्र में धारा 144 लागू है और बिना अनुमति मशाल जुलूस निकालने की तैयारी की जा रही थी। इसी वजह से सईद अंसारी को बातचीत के लिए थाने बुलाया गया था। उन्होंने हिरासत में लिए जाने के आरोप से इनकार किया।

