मांडा क्षेत्र में लगातार आठ घंटे की भारी बारिश के कारण तालाब पूरी तरह भर गए हैं। जलस्तर बढ़ने से तालाबों का पानी निचले इलाकों, खेतों और कई घरों तक पहुंच गया है, जिससे किसानों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। तालाबों का पानी खेतों में घुसने से धान की फसलें जलमग्न हो गई हैं। कई स्थानों पर खेतों में बड़ी मात्रा में पानी जमा हो गया है। यदि समय पर पानी की निकासी नहीं हुई, तो खड़ी धान की फसलें खराब हो सकती हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। घरों के आसपास पानी पहुंचने से ग्रामीण भी संभावित नुकसान को लेकर चिंतित हैं। लगातार बारिश और जलस्तर में वृद्धि की स्थिति में घर-गृहस्थी का सामान प्रभावित होने और आवागमन बाधित होने का खतरा बना हुआ है। किसान कुलदीप कुमार, सुदामा, नागेंद्र कुमार, अरुण कुमार और संदीप ने बताया कि लगातार बारिश से स्थिति गंभीर हो गई है। उनका कहना है कि यदि तालाबों का पानी इसी तरह बढ़ता रहा, तो खेतों की फसल के साथ-साथ ग्रामीण आबादी को भी बड़े पैमाने पर नुकसान झेलना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है।

