बांसवाड़ा के राजतालाब थाना क्षेत्र में पुलिस पर महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मियों ने रात के वक्त घर में घुसकर महिलाओं के साथ गाली-गलौज की और लाठी-डंडों से मारपीट की। घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है। पीड़ित महिला और परिजनों ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस बारे में राजतालाब थानाधिकारी श्याम सिंह ने बताया कि युवती का भाई लूट के मामले में संदिग्ध हैं, उसे पकड़ने के लिए घर गए थे। मारपीट के आरोप बेबुनियाद और झूठे हैं। बोले- 112 नंबर बोलेरो में आए थे पीड़ित परिवार के अनुसार, घटना 18 अगस्त की तड़के करीब 3 से 4 बजे की है। पीड़िता और उसकी मां अपने घर में सो रही थीं। इसी दौरान डायल 112 नंबर की बोलेरो वाहन से कुछ पुलिसकर्मी वहां पहुंचे। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने घर के दरवाजे पर लात मारकर उसे खोला और अंदर घुस गए। जब परिवार की महिलाओं ने उनसे पूछताछ की और इतनी रात को आने का कारण पूछा, तो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्रता शुरू कर दी। नर्सिंग कर रही युवती से मारपीट का आरोप पीड़िता ने बताया कि वह एक निजी अस्पताल में जॉब करती है और इसी से अपने परिवार का भरण-पोषण करती है। जब उसने पुलिसकर्मियों से पूछताछ की तो उन्होंने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसके सिर पर कई बार डंडे बरसाए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। बीच-बचाव करने आई उसकी मां के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। घायल अवस्था मेंपीड़िता को महात्मा गांधी चिकित्सालय, बांसवाड़ा में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। वर्दी में थे लेकिन नेम प्लेट हटा रखी थी पीड़ितों का यह भी आरोप है कि घर में घुसे कुछ पुलिसकर्मी सादी वर्दी में थे और कुछ वर्दी में थे, लेकिन उनकी वर्दी से नेम प्लेट्स हटाई हुई थीं। पुलिसकर्मियों ने इस दौरान पीड़िता का मोबाइल तोड़ने की भी कोशिश की, जिसे उसने किसी तरह बचा लिया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने निवर्तमान उपजिला प्रमुख विकास बामणिया के नेतृत्व में एसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। परिजनों की मांग है कि घर में घुसकर मारपीट करने वाले सभी पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित किया जाए।

