शाहजहांपुर में खाद की कालाबाजारी के मामले में ढकिया रघा सहकारी संघ प्रभारी रोहित कुमार सिंह और पिकअप वाहन चालक अंकुर सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई तीन दिन की जांच के बाद की गई। यह घटना तीन-तीन मंत्रियों के जिले में हुई। जांच में सामने आया कि 8 से 13 अगस्त के बीच किसानों के अंगूठे लगवाकर पीओएस मशीन से खाद की बिक्री को खारिज कर दिया गया था। इसके बावजूद किसानों को गुमराह कर उन्हें खाद नहीं दी गई। संघ प्रभारी ने पीओएस मशीन द्वारा खारिज की गई 60 बोरी डीएपी की कालाबाजारी की। जांच में सामने आया कि, यह खाद तिरंगे झंडे लगाकर करीब 50 किलोमीटर दूर बंडा थाना क्षेत्र के इंदलपुर गांव भेजी जा रही थी। 14 अगस्त की शाम पुवायां थाने को सूचना मिली कि सहकारी संघ ढकिया रघा तिलहर से 60 बोरी डीएपी बिना बिल के पिकअप चालक अंकुर सिंह के माध्यम से भेजी जा रही है। सूचना पर वाहन को थाने लाया गया। सूचना मिलने के बाद कृषि विभाग की टीम ने 15 अगस्त को पुवायां थाने पहुंचकर खाद का निरीक्षण किया और जांच के लिए नमूना लिया।इसके बाद टीम ने तिलहर के ढकिया रघा सहकारी संघ का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि संघ प्रभारी रोहित कुमार सिंह ने किसानों को भ्रमित कर अंगूठे लगवाकर डीएपी इकट्ठा की और उसकी कालाबाजारी व ओवर-रेटिंग की।जांच में रोहित कुमार सिंह और वाहन चालक अंकुर सिंह द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम का उल्लंघन पाया गया।जिलाधिकारी के निर्देश पर दोनों के खिलाफ तहरीर दी गई,जिसके आधार पर पुलिस ने सोमवार की रात एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। सूत्रो की माने तो जिस सहकारी संघ से इस खाद की कालाबाजारी की जा रही थी।वहां पर इससे पहले भी इसी तरह की कालाबाजारी की जा चुकी है। 15 अगस्त का फायदा उठाकर पिकअप पर तिरंगा झंडे लगाकर ये खाद भेजी जा रही थी।ताकि झंडे लगे होने के कारण रास्ते में कोई भी वाहन को रोकेगा नही।इसी तरह अगर बारीकी से गहन जांच की जाए तो जिले में अलग अलग सहकारी संघ में इस तरह की खामिया सामने आ सकती हैं। बता दें कि, 14 अगस्त की शाम वाहन को पकड़े जाने के बाद रात भर थाने का सिपाही डीपी यादव खाद को छुड़वाने के लिए डील करता रहा, इस मामले उसने एक व्यक्ति से अभद्रता और गाली-गलौच भी की, जब ये मामला एसपी सौरभ दीक्षित तक पहुंचा तो उन्होंने गंभीरता से लेते हुए सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया था।

