बारिश के बीच रोते रहे चयनित युवा:रात 1 बजे… आजतक जहां नौकरी करते थे वहीं धरने पर बैठ गए सीजीएल के सफल अभ्यर्थी

बारिश के बीच रोते रहे चयनित युवा:रात 1 बजे… आजतक जहां नौकरी करते थे वहीं धरने पर बैठ गए सीजीएल के सफल अभ्यर्थी

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जैसे ही सीजीएल रद्द करने की घोषणा की, सीजीएल के सफल अभ्यर्थियों के पैर के नीचे से जमीन खिसक गई। वे प्रोजेक्ट भवन के पास ही धरने पर बैठ गए। देर रात तक वे धरने पर ही बैठे रहे। सफल अभ्यर्थियों के परिजन भी परेशान रहे। कई के परिजन प्रोजेक्ट भवन पहुंचे और परेशान अपने बच्चों को अपने साथ लेकर गए। कैबिनेट की बैठक के दौरान सोमवार की देर शाम बड़ी संख्या में सीजीएल के सफल अभ्यर्थी प्रोजेक्ट भवन के बाहर पहुंच गए थे। बैठक में विभिन्न परीक्षाओं को निरस्त करने का फैसला लेने से पहले ही रात 8.35 बजे प्रोजेक्ट भवन को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। प्रोजेक्ट भवन के अंदर सिटी एसपी, जबकि बाहर ट्रैफिक एसपी व ग्रामीण एसपी को सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा दिया गया था। एएसओ पद पर तैनात रौशन रोते हुए बोला, “पूरी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी।” “कुछ लोगों की गलती की सजा निर्दोष को न दें।” एएसओ के पद पर तैनात रौशन कुमार ने कहा कि सरकार को जांच करानी है तो करा ले, लेकिन हम सभी के साथ अन्याय न करे। काफी मेहनत से परीक्षा पास की है, पूरी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। वह सभी तरह से जांच कराने के लिए तैयार हैं, जो भी डॉक्यूमेंट चाहिए होंगे, उपलब्ध कराएंगे। परीक्षा रद्द हुई तो रोने लगे सीजीएल पास अभ्यर्थी, परेशान परिजन लेने पहुंचे प्रोजेक्ट भवन प्रोजेक्ट भवन के बाहर सीजीएल के कई सफल अभ्यर्थी दहाड़ मारकर रोने लगे। कोई सड़क किनारे लेट गया तो कोई प्रोजेक्ट भवन के गेट पर बैठकर रोने लगा। कई अभ्यर्थी अपने परिजनों को फोन कर रोते हुए परीक्षा रद्द होने के बाद अपनी जिंदगी बर्बाद होने की सूचना देने लगे। मीडियाकर्मियों से उलझे अभ्यर्थी, हस्तक्षेप के बाद माफी मांगी प्रोजेक्ट भवन के बाहर मौजूद मीडियाकर्मियों से सीजीएल के सफल अभ्यर्थी भिड़ गए। मीडियाकर्मियों ने कड़ा विरोध जताया। इसके बाद सीजीएल छात्र शांत हुए और कुछ लोगों ने अभद्र व्यवहार किए जाने के लिए माफी मांगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जैसे ही सीजीएल रद्द करने की घोषणा की, सीजीएल के सफल अभ्यर्थियों के पैर के नीचे से जमीन खिसक गई। वे प्रोजेक्ट भवन के पास ही धरने पर बैठ गए। देर रात तक वे धरने पर ही बैठे रहे। सफल अभ्यर्थियों के परिजन भी परेशान रहे। कई के परिजन प्रोजेक्ट भवन पहुंचे और परेशान अपने बच्चों को अपने साथ लेकर गए। कैबिनेट की बैठक के दौरान सोमवार की देर शाम बड़ी संख्या में सीजीएल के सफल अभ्यर्थी प्रोजेक्ट भवन के बाहर पहुंच गए थे। बैठक में विभिन्न परीक्षाओं को निरस्त करने का फैसला लेने से पहले ही रात 8.35 बजे प्रोजेक्ट भवन को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। प्रोजेक्ट भवन के अंदर सिटी एसपी, जबकि बाहर ट्रैफिक एसपी व ग्रामीण एसपी को सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा दिया गया था। एएसओ पद पर तैनात रौशन रोते हुए बोला, “पूरी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी।” “कुछ लोगों की गलती की सजा निर्दोष को न दें।” एएसओ के पद पर तैनात रौशन कुमार ने कहा कि सरकार को जांच करानी है तो करा ले, लेकिन हम सभी के साथ अन्याय न करे। काफी मेहनत से परीक्षा पास की है, पूरी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। वह सभी तरह से जांच कराने के लिए तैयार हैं, जो भी डॉक्यूमेंट चाहिए होंगे, उपलब्ध कराएंगे। परीक्षा रद्द हुई तो रोने लगे सीजीएल पास अभ्यर्थी, परेशान परिजन लेने पहुंचे प्रोजेक्ट भवन प्रोजेक्ट भवन के बाहर सीजीएल के कई सफल अभ्यर्थी दहाड़ मारकर रोने लगे। कोई सड़क किनारे लेट गया तो कोई प्रोजेक्ट भवन के गेट पर बैठकर रोने लगा। कई अभ्यर्थी अपने परिजनों को फोन कर रोते हुए परीक्षा रद्द होने के बाद अपनी जिंदगी बर्बाद होने की सूचना देने लगे। मीडियाकर्मियों से उलझे अभ्यर्थी, हस्तक्षेप के बाद माफी मांगी प्रोजेक्ट भवन के बाहर मौजूद मीडियाकर्मियों से सीजीएल के सफल अभ्यर्थी भिड़ गए। मीडियाकर्मियों ने कड़ा विरोध जताया। इसके बाद सीजीएल छात्र शांत हुए और कुछ लोगों ने अभद्र व्यवहार किए जाने के लिए माफी मांगी।  

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