मुंगेली जिले के घानाघाट में 24 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, अरुण पटेल उर्फ वेद प्रसाद पटेल की हत्या ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर पति-पत्नी ने मिलकर की थी। आरोपियों ने पहले अरुण को घर बुलाया और दूध में नींद की दवा मिलाकर पिला दी। उसके बेहोश होने के बाद गमछे से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को घर से दूर सड़क किनारे फेंक दिया गया। पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। महाराष्ट्र में मजदूरी के दौरान बने थे संबंध पुलिस की जांच के अनुसार, करीब तीन साल पहले अरुण पटेल, मुकेश पटेल और उसकी पत्नी मनीषा पटेल महाराष्ट्र में मजदूरी करने गए थे। तीनों एक ही कमरे में रहते थे। इसी दौरान अरुण और मनीषा के बीच संबंध बने। पुलिस का कहना है कि शारीरिक संबंध के दौरान अरुण ने मनीषा का मोबाइल से वीडियो बना लिया था। बाद में इसी वीडियो को लेकर विवाद शुरू हुआ। वीडियो वायरल करने की धमकी का आरोप पुलिस के मुताबिक, गांव लौटने के बाद अरुण कथित तौर पर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मनीषा को ब्लैकमेल करने लगा। परेशान मनीषा ने इसकी जानकारी अपने पति मुकेश को दी। आरोप है कि दोनों ने अरुण को समझाने की कोशिश की, लेकिन उसकी धमकियां जारी रहीं। इसके बाद पति-पत्नी ने मिलकर उसकी हत्या की योजना बनाई। घर बुलाया, दूध में मिलाई नींद की दवा पुलिस के अनुसार, योजना के तहत अरुण को घर बुलाया गया। उसे दूध में नींद की दवा मिलाकर पिलाई गई। दूध पीने के बाद जब वह बेहोश हो गया, तब मुकेश और मनीषा ने गमछे से उसका गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की। शव सड़क किनारे फेंका, मोबाइल नदी में डाला पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने अरुण का शव रामचंद्र पटेल के घर के पास सड़क किनारे फेंक दिया। वहीं, उसका मोबाइल फोन और हत्या में इस्तेमाल गमछा मनियारी नदी में फेंक दिया गया। 30 जुलाई की रात अरुण का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के बाद पुलिस ने मर्ग जांच शुरू की थी। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को हत्या से जुड़े सुराग मिले। मर्ग जांच से हत्या तक पहुंची पुलिस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ की। इसके बाद चिल्फी थाने में अपराध क्रमांक 112/26 के तहत BNS की धारा 103, 238(ए) और 3(5) में अपराध दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में मुकेश पटेल (34) और मनीषा बाई पटेल (27) ने अरुण की हत्या करना स्वीकार किया। दोनों को गिरफ्तार कर 17 अगस्त को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

