भोजपुर के बिलौटी गांव में सोमवार को सांसद और भोजपुरी कलाकार मनोज तिवारी पहुंचे। उन्होंने पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिजन से मुलाकात की। साथ में बक्सर के विधायक आनंद मिश्रा, शाहपुर विधायक राकेश ओझा भी हैं। गांव पहुंचने के बाद मनोज तिवारी ने सबसे पहले भरत तिवारी की तस्वीर पर माल्यार्पण किया और श्रद्धांजलि दी। इसके बाद भरत तिवारी के मां-पिता और भाई समेत परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की। परिवार ने मनोज तिवारी को अब तक की कार्रवाई के बारे में बताया। परिवार से मुलाकात की कुछ तस्वीरें… परिवार ने सीएम को भी दी थी घटना की जानकारी इससे पहले मुख्यमंत्री से भरत तिवारी की मां आशा देवी, बहन रूबी तिवारी और भाभी सुमन देवी ने मुलाकात की थी। इस दौरान परिजनों ने घटना से जुड़ी अपनी पीड़ा और आरोप मुख्यमंत्री के सामने रखे। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। साथ ही दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भरत तिवारी एनकाउंटर केस में अब तक एक गिरफ्तारी भरत तिवारी एनकाउंटर केस में अब तक सिर्फ एक गिरफ्तारी हुई है। भोजपुर पुलिस ने एनकाउंटर में शामिल STF जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार किया है। तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार सस्पेंड हो चुके हैं। राजेश शर्मा को पटना में मद्य निषेध का डीएसपी बनाया गया था। हालांकि, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भरत तिवारी के परिवार की मुलाकात के बाद उन्हें दोबारा लाइन क्लोज कर दिया गया था। वहीं, जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीएम संजीत कुमार को भी उनके पद से हटाकर पटना मुख्यालय अटैच कर दिया गया था।
भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर की कहानी 15 जून की सुबह भरत भूषण तिवारी ने फेसबुक लाइव कि इस वीडियो में दिख रहा था कि वो सुनसान इलाके में खड़ा है। उसके सामने पुलिस और एसटीएफ की टीम खड़ी है। भरत के दोनों ओर बुलेट प्रूफ जैकेट पहने भोजपुर पुलिस के जवान हथियार लेकर खड़े हैं। खुद भरत इस बात का जिक्र करता है। वो खुद को निर्दोष बताते हुए कहता है कि मैं कोई मुजरिम नहीं हूं, इसके बावजूद एसटीएफ के साथ भोजपुर पुलिस टीम मुझे पकड़ने आई है। वीडियो के आखिर में भरत भूषण पुलिस की ओर हथियार फेंकता है और खुद को सरेंडर कर फेसबुक लाइव बंद कर देता है। पुलिस का दावा है कि इसके बाद उसने दोबारा पिस्टल उठाकर फायरिंग की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैरों में गोली मारी गई। भोजपुर के बिलौटी गांव में सोमवार को सांसद और भोजपुरी कलाकार मनोज तिवारी पहुंचे। उन्होंने पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिजन से मुलाकात की। साथ में बक्सर के विधायक आनंद मिश्रा, शाहपुर विधायक राकेश ओझा भी हैं। गांव पहुंचने के बाद मनोज तिवारी ने सबसे पहले भरत तिवारी की तस्वीर पर माल्यार्पण किया और श्रद्धांजलि दी। इसके बाद भरत तिवारी के मां-पिता और भाई समेत परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की। परिवार ने मनोज तिवारी को अब तक की कार्रवाई के बारे में बताया। परिवार से मुलाकात की कुछ तस्वीरें… परिवार ने सीएम को भी दी थी घटना की जानकारी इससे पहले मुख्यमंत्री से भरत तिवारी की मां आशा देवी, बहन रूबी तिवारी और भाभी सुमन देवी ने मुलाकात की थी। इस दौरान परिजनों ने घटना से जुड़ी अपनी पीड़ा और आरोप मुख्यमंत्री के सामने रखे। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। साथ ही दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भरत तिवारी एनकाउंटर केस में अब तक एक गिरफ्तारी भरत तिवारी एनकाउंटर केस में अब तक सिर्फ एक गिरफ्तारी हुई है। भोजपुर पुलिस ने एनकाउंटर में शामिल STF जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार किया है। तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार सस्पेंड हो चुके हैं। राजेश शर्मा को पटना में मद्य निषेध का डीएसपी बनाया गया था। हालांकि, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भरत तिवारी के परिवार की मुलाकात के बाद उन्हें दोबारा लाइन क्लोज कर दिया गया था। वहीं, जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीएम संजीत कुमार को भी उनके पद से हटाकर पटना मुख्यालय अटैच कर दिया गया था।
भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर की कहानी 15 जून की सुबह भरत भूषण तिवारी ने फेसबुक लाइव कि इस वीडियो में दिख रहा था कि वो सुनसान इलाके में खड़ा है। उसके सामने पुलिस और एसटीएफ की टीम खड़ी है। भरत के दोनों ओर बुलेट प्रूफ जैकेट पहने भोजपुर पुलिस के जवान हथियार लेकर खड़े हैं। खुद भरत इस बात का जिक्र करता है। वो खुद को निर्दोष बताते हुए कहता है कि मैं कोई मुजरिम नहीं हूं, इसके बावजूद एसटीएफ के साथ भोजपुर पुलिस टीम मुझे पकड़ने आई है। वीडियो के आखिर में भरत भूषण पुलिस की ओर हथियार फेंकता है और खुद को सरेंडर कर फेसबुक लाइव बंद कर देता है। पुलिस का दावा है कि इसके बाद उसने दोबारा पिस्टल उठाकर फायरिंग की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैरों में गोली मारी गई।

