’70वीं BPSC रद्द नहीं हुई तो फिर होगा बिहार बंद’:पटना यूनिवर्सिटी SU प्रेसिडेंट ने दी चेतावनी, गर्दनीबाग में कहा- छात्रों-शोधार्थियों के भविष्य से समझौता स्वीकार नहीं

’70वीं BPSC रद्द नहीं हुई तो फिर होगा बिहार बंद’:पटना यूनिवर्सिटी SU प्रेसिडेंट ने दी चेतावनी, गर्दनीबाग में कहा- छात्रों-शोधार्थियों के भविष्य से समझौता स्वीकार नहीं

70वीं BPSC को रद्द कराने की मांग के लेकर पटना यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भी अभ्यर्थियों का समर्थन किया है। पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ के अध्यक्ष शांतनु शेखर गर्दनीबाग धरना स्थल पर हड़ताल पर बैठे थे। उन्होंने सरकार को चेताया कि अगर मांगे पूरी नहीं होती है तो फिर से बिहार बंद होगा। पटना के गर्दनीबाग में ‘ऑल Ph.D. होल्डर एंड रिसर्च स्कॉलर एसोसिएशन ऑफ बिहार’ के बैनर तले कैंडिडेट्स पिछले 13 दिनों से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे हैं। सहायक प्राध्यापक बहाली में UGC Regulation 2018 के Table 3A लागू करने, बिहार में डोमिसाइल नीति प्रभावी करने और 70वीं BPSC परीक्षा निरस्त करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर उपवास कर रहे हैं। सरकार को इस पर अकाउंटिबिलिटी लेनी चाहिए- शांतनु शेखर पटना यूनिवर्सिटी के छात्र संघ अध्यक्ष शांतनु शेखर ने कहा,’ सभी लोग जानते हैं कि पटना के गर्दनीबाग में हमारे साथी लगातार भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। सरकार को इस पर अकाउंटिबिलिटी लेनी चाहिए। हमारी लड़ाई यूं ही जारी रहेगी। आपके सहयोग से ही लिए लड़ाई मजबूत होगी और बिहार सरकार को झुकना होगा। 70वीं BPSC को रद्द करने को लेकर हमारी मांगे पूरी करनी होगी।’
छात्रों के भविष्य के साथ किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं- शांतनु शेखर शांतनु शेखर ने कहा, ’70वीं BPSC सहित प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और छात्रों के अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने वाले हर संघर्ष के साथ हम खड़े हैं। शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर बिहारी सोनम वांगचुक जो कि पिछले 14 दिन से भूख हड़ताल और उनके आंदोलन, उनके संघर्ष को सभी PhD धारकों एवं शोधार्थियों की ओर से हमारा पूर्ण समर्थन है।’ 70वीं BPSC को रद्द कराने की मांग के लेकर पटना यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भी अभ्यर्थियों का समर्थन किया है। पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ के अध्यक्ष शांतनु शेखर गर्दनीबाग धरना स्थल पर हड़ताल पर बैठे थे। उन्होंने सरकार को चेताया कि अगर मांगे पूरी नहीं होती है तो फिर से बिहार बंद होगा। पटना के गर्दनीबाग में ‘ऑल Ph.D. होल्डर एंड रिसर्च स्कॉलर एसोसिएशन ऑफ बिहार’ के बैनर तले कैंडिडेट्स पिछले 13 दिनों से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे हैं। सहायक प्राध्यापक बहाली में UGC Regulation 2018 के Table 3A लागू करने, बिहार में डोमिसाइल नीति प्रभावी करने और 70वीं BPSC परीक्षा निरस्त करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर उपवास कर रहे हैं। सरकार को इस पर अकाउंटिबिलिटी लेनी चाहिए- शांतनु शेखर पटना यूनिवर्सिटी के छात्र संघ अध्यक्ष शांतनु शेखर ने कहा,’ सभी लोग जानते हैं कि पटना के गर्दनीबाग में हमारे साथी लगातार भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। सरकार को इस पर अकाउंटिबिलिटी लेनी चाहिए। हमारी लड़ाई यूं ही जारी रहेगी। आपके सहयोग से ही लिए लड़ाई मजबूत होगी और बिहार सरकार को झुकना होगा। 70वीं BPSC को रद्द करने को लेकर हमारी मांगे पूरी करनी होगी।’
छात्रों के भविष्य के साथ किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं- शांतनु शेखर शांतनु शेखर ने कहा, ’70वीं BPSC सहित प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और छात्रों के अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने वाले हर संघर्ष के साथ हम खड़े हैं। शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर बिहारी सोनम वांगचुक जो कि पिछले 14 दिन से भूख हड़ताल और उनके आंदोलन, उनके संघर्ष को सभी PhD धारकों एवं शोधार्थियों की ओर से हमारा पूर्ण समर्थन है।’  

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