अभिजीत दीपके को केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले का ऑफर, कहा- RPI में आ जाओ, बाकी सब संभाल लेंगे

अभिजीत दीपके को केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले का ऑफर, कहा- RPI में आ जाओ, बाकी सब संभाल लेंगे

Ramdas Athawale Offer Abhijeet Dipke: नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी के खिलाफ आवाज उठाकर देशभर में पहचान बनाने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक व संयोजक अभिजीत दीपके को केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के प्रमुख रामदास आठवले ने खुला ऑफर दिया है। उन्होंने दीपके से रिपब्लिकन पार्टी में शामिल होने का आह्वान किया है। महाराष्ट्र के चिपलून में पत्रकारों से बातचीत के दौरान आठवले ने कहा कि दीपके ने नीट पेपर लीक के मुद्दे को घर-घर तक पहुंचाने का काम किया है, उन्हें अब हमारी रिपब्लिकन पार्टी के साथ आना चाहिए। बता दें कि आठवले की पार्टी भाजपा नीत एनडीए का हिस्सा है।

रामदास आठवले ने कहा कि अभिजीत दीपके ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के जरिए नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक का मुद्दा बड़े स्तर पर उठाया। इस आंदोलन का प्रभाव आम लोगों तक पहुंचा और परीक्षा में पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर देशभर में चर्चा हुई।

‘रोज एक नया राजनीतिक दल बनाने से फायदा नहीं’

अभिजीत दीपके को पार्टी में शामिल होने का न्योता देते हुए रामदास आठवले ने कहा कि रोज-रोज नया राजनीतिक दल बनाने का कोई फायदा नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि दीपके की सीजेपी बनाने से छात्रों का मुद्दा बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंचा। आठवले ने कहा कि पेपर लीक होना बेहद गलत है और इस मुद्दे को उठाने के लिए दीपके ने महत्वपूर्ण काम किया है। इसलिए अब उन्हें रिपब्लिकन पार्टी में शामिल होना चाहिए। बाकि हम सब मिलकर देखेंगे।

आठवले ने कहा, दीपके इससे पहले विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े रहे हैं। वह अन्ना हजारे के आंदोलन के दौरान भी सक्रिय थे। इसके अलावा उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल की टीम के साथ भी काम किया है।

रिपब्लिकन पार्टी में सभी जाति और धर्म के लिए जगह- आठवले

रामदास आठवले ने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी केवल किसी एक समाज तक सीमित राजनीतिक संगठन नहीं है। पार्टी डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, छत्रपति शिवाजी महाराज और महात्मा ज्योतिबा फुले के विचारों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि पार्टी में सभी जाति और धर्म के लोगों को शामिल किया जाता है। केवल दलित समाज के वोट के आधार पर चुनाव जीतना संभव नहीं है, इसलिए गैर-दलित समाज को भी साथ लेकर चलना जरूरी है।

आठवले ने कहा कि गरीब, किसान, युवा, महिलाएं, बेरोजगार और अलग-अलग जाति एवं धर्म के नागरिकों को रिपब्लिकन पार्टी से जोड़ना पार्टी की रणनीति का हिस्सा है।

‘कांग्रेस के खिलाफ मजबूत विकल्प की थी बाबासाहेब की सोच’

रिपब्लिकन पार्टी की स्थापना के पीछे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की सोच का जिक्र करते हुए रामदास आठवले ने कहा कि आंबेडकर देश में कांग्रेस के सामने एक मजबूत राजनीतिक विकल्प चाहते थे। उनकी सोच थी कि देश में एक सत्ताधारी दल हो और उसके सामने प्रभावी विपक्ष के रूप में एक मजबूत राजनीतिक दल मौजूद हो।

चार राज्यों में चुनाव लड़ेगी RPI

इस दौरान केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी पार्टी की रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और मणिपुर में कुछ विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि इन राज्यों में पार्टी का संगठन मौजूद है।

RPI कुछ सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, जबकि बाकी सीटों पर बीजेपी का समर्थन करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का लक्ष्य इन चारों राज्यों में एनडीए को सत्ता में लाने के लिए काम करना है।

राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने की कोशिश

आठवले ने दावा किया कि रिपब्लिकन पार्टी को फिलहाल नागालैंड और मणिपुर में मान्यता प्राप्त है। अगर पार्टी को दो और राज्यों में मान्यता मिलती है तो राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने की दिशा में बड़ी सफलता मिल सकती है।

महाराष्ट्र में भी पार्टी को दोबारा राजनीतिक मान्यता दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। आठवले ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र में पार्टी दो से तीन सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग करेगी। इनमें से दो सीटों पर जीत हासिल होने से पार्टी की राजनीतिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।

अभिजीत दीपके पहले ही दे चुके है संकेत

गौरतलब है कि अभिजीत दीपके पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि फिलहाल उनका राजनीति में उतरने का कोई इरादा नहीं है। ऐसे में मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले की ओर से उन्हें सीधे पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। एक ओर जहां आठवले ने नीट पेपर लीक के खिलाफ दीपके की लड़ाई की तारीफ की है, वहीं दूसरी ओर उन्होंने उन्हें अपनी पार्टी में शामिल होने का खुला न्योता भी दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि अभिजीत दीपके उनके इस ऑफर पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

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