गोंडा में घाघरा नदी उफान पर है कर्नलगंज और तरबगंज तहसील क्षेत्रों के 15 से अधिक गांवों की लगभग 30,000 आबादी पर सोमवार सुबह 9:30 बजे से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। अगले 4 दिनों तक अगर इसी तरह नदी का जलस्तर बढ़ता रहा तो कोई गांव चपेट में आ सकते हैं। जिला प्रशासन ने इन गांवों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।पिछले 24 घंटों में कुल 15 लाख 40 हजार 791 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। आज सोमवार सुबह 9:30 बजे तक 3.97 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसमें गिरजा बैराज से 2,45,477 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,35,054 क्यूसेक और सरयू बैराज से 17,399 क्यूसेक पानी शामिल है। गिरजा बैराज से सबसे अधिक पानी छोड़े जाने के कारण घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। सोमवार सुबह 9:30 बजे घाघरा नदी एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से 29 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। रविवार सुबह 9 बजे यह जलस्तर खतरे के निशान से मात्र 4 सेंटीमीटर ऊपर था जिसका अर्थ है कि 24 घंटे में नदी का जलस्तर 25 सेंटीमीटर बढ़ा है। गोंडा में प्रति घंटे एक सेंटीमीटर की रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि हो रही है।नदी के तेजी से बढ़ते जलस्तर के कारण गोंडा बाढ़ खंड विभाग ड्रोन कैमरे के माध्यम से सभी तटबंधों की लगातार निगरानी कर रहा है। नदी द्वारा हो रहे कटान पर भी ड्रोन कैमरे से नजर रखी जा रही है। गोंडा से लखनऊ तक बाढ़ खंड विभाग के अधिकारी तटबंधों का निरीक्षण कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठा रहे हैं।नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण नवाबगंज के निचले इलाकों में एक बार फिर से कटान शुरू हो गई है। सुबह आज सोमवार 8:00 बजे से यहां पर लगातार नदी कटान करके लगातार जमीनों को अपने आगोश में ले रही है। गोंडा जिला आपदा विशेषज्ञ ने बताया कि लगातार नदी का जलस्तर बढ़ने का कारण नेपाल से पानी छोड़ा जाना है हम लोग पूरी तरीके से अलर्ट मोड पर है। नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण नवाबगंज के निचले इलाकों में एक बार फिर से कटान शुरू हो गई है सुबह आज सोमवार 8:00 बजे से यहां पर लगातार नदी काटन करके लगातार जमीनों को अपने आगोश में ले रही है।

