अचलेश्वर मंदिर की व्यवस्थाओं पर प्रशासन का कब्जा:कोर्ट के आदेश पर एसडीएम और तहसीलदार ने ट्रस्ट ऑफिस पर की कार्रवाई, दानपेटियां सील

अचलेश्वर मंदिर की व्यवस्थाओं पर प्रशासन का कब्जा:कोर्ट के आदेश पर एसडीएम और तहसीलदार ने ट्रस्ट ऑफिस पर की कार्रवाई, दानपेटियां सील

ग्वालियर के सुप्रसिद्ध और बहुचर्चित अचलेश्वर महादेव सार्वजनिक न्यास की व्यवस्थाओं को लेकर चल रहा लंबा विवाद रविवार को एक बड़े मोड़ पर पहुंच गया। जिला न्यायालय के कड़े रुख और स्पष्ट आदेशों के परिपालन में रविवार शाम जिला प्रशासन की टीम ने अचलेश्वर ट्रस्ट का पूरा प्रबंधन और संचालन अपने हाथों में ले लिया। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासनिक अमला सीधे अचलेश्वर मंदिर स्थित ट्रस्ट कार्यालय पहुंचा और वित्तीय नियंत्रण सहित तमाम व्यवस्थाओं की कमान संभाल ली। प्रशासन ने यह कार्रवाई शाम 6:00 से लेकर 8:30 बजे तक की है। ​इस बड़ी कार्रवाई का नेतृत्व एसडीएम विनोद प्रसाद, एसडीएम अतुल सिंह और तहसीलदार सीसी रॉबिन जैन कर रहे थे। प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने कार्यालय पहुंचते ही मंदिर के आय-व्यय, बैंक खातों, परिसंपत्तियों और प्रबंधन से जुड़े सभी मूल दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। इसके साथ ही मंदिर परिसर में मौजूद सभी दानपेटियों को मौके पर ही सील कर दिया गया। ​अब कोई अनाधिकृत व्यक्ति नहीं खोल सकेगा दानपेटी प्रशासन द्वारा की गई इस सख्त कार्रवाई के बाद अब किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति या पूर्व न्यासी को मंदिर की दानपेटी खोलने का अधिकार नहीं होगा। प्रशासन की मौजूदगी में तय समय सीमा पर इन दानपेटियों को खोला जाएगा और उसमें प्राप्त होने वाली संपूर्ण चढ़ावा राशि को सीधे ट्रस्ट के अधिकृत बैंक खातों में जमा कराया जाएगा। मंदिर के सभी बैंक खातों का संचालन भी अब जिला प्रशासन के अधिकृत अधिकारी ही करेंगे। इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मंदिर में आने वाली आय और होने वाले खर्चों में पूरी तरह पारदर्शिता बनाए रखना और किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी की गुंजाइश को समाप्त करना है। ​हाईकोर्ट के आदेश के तहत 27 नवंबर 2021 का आदेश प्रभावी अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा 15 जून 2022 को पारित आदेश के तहत पूर्व की व्यवस्थाओं को अपास्त करते हुए 27 नवंबर 2021 के आदेश को पुनः प्रभावी माना गया है। निष्पक्ष और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ही अदालत ने यह तात्कालिक अंतरिम आदेश जारी किए थे। ​18 अगस्त को अगली सुनवाई, जल्द कराए जाएंगे चुनाव कोर्ट ने न्यास के सदस्यों की प्रामाणिक सूची और मूल अभिलेखों को 15 दिनों के भीतर न्यायालय एवं प्रकरण के सभी पक्षकारों के अवलोकनार्थ प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य अचलेश्वर महादेव ट्रस्ट के निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराना है। इस पूरे मामले में अगली सुनवाई दो दिन बाद, यानी 18 अगस्त को होगी। ​अधिकारियों का पक्ष इस मामले में एसडीएम सी.बी प्रसाद ने दैनिक भास्कर को बताया कि माननीय न्यायालय के आदेश के परिपालन में ही यह कार्रवाई की गई है। ट्रस्ट के बैंक विवरण, वित्तीय अभिलेख और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रशासनिक कब्जे में ले लिए गए हैं। मंदिर की सभी दानपेटियों को सील कर दिया गया है। जल्द ही न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराए जाएंगे।

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