बेगूसराय में रविवार को भाजपा ने कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन किया। वंदे मातरम के अपमान का आरोप लगाते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं ने आक्रोश मार्च निकाला। मार्च का नेतृत्व बेगूसराय के सांसद और केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने किया। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने मिलकर वंदे मातरम का अपमान किया है। वंदे मातरम राष्ट्र के स्वाभिमान का प्रतीक है। हमारे पूर्वजों ने इसे गाकर देश के लिए अपनी ‘शहादत दी है। आज दुर्भाग्य है कि ये लोग देश के हित में नहीं, बल्कि देश के विरोध में काम कर रहे हैं। कांग्रेस ने पहले प्रधानमंत्री मोदी को गालियां दी, फिर भारत को बदनाम किया और अब वंदे मातरम का भी अपमान कर रहे हैं। बर्दाश्त नहीं करेंगे। कांग्रेसियों को चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए।’ मार्च में भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव वर्मा और बछवाड़ा विधायक सुरेंद्र मेहता सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए। मार्च जीडी कॉलेज के शुरू होकर बजरंग चौक पहुंचा। यहां कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन किया और कांग्रेस पार्टी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाजपा आज हर जिले में काला बिल्ला बांधकर विरोध कर रही गिरिराज सिंह ने कहा कि विरोध में भाजपा आज हर जिले में काला बिल्ला बांधकर अपना विरोध दर्ज करा रही है। मौके पर पूर्व पीएम भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि को श्रद्धांजलि दिवस के रूप में मनाया गया। गिरिराज सिंह सहित अन्य नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित की। गिरिराज सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी पुण्यतिथि पर नमन किया और उनके राजनीतिक मूल्यों की तुलना मौजूदा विपक्ष से की। उन्होंने कहा कि अटल जी ने देश के राजनीतिक क्षितिज पर प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और एक सांसद के रूप में जो अमिट छाप छोड़ी है, वह आज के नेताओं के लिए एक सबक है। ‘राहुल गांधी खुद को बिना ताज का बादशाह समझते हैं’ कहा कि अटल जी ने ही देश को सिखाया था कि विपक्ष के नेता की वास्तविक और सकारात्मक भूमिका क्या होती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी जीवित रहता है, जब एक मजबूत और मर्यादित विपक्ष हो, लेकिन राहुल गांधी जैसे नेता लोकतंत्र का सम्मान ही नहीं करते। देश में राहुल गांधी जैसे विपक्ष के नेता हैं, जिन्हें न मूल्यों का ख्याल है और न शब्दों की चिंता। राहुल गांधी खुद को बिना ताज का बादशाह समझते हैं और अर्बन नक्सल की भूमिका में मानते हैं। कांग्रेस में किसी की हिम्मत नहीं है कि वह राहुल गांधी को कुछ कह सके। सबसे बड़ा दुर्भाग्य तो यह है कि खड़गे जैसे बुजुर्ग और अनुभवी नेता भी राहुल गांधी का ही अनुकरण कर रहे हैं। बेगूसराय में रविवार को भाजपा ने कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन किया। वंदे मातरम के अपमान का आरोप लगाते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं ने आक्रोश मार्च निकाला। मार्च का नेतृत्व बेगूसराय के सांसद और केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने किया। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने मिलकर वंदे मातरम का अपमान किया है। वंदे मातरम राष्ट्र के स्वाभिमान का प्रतीक है। हमारे पूर्वजों ने इसे गाकर देश के लिए अपनी ‘शहादत दी है। आज दुर्भाग्य है कि ये लोग देश के हित में नहीं, बल्कि देश के विरोध में काम कर रहे हैं। कांग्रेस ने पहले प्रधानमंत्री मोदी को गालियां दी, फिर भारत को बदनाम किया और अब वंदे मातरम का भी अपमान कर रहे हैं। बर्दाश्त नहीं करेंगे। कांग्रेसियों को चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए।’ मार्च में भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव वर्मा और बछवाड़ा विधायक सुरेंद्र मेहता सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए। मार्च जीडी कॉलेज के शुरू होकर बजरंग चौक पहुंचा। यहां कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन किया और कांग्रेस पार्टी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाजपा आज हर जिले में काला बिल्ला बांधकर विरोध कर रही गिरिराज सिंह ने कहा कि विरोध में भाजपा आज हर जिले में काला बिल्ला बांधकर अपना विरोध दर्ज करा रही है। मौके पर पूर्व पीएम भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि को श्रद्धांजलि दिवस के रूप में मनाया गया। गिरिराज सिंह सहित अन्य नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित की। गिरिराज सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी पुण्यतिथि पर नमन किया और उनके राजनीतिक मूल्यों की तुलना मौजूदा विपक्ष से की। उन्होंने कहा कि अटल जी ने देश के राजनीतिक क्षितिज पर प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और एक सांसद के रूप में जो अमिट छाप छोड़ी है, वह आज के नेताओं के लिए एक सबक है। ‘राहुल गांधी खुद को बिना ताज का बादशाह समझते हैं’ कहा कि अटल जी ने ही देश को सिखाया था कि विपक्ष के नेता की वास्तविक और सकारात्मक भूमिका क्या होती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी जीवित रहता है, जब एक मजबूत और मर्यादित विपक्ष हो, लेकिन राहुल गांधी जैसे नेता लोकतंत्र का सम्मान ही नहीं करते। देश में राहुल गांधी जैसे विपक्ष के नेता हैं, जिन्हें न मूल्यों का ख्याल है और न शब्दों की चिंता। राहुल गांधी खुद को बिना ताज का बादशाह समझते हैं और अर्बन नक्सल की भूमिका में मानते हैं। कांग्रेस में किसी की हिम्मत नहीं है कि वह राहुल गांधी को कुछ कह सके। सबसे बड़ा दुर्भाग्य तो यह है कि खड़गे जैसे बुजुर्ग और अनुभवी नेता भी राहुल गांधी का ही अनुकरण कर रहे हैं।


