बक्सर में लंबे समय से जर्जर सड़कों की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। जिले के प्रभारी मंत्री नंद किशोर राम ने बक्सर की खराब सड़कों की स्थिति में जल्द सुधार का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि वे इस संबंध में संबंधित विभाग के मंत्री से जल्द मुलाकात करेंगे और जिले की सड़क समस्याओं को उनके समक्ष रखेंगे। डेयरी, मत्स्य पालन एवं पशु संसाधन मंत्री नंद किशोर राम ने कहा कि वे जिले की सभी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बक्सर से प्रस्थान करने से पहले वे स्थानीय विधायकों से उनके क्षेत्रों की जर्जर सड़कों से संबंधित जानकारी और मांग पत्र लेंगे। इससे सड़क निर्माण और मरम्मत की समस्या को संबंधित विभाग के समक्ष मजबूती से प्रस्तुत किया जा सकेगा। जिले में जर्जर सड़कों की बात करें तो बक्सर-जासो-नदांव मार्ग की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है। बारिश के दिनों में इस सड़क पर जगह-जगह पानी जमा हो जाता है। कई स्थानों पर गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है। आवागमन में परेशानी का करना पड़ रहा सामना स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण उन्हें रोजाना आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह सड़क और भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, जहां बारिश के दौरान दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों और राहगीरों में वर्षों से अपेक्षित सुधार न होने के कारण नाराजगी बढ़ रही है। उल्लेखनीय है कि बक्सर-जासो-नदांव सड़क की बदहाली वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी एक प्रमुख स्थानीय मुद्दा रही थी। क्षेत्र के लोगों ने सड़क की खराब स्थिति को लेकर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की थी। बक्सर विधानसभा क्षेत्र में इस बार लोगों ने बदलाव करते हुए भाजपा के आनंद मिश्रा को विधायक चुना, जबकि डुमरांव विधानसभा क्षेत्र से जदयू के राहुल कुमार सिंह निर्वाचित हुए। नई सरकार और नए जनप्रतिनिधियों से लोगों को उम्मीद थी कि लंबे समय से चली आ रही सड़क की समस्या का स्थायी समाधान होगा। लेकिन सरकार गठन के करीब नौ महीने बाद भी बक्सर-जासो-नदांव मार्ग की स्थिति लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। विधायक ने किया पत्राचार का दावा स्थानीय विधायक की ओर से सड़क निर्माण को लेकर पहल किए जाने का दावा किया गया है। विधायक का कहना है कि बक्सर-जासो-नदांव सड़क को ग्रामीण कार्य विभाग के दायरे में शामिल कराने और इसके निर्माण के लिए परिवहन विभाग से लेकर मुख्यमंत्री स्तर तक पत्राचार किया गया है। उनका दावा है कि प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है और बहुत जल्द सड़क निर्माण की दिशा में काम शुरू होने की उम्मीद है। इधर, विपक्ष के नेता और कार्यकर्ता सड़क की बदहाली को लेकर लगातार सत्ता पक्ष के नेताओं पर निशाना साध रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि लोगों को लंबे समय से जर्जर सड़क की समस्या से जूझना पड़ रहा है, ऐसे में केवल आश्वासन के बजाय धरातल पर काम शुरू होना चाहिए। प्रभारी मंत्री नंद किशोर राम के ताजा आश्वासन के बाद अब लोगों की उम्मीद एक बार फिर बढ़ी है। लोगों को भरोसा है कि संबंधित विभाग के स्तर पर पहल होने के बाद बक्सर-जासो-नदांव सहित जिले की अन्य जर्जर सड़कों की स्थिति में सुधार होगा। अब देखना होगा कि वर्षों से चली आ रही इस समस्या के समाधान के लिए प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और सड़क निर्माण का काम कब धरातल पर शुरू होता है। बक्सर में लंबे समय से जर्जर सड़कों की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। जिले के प्रभारी मंत्री नंद किशोर राम ने बक्सर की खराब सड़कों की स्थिति में जल्द सुधार का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि वे इस संबंध में संबंधित विभाग के मंत्री से जल्द मुलाकात करेंगे और जिले की सड़क समस्याओं को उनके समक्ष रखेंगे। डेयरी, मत्स्य पालन एवं पशु संसाधन मंत्री नंद किशोर राम ने कहा कि वे जिले की सभी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बक्सर से प्रस्थान करने से पहले वे स्थानीय विधायकों से उनके क्षेत्रों की जर्जर सड़कों से संबंधित जानकारी और मांग पत्र लेंगे। इससे सड़क निर्माण और मरम्मत की समस्या को संबंधित विभाग के समक्ष मजबूती से प्रस्तुत किया जा सकेगा। जिले में जर्जर सड़कों की बात करें तो बक्सर-जासो-नदांव मार्ग की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है। बारिश के दिनों में इस सड़क पर जगह-जगह पानी जमा हो जाता है। कई स्थानों पर गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है। आवागमन में परेशानी का करना पड़ रहा सामना स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण उन्हें रोजाना आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह सड़क और भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, जहां बारिश के दौरान दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों और राहगीरों में वर्षों से अपेक्षित सुधार न होने के कारण नाराजगी बढ़ रही है। उल्लेखनीय है कि बक्सर-जासो-नदांव सड़क की बदहाली वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी एक प्रमुख स्थानीय मुद्दा रही थी। क्षेत्र के लोगों ने सड़क की खराब स्थिति को लेकर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की थी। बक्सर विधानसभा क्षेत्र में इस बार लोगों ने बदलाव करते हुए भाजपा के आनंद मिश्रा को विधायक चुना, जबकि डुमरांव विधानसभा क्षेत्र से जदयू के राहुल कुमार सिंह निर्वाचित हुए। नई सरकार और नए जनप्रतिनिधियों से लोगों को उम्मीद थी कि लंबे समय से चली आ रही सड़क की समस्या का स्थायी समाधान होगा। लेकिन सरकार गठन के करीब नौ महीने बाद भी बक्सर-जासो-नदांव मार्ग की स्थिति लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। विधायक ने किया पत्राचार का दावा स्थानीय विधायक की ओर से सड़क निर्माण को लेकर पहल किए जाने का दावा किया गया है। विधायक का कहना है कि बक्सर-जासो-नदांव सड़क को ग्रामीण कार्य विभाग के दायरे में शामिल कराने और इसके निर्माण के लिए परिवहन विभाग से लेकर मुख्यमंत्री स्तर तक पत्राचार किया गया है। उनका दावा है कि प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है और बहुत जल्द सड़क निर्माण की दिशा में काम शुरू होने की उम्मीद है। इधर, विपक्ष के नेता और कार्यकर्ता सड़क की बदहाली को लेकर लगातार सत्ता पक्ष के नेताओं पर निशाना साध रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि लोगों को लंबे समय से जर्जर सड़क की समस्या से जूझना पड़ रहा है, ऐसे में केवल आश्वासन के बजाय धरातल पर काम शुरू होना चाहिए। प्रभारी मंत्री नंद किशोर राम के ताजा आश्वासन के बाद अब लोगों की उम्मीद एक बार फिर बढ़ी है। लोगों को भरोसा है कि संबंधित विभाग के स्तर पर पहल होने के बाद बक्सर-जासो-नदांव सहित जिले की अन्य जर्जर सड़कों की स्थिति में सुधार होगा। अब देखना होगा कि वर्षों से चली आ रही इस समस्या के समाधान के लिए प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और सड़क निर्माण का काम कब धरातल पर शुरू होता है।

