पानीपत के इसराना क्षेत्र में शनिवार को हुई तेज बारिश ने स्थानीय सफाई व्यवस्था और जल निकासी प्रणाली की पोल खोल दी। पुरानी अनाज मंडी और राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के पास भारी जलभराव हो गया, जिससे पूरा इलाका तालाब में तब्दील हो गया। इस जलभराव का मुख्य कारण आसपास जमा कूड़ा-कचरा है, जिसने वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को भी जाम कर दिया है। पुरानी अनाज मंडी में लंबे समय से सफाई न होने के कारण गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। प्रशासन ने कुछ समय पहले मंडी का निरीक्षण कर सफाई अभियान शुरू किया था, लेकिन यह कार्य अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे समस्या और गंभीर हो गई। मंडी में जलभराव से लोगों को हो रही परेशान बारिश के बाद मंडी परिसर में पानी भर जाने से किसानों, व्यापारियों और आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंडी से सटे राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं और शिक्षकों को भी गंदगी व जलभराव के कारण दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। जमा पानी और गंदगी से दुर्गंध फैलने के साथ-साथ मच्छरों के पनपने का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीण बोले- अधिकारियों को अवगत करा चुके ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है। जलभराव की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा स्थापित किया गया वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी जाम पड़ा है। ग्रामीण देवेंद्र, मनजीत, बलवान, कुलदीप, अजय, राजेश, कृष्ण, देव सिंह, कपिल और विनय ने बताया कि वे कई बार संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत करा चुके हैं। गुरुद्वारे के अंदर भी घुस जाता है पानी ग्रामीणों ने यह भी बताया कि जहां एक ओर सरकार स्वच्छता अभियान चला रही है, वहीं इसराना में दुनिया भर में प्रसिद्ध गुरुद्वारा इसराना साहिब के सामने से गुजरने वाला गंदा नाला भी अक्सर जाम रहता है। बरसात के समय अधिक पानी आने से यह पानी गुरुद्वारे के अंदर घुस जाता है, जिससे हर साल लाखों की संख्या में आने वाली संगत को भी परेशानी होती है। इसराना में पानी निकासी का अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।


