बेगूसराय- वॉट्सएप पर आया ‘शादी कार्ड’, खाली हो गया एकाउंट:महिला से 7.91 लाख की ठगी; APK फाइल से कैसे मोबाइल हैक होने से बचा सकते हैं, समझें

बेगूसराय- वॉट्सएप पर आया ‘शादी कार्ड’, खाली हो गया एकाउंट:महिला से 7.91 लाख की ठगी; APK फाइल से कैसे मोबाइल हैक होने से बचा सकते हैं, समझें

क्या आप व्हाट्सएप पर आए किसी भी अनजान फाइल को बिना सोचे-समझे डाउनलोड कर लेते हैं। अगर हां, तो सावधान हो जाइए, आपके मोबाइल में छिपकर बैठा एक छोटा सा वायरस आपको रातों-रात कंगाल बना सकता है। बेगूसराय में साइबर ठगी का एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स की भी नींद उड़ा दी है। एक महिला के व्हाट्सएप पर शादी का कार्ड आता है, वह उसे डाउनलोड करती है। कुछ दिन बाद आधी रात को जब वह गहरी नींद में सो रही होती है, तब उसके खाते से पलक झपकते ही करीब 8 लाख रुपये गायब हो जाते हैं। सबसे खौफनाक बात यह है कि ठगों ने न तो कोई फोन कॉल किया, न ओटीपी (OTP) मांगा और न ही कोई भनक लगने दी। आधी रात: 40 मिनट और 10 ट्रांजैक्शन यह घटना गढ़पुरा थाना क्षेत्र स्थित मालीपुर गांव की रहने वाली सविता बरनवाल के साथ घटी है। पीड़िता का आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक की बेगूसराय शाखा में खाता है। 9 अगस्त की रात जब सविता अपने घर में सो रही थी, तब साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते पर डिजिटल धावा बोल दिया। रात के ठीक 12:10 बजे से लेकर 12:50 बजे के बीच 40 मिनट के अंदर ठगों ने यूपीआई (UPI) के जरिए एक के बाद एक लगातार 10 ट्रांजैक्शन किए। जब तक सुबह होती, सविता के खाते से 7,91,693 रुपये की भारी-भरकम रकम साफ हो चुकी थी। पीड़िता ने बताया कि 4 अगस्त को उनके व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया, जिसमें शादी का निमंत्रण पत्र होने का दावा किया गया था। यह फाइल .apk फॉर्मेट में थी। पीड़िता ने इसे डिजिटल शादी का कार्ड समझकर क्लिक और डाउनलोड कर लिया। डाउनलोड करने के बाद खोलने की कोशिश की, लेकिन वह लिंक नहीं खुला। उन्हें लगा कि शायद फाइल खराब है, लेकिन असल में उस एक क्लिक ने उनके फोन के सारे सुरक्षा चक्र तोड़ दिए थे। फोन पूरी तरह से हैकर्स के कंट्रोल में जा चुका था। उसे कुछ पता नहीं चला और सब कुछ सामान्य था। लेकिन 5 दिन के बाद 9 अगस्त की रात बदमाशों ने उसका बैंक अकाउंट पूरी तरह से खाली कर दिया। बिना OTP मांगे पैसा कैसे उड़ जाता है आखिर यह कैसे संभव है कि बिना OTP बताए बैंक से पैसा कट जाए। यह सवाल हर उस इंसान को डरा रहा है जो स्मार्टफोन इस्तेमाल करता है। साइबर क्रिमिनल्स अब इतने हाई-टेक हो चुके हैं कि उन्हें आपको बेवकूफ बनाने की जरूरत नहीं है, वे सीधे आपके फोन को ही अपना गुलाम बना लेते हैं। समझिए यह खौफनाक खेल कैसे काम करता है। हैकर्स व्हाट्सएप पर शादी का कार्ड, बिजली का बिल या बैंक केवाईसी के नाम पर .apk फाइल भेजते हैं। गूगल प्ले स्टोर से अलग यह सीधे इंटरनेट से डाउनलोड होने वाला ऐप होता है, जिसमें खतरनाक मालवेयर (Malware) और स्पाईवेयर (Spyware) भरे होते हैं। फाइल पर क्लिक करते ही वह ऐप बैकग्राउंड में इंस्टॉल हो जाता है। इंस्टॉल होते समय ही वह SMS पढ़ने, स्क्रीन रिकॉर्ड करने और Accessibility Services की परमिशन ले लेता है। यह ऐप फोन की स्क्रीन पर अपना कोई आइकन नहीं दिखाता। यह अदृश्य होकर बैकग्राउंड में काम करता है, जिससे भनक भी नहीं लगती कि कोई आपके फोन की जासूसी कर रहा है। जब हैकर रात के अंधेरे में आपके खाते से पैसे ट्रांसफर करने की कोशिश करता है, तो बैंक आपके नंबर पर OTP भेजता है। लेकिन फोन हैक होने के कारण, वह मालवेयर उस OTP वाले मैसेज को आपके देखने से पहले ही हैकर के कंप्यूटर पर फॉरवर्ड कर देता है और आपके फोन से उस मैसेज को छुपा देता है। हैकर्स आपके फोन की स्क्रीन को अपने डिवाइस पर लाइव देख सकते हैं। जब आप दिन में कभी अपना UPI पिन डालते हैं, तो वे उसे रिकॉर्ड कर लेते हैं। हैकर रात के समय बैंक ऐप या यूपीआई टोकन का इस्तेमाल करके दूर बैठे-बैठे पेमेंट इनिशिएट करता है और ऑटो-रीड OTP से ट्रांजैक्शन पूरा कर लेता है। इस डिजिटल डकैती से बचने के लिए सबसे बड़ा उपाय सतर्कता और फोन के सेटिंग में बदलाव से ही संभव है। कोई भी व्यक्ति, चाहे वह आपका जानने वाला ही क्यों नहीं हो, अगर व्हाट्सएप पर .apk एक्सटेंशन वाली कोई फाइल भेजे, तो उसे तुरंत डिलीट करें। असली कार्ड, फोटो, पीडीएफ में .jpg, .png या .pdf लिखा होता है। फोन की सेटिंग्स में जाकर Install Unknown Apps या Install from unknown sources को हमेशा बंद रखें। ऐप्स सिर्फ Google Play Store या Apple App Store से ही डाउनलोड करें। किसी भी ऐप को बिना सोचे-समझे SMS, Contacts या Accessibility की परमिशन नहीं दें। गूगल प्ले प्रोटेक्ट (Google Play Protect) को हमेशा ऑन रखें, यह खतरनाक ऐप्स को स्कैन करता है। अगर ऐसा कोई भी फ्रॉड होता है, तो समय बर्बाद किए बिना तुरंत 1930 डायल करें और अपने संबंधित बैंक को सूचना दें। क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही आपकी जिंदगी भर की कमाई को राख कर सकती है। अगर गलती से APK फाइल इंस्टॉल हो जाए तो- फोन को तुरंत Flight Mode में डाल दें और Wi-Fi बंद कर दें ताकि हैकर का इंटरनेट संपर्क टूट जाए। फोन की Settings > Apps में जाएं और हाल ही में इंस्टॉल हुए किसी भी संदिग्ध ऐप को तुरंत Uninstall करें। सबसे सुरक्षित तरीका है कि अपने फोन का बैकअप लिए बिना उसे Factory Data Reset कर दें। साइबर डीएसपी इमरान अहमद ने बताया कि आवेदन के आलोक में साइबर अपराधियों के खिलाफ बीएनएस की धारा- 316(2), 318(4), 319(2) एवं आईटी एक्ट (IT ACT) की धारा- 66(C), 66(D) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। विभिन्न तरीके के साइबर अपराध सामने आ रहे हैं, लोगों को जागरुक किया जा रहा है। साइबर सुरक्षा के लिए सबसे जरूरी है सतर्कता। क्या आप व्हाट्सएप पर आए किसी भी अनजान फाइल को बिना सोचे-समझे डाउनलोड कर लेते हैं। अगर हां, तो सावधान हो जाइए, आपके मोबाइल में छिपकर बैठा एक छोटा सा वायरस आपको रातों-रात कंगाल बना सकता है। बेगूसराय में साइबर ठगी का एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स की भी नींद उड़ा दी है। एक महिला के व्हाट्सएप पर शादी का कार्ड आता है, वह उसे डाउनलोड करती है। कुछ दिन बाद आधी रात को जब वह गहरी नींद में सो रही होती है, तब उसके खाते से पलक झपकते ही करीब 8 लाख रुपये गायब हो जाते हैं। सबसे खौफनाक बात यह है कि ठगों ने न तो कोई फोन कॉल किया, न ओटीपी (OTP) मांगा और न ही कोई भनक लगने दी। आधी रात: 40 मिनट और 10 ट्रांजैक्शन यह घटना गढ़पुरा थाना क्षेत्र स्थित मालीपुर गांव की रहने वाली सविता बरनवाल के साथ घटी है। पीड़िता का आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक की बेगूसराय शाखा में खाता है। 9 अगस्त की रात जब सविता अपने घर में सो रही थी, तब साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते पर डिजिटल धावा बोल दिया। रात के ठीक 12:10 बजे से लेकर 12:50 बजे के बीच 40 मिनट के अंदर ठगों ने यूपीआई (UPI) के जरिए एक के बाद एक लगातार 10 ट्रांजैक्शन किए। जब तक सुबह होती, सविता के खाते से 7,91,693 रुपये की भारी-भरकम रकम साफ हो चुकी थी। पीड़िता ने बताया कि 4 अगस्त को उनके व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया, जिसमें शादी का निमंत्रण पत्र होने का दावा किया गया था। यह फाइल .apk फॉर्मेट में थी। पीड़िता ने इसे डिजिटल शादी का कार्ड समझकर क्लिक और डाउनलोड कर लिया। डाउनलोड करने के बाद खोलने की कोशिश की, लेकिन वह लिंक नहीं खुला। उन्हें लगा कि शायद फाइल खराब है, लेकिन असल में उस एक क्लिक ने उनके फोन के सारे सुरक्षा चक्र तोड़ दिए थे। फोन पूरी तरह से हैकर्स के कंट्रोल में जा चुका था। उसे कुछ पता नहीं चला और सब कुछ सामान्य था। लेकिन 5 दिन के बाद 9 अगस्त की रात बदमाशों ने उसका बैंक अकाउंट पूरी तरह से खाली कर दिया। बिना OTP मांगे पैसा कैसे उड़ जाता है आखिर यह कैसे संभव है कि बिना OTP बताए बैंक से पैसा कट जाए। यह सवाल हर उस इंसान को डरा रहा है जो स्मार्टफोन इस्तेमाल करता है। साइबर क्रिमिनल्स अब इतने हाई-टेक हो चुके हैं कि उन्हें आपको बेवकूफ बनाने की जरूरत नहीं है, वे सीधे आपके फोन को ही अपना गुलाम बना लेते हैं। समझिए यह खौफनाक खेल कैसे काम करता है। हैकर्स व्हाट्सएप पर शादी का कार्ड, बिजली का बिल या बैंक केवाईसी के नाम पर .apk फाइल भेजते हैं। गूगल प्ले स्टोर से अलग यह सीधे इंटरनेट से डाउनलोड होने वाला ऐप होता है, जिसमें खतरनाक मालवेयर (Malware) और स्पाईवेयर (Spyware) भरे होते हैं। फाइल पर क्लिक करते ही वह ऐप बैकग्राउंड में इंस्टॉल हो जाता है। इंस्टॉल होते समय ही वह SMS पढ़ने, स्क्रीन रिकॉर्ड करने और Accessibility Services की परमिशन ले लेता है। यह ऐप फोन की स्क्रीन पर अपना कोई आइकन नहीं दिखाता। यह अदृश्य होकर बैकग्राउंड में काम करता है, जिससे भनक भी नहीं लगती कि कोई आपके फोन की जासूसी कर रहा है। जब हैकर रात के अंधेरे में आपके खाते से पैसे ट्रांसफर करने की कोशिश करता है, तो बैंक आपके नंबर पर OTP भेजता है। लेकिन फोन हैक होने के कारण, वह मालवेयर उस OTP वाले मैसेज को आपके देखने से पहले ही हैकर के कंप्यूटर पर फॉरवर्ड कर देता है और आपके फोन से उस मैसेज को छुपा देता है। हैकर्स आपके फोन की स्क्रीन को अपने डिवाइस पर लाइव देख सकते हैं। जब आप दिन में कभी अपना UPI पिन डालते हैं, तो वे उसे रिकॉर्ड कर लेते हैं। हैकर रात के समय बैंक ऐप या यूपीआई टोकन का इस्तेमाल करके दूर बैठे-बैठे पेमेंट इनिशिएट करता है और ऑटो-रीड OTP से ट्रांजैक्शन पूरा कर लेता है। इस डिजिटल डकैती से बचने के लिए सबसे बड़ा उपाय सतर्कता और फोन के सेटिंग में बदलाव से ही संभव है। कोई भी व्यक्ति, चाहे वह आपका जानने वाला ही क्यों नहीं हो, अगर व्हाट्सएप पर .apk एक्सटेंशन वाली कोई फाइल भेजे, तो उसे तुरंत डिलीट करें। असली कार्ड, फोटो, पीडीएफ में .jpg, .png या .pdf लिखा होता है। फोन की सेटिंग्स में जाकर Install Unknown Apps या Install from unknown sources को हमेशा बंद रखें। ऐप्स सिर्फ Google Play Store या Apple App Store से ही डाउनलोड करें। किसी भी ऐप को बिना सोचे-समझे SMS, Contacts या Accessibility की परमिशन नहीं दें। गूगल प्ले प्रोटेक्ट (Google Play Protect) को हमेशा ऑन रखें, यह खतरनाक ऐप्स को स्कैन करता है। अगर ऐसा कोई भी फ्रॉड होता है, तो समय बर्बाद किए बिना तुरंत 1930 डायल करें और अपने संबंधित बैंक को सूचना दें। क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही आपकी जिंदगी भर की कमाई को राख कर सकती है। अगर गलती से APK फाइल इंस्टॉल हो जाए तो- फोन को तुरंत Flight Mode में डाल दें और Wi-Fi बंद कर दें ताकि हैकर का इंटरनेट संपर्क टूट जाए। फोन की Settings > Apps में जाएं और हाल ही में इंस्टॉल हुए किसी भी संदिग्ध ऐप को तुरंत Uninstall करें। सबसे सुरक्षित तरीका है कि अपने फोन का बैकअप लिए बिना उसे Factory Data Reset कर दें। साइबर डीएसपी इमरान अहमद ने बताया कि आवेदन के आलोक में साइबर अपराधियों के खिलाफ बीएनएस की धारा- 316(2), 318(4), 319(2) एवं आईटी एक्ट (IT ACT) की धारा- 66(C), 66(D) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। विभिन्न तरीके के साइबर अपराध सामने आ रहे हैं, लोगों को जागरुक किया जा रहा है। साइबर सुरक्षा के लिए सबसे जरूरी है सतर्कता।  

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