Bahraich News: बहराइच के मोतीपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को पांच साल के मासूम सूरज की दर्दनाक मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया। चार घंटे पहले तक जो बच्चा घर से हंसते-खेलते निकला था। शाम होते-होते उसका क्षत-विक्षत शव गन्ने के खेत में मिला। सिर धड़ से करीब पांच मीटर दूर पड़ा था। बेटे की हालत देखकर मां प्रीति बेसुध हो गईं। होश आने के बाद वह कभी बेटे का सिर गोद में उठाकर चूमती तो कभी उसे जगाने की कोशिश करतीं। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
बहराइच के मोतीपुर थाना क्षेत्र के चामारन पुरवा गांव में शुक्रवार की शाम एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। गांव के रहने वाले दिलीप खेती-किसानी करते हैं। परिवार में पत्नी प्रीति और तीन बच्चे हैं। पांच साल का सूरज सबसे छोटा था। शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे वह गांव के ही एक बच्चे के पीछे-पीछे खेलते हुए गन्ने के खेतों की तरफ चला गया। कुछ देर बाद दूसरा बच्चा लौट आया। लेकिन सूरज घर नहीं पहुंचा। परिजनों ने जब उसके बारे में पूछा तो पता चला कि वह रास्ते में किसी खेत की ओर चला गया था। इसके बाद परिवार और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। गांव की गलियों से लेकर आसपास के खेतों तक काफी देर तक खोजबीन होती रही। लेकिन सूरज का कोई सुराग नहीं मिला।
गन्ने के खेत में सिर से धड़ 5 मीटर की दूरी पर पड़ा था
करीब चार घंटे बाद शाम छह बजे ग्रामीणों को गन्ने के खेत के बाहर सूरज की चप्पल दिखाई दी। इसके बाद लोग खेत के भीतर पहुंचे। वहां का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए। खेत के बीच सूरज का शव पड़ा था। उसका सिर धड़ से अलग होकर करीब पांच मीटर की दूरी पर था। आसपास जमीन पर खून के निशान दिखाई दे रहे थे।
बेटे की हालत देखकर सदमे में चला गया पिता
बेटे को इस हालत में देखकर पिता दिलीप सदमे में चले गए। मां प्रीति की हालत भी ऐसी हो गई कि वह शव देखते ही बेहोश होकर गिर पड़ीं। कुछ देर बाद जब उन्हें होश आया तो वह बेटे के कटे सिर को अपनी हथेली में लेकर उसके चेहरे को सहलाने और चूमने लगीं। कभी उसे आवाज देकर जगाने की कोशिश करतीं, तो कभी सिर को धड़ के पास रखने का प्रयास करतीं। बेटे की याद में उनका विलाप सुनकर मौके पर मौजूद ग्रामीण भी भावुक हो उठे।
सूचना पर पहुंची वन और पुलिस विभाग की टीम
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। रात करीब एक बजे शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मोतीपुर रेंज के रेंजर केके सिंह के अनुसार, बच्चे के कंधे और सीने पर जंगली जानवर के हमले के निशान मिले हैं। शुरुआती तौर पर तेंदुए के हमले की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी। वन विभाग ने परिवार को 10 हजार रुपये की सहायता दी है। इलाके में पिंजरा लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


