झारखंड में जेपीएससी की मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। इस बीच, कांग्रेस के बड़े नेता और राज्य के मंत्री इरफान अंसारी ने साफ कहा है कि यह आंदोलन जल्द खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी इस मामले को खुद देख रहे हैं।
अंसारी का दावा है कि एक-दो दिनों में सरकार और युवाओं के बीच बातचीत से समाधान निकल आएगा। मंत्री ने युवाओं से सीधा अपील की है कि भूख हड़ताल न करें।
‘जान है तो जहान है’
अंसारी ने कहा- जान है तो जहान है। जीवन एक बार मिला है। अपनी मांगों के लिए धरना जरूर दो, लेकिन सेहत को खतरे में मत डालो। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को अपने बच्चों की तरह बताया और कहा कि सरकार उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को सबसे ऊपर रख रही है।
स्वास्थ्य पर पूरा ध्यान
अंसारी ने बताया कि विभाग इस मामले में पूरी तरह सतर्क है। डॉक्टरों की टीम मौके पर तैनात है। जैसे ही किसी युवा की तबीयत बिगड़ने की खबर मिलती है, तुरंत रेस्क्यू कर अस्पताल भेजा जा रहा है।
उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि सरकारी हो या निजी अस्पताल, अगर किसी प्रदर्शनकारी से इलाज के पैसे लिए गए तो कार्रवाई होगी। युवाओं से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा।
दिल्ली की दखलंदाजी का जिक्र
मंत्री ने आरोप लगाया कि आंदोलन के बीच कुछ असामाजिक तत्व घुस आए हैं। दिल्ली से कुछ लोग और मीडिया वाले भी पहुंचे हैं, जिससे असली मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश हुई है।
इसी दौरान संसद में एक ऐसा कानून पास हुआ है, जिसे वे झारखंड विरोधी मानते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली की गतिविधियां और युवाओं का आंदोलन दोनों मोर्चों पर सरकार को निपटना पड़ा, इसलिए हालात जटिल हो गए।
छात्रों से बातचीत जारी
इरफान अंसारी ने जोर देकर कहा कि सरकार युवाओं की मांगों को लेकर गंभीर है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार इस मामले में सक्रिय हैं और संबंधित पक्षों से संपर्क में हैं।
सरकार की ओर से बातचीत चल रही है। युवा अपनी बात खुलकर कह रहे हैं और सरकार उन्हें सुनने को तैयार है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि उनका विभाग प्रदर्शनकारियों की मदद जारी रखेगा। सरकार चाहती है कि धरना जल्द खत्म हो और युवा सामान्य जिंदगी में लौटें।


