राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) की हापुड़ इकाई में चल रही अंदरूनी खींचतान अब कार्रवाई तक पहुंच गई है। 24 जून को आरके प्लाजा में हुई जिला स्तरीय बैठक में हुए विवाद के मामले में पार्टी की प्रदेश अनुशासन समिति ने तीन नेताओं को एक-एक वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। एक वर्ष के लिए निष्कासित किया प्रदेश अनुशासन समिति के अध्यक्ष धर्मवीर सिंह बालियान की ओर से 13 अगस्त को जारी आदेश के अनुसार, पूर्व महासचिव शिवकुमार त्यागी, पूर्व विधि प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष चौधरी जितेंद्र सिंह और पूर्व युवा जिलाध्यक्ष अशोक त्यागी को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से मुक्त कर दिया गया है। साथ ही, तीनों के एक वर्ष तक पार्टी की सभी गतिविधियों में भाग लेने पर प्रतिबंध लगाया गया है। 24 जून को हुआ था विवाद यह मामला 24 जून को आरके प्लाजा में आयोजित जिला स्तरीय बैठक का है। इस बैठक में क्षेत्राध्यक्ष तरसपाल मलिक, मेरठ मंडल अध्यक्ष इंद्रजीत भाटी समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। बैठक के दौरान अधिवक्ता चौधरी जितेंद्र सिंह अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए। इसी दौरान उन्हें रोकने को लेकर वरिष्ठ नेता शिवकुमार त्यागी से कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर शिवकुमार त्यागी ने मेज पर रखा कांच का गिलास जितेंद्र सिंह की ओर फेंकने का प्रयास किया। इसके बाद दोनों पक्षों में गाली-गलौज और मारपीट की स्थिति बन गई। मौजूद पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया। घटना की जानकारी पार्टी नेतृत्व तक पहुंचने के बाद प्रदेश अनुशासन समिति ने संबंधित नेताओं से कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। अब समिति ने अनुशासनहीनता में संलिप्त पाए जाने का हवाला देते हुए तीनों नेताओं के खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई की है। इस आदेश के बाद रालोद की स्थानीय राजनीति में हलचल बढ़ गई है।


