भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लाल किले पर आयोजित आधिकारिक स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल न होने पर उनकी कड़ी आलोचना की और कहा कि उनकी सोच ‘‘दिमागी नक्सल’’ तंत्र को दर्शाती है। समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित केंद्र सरकार के सभी प्रमुख मंत्री मौजूद थे। इसके अलावा भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल तथा प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा और शक्तिकांत दास भी समारोह में उपस्थित रहे।
राहुल गांधी की अनुपस्थिति पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘राहुल गांधी लाल किले पर मौजूद नहीं रहे। क्या कोई देशभक्त नेता प्रतिपक्ष या कोई भी सार्वजनिक पद पर बैठा व्यक्ति स्वेच्छा से ऐसा कर सकता है?’’
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का समारोह में शामिल न होना ‘वंदे मातरम्’ के प्रति उनकी नफरत को दर्शाता है। भंडारी ने कहा, ‘‘राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष बनने के योग्य नहीं हैं।
उनकी मानसिकता ‘दिमागी नक्सल’ तंत्र को दर्शाती है।’’
उल्लेखनीय है कि लगातार दूसरे वर्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे लाल किले पर आयोजित आधिकारिक स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल नहीं हुए।


