दरभंगा के ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के एनएसएस कोषांग की ओर से आयोजित सात दिवसीय आवासीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण शिविर का शुक्रवार को समापन हुआ। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण पटना के सौजन्य से मधुबनी जिले के 200 एनएसएस स्वयंसेवकों के शिविर का आयोजन किया गया था। विश्वविद्यालय के जुबिली हॉल में आयोजित समापन समारोह की अध्यक्षता वाणिज्य संकायाध्यक्ष प्रो. हरे कृष्ण सिंह ने की। समारोह में प्रशिक्षण प्राप्त सभी स्वयंसेवकों को प्रमाण पत्र, आपदा किट और शैक्षणिक फाइल प्रदान की गई। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत और एनएसएस लक्ष्य गीत से हुई, जबकि समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। शिविर का विस्तृत प्रतिवेदन संयोजक डॉ. आरएन चौरसिया ने प्रस्तुत किया। स्वागत एवं संचालन डॉ. शबनम कुमारी और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सोनू राम शंकर ने किया। ‘प्रशिक्षित स्वयंसेवक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं’ समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. हरे कृष्ण सिंह ने कहा कि सीखने वालों को प्रशिक्षकों से अधिक मेहनत करनी पड़ती है। सात दिनों में 200 स्वयंसेवकों को आपदा की स्थिति में जीवन रक्षा के लिए सक्षम बनाना महत्वपूर्ण उपलब्धि है। विशिष्ट अतिथि विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. दिव्या रानी हांसदा ने कहा कि प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं के समय त्वरित राहत, बेहतर बचाव और जन-धन की न्यूनतम हानि के लिए प्रशिक्षित स्वयंसेवक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ये स्वयंसेवक ‘युवा आपदा मित्र’ के रूप में जागरूकता और बचाव कार्य को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएंगे। 20 स्वयंसेवकों का चयन किया शिविर के दौरान आयोजित लिखित प्रतियोगिता और ओवरऑल प्रदर्शन के आधार पर 20 श्रेष्ठ स्वयंसेवकों का चयन किया गया। इसमें अंजली कुमारी ने प्रथम, प्रहलाद कुमार शर्मा ने द्वितीय और कामना कुसुम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। टॉप-20 में रिया कुमारी, कुम्बले कुमार मंडल, ऋषभ राज, निक्की कुमारी, साक्षी सुमन, साक्षी कुमारी, अभिजीत कुमार मंडल, ऋतिक कुमार, रूपेश कुमार, कुमारी जाह्नवी, निधि कुमारी झा, स्वाति प्रिया, सोनू कुमार मुखिया, श्वेता कुमारी, सत्यम प्रसाद, प्राची कुमारी और धर्मेंद्र कुमार वत्स भी शामिल रहे। इस अवसर पर हवलदार कृष्णनंदन सिंह, डॉ. कामेश्वर पासवान, खोखो कुमार, मालिक कुमार, देव कुमार, निधि कुमारी, प्रत्यूष कुमार मिश्रा समेत एनएसएस पदाधिकारी, विश्वविद्यालय पदाधिकारी, कर्मचारी और अन्य सहयोगी मौजूद रहे। दरभंगा के ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के एनएसएस कोषांग की ओर से आयोजित सात दिवसीय आवासीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण शिविर का शुक्रवार को समापन हुआ। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण पटना के सौजन्य से मधुबनी जिले के 200 एनएसएस स्वयंसेवकों के शिविर का आयोजन किया गया था। विश्वविद्यालय के जुबिली हॉल में आयोजित समापन समारोह की अध्यक्षता वाणिज्य संकायाध्यक्ष प्रो. हरे कृष्ण सिंह ने की। समारोह में प्रशिक्षण प्राप्त सभी स्वयंसेवकों को प्रमाण पत्र, आपदा किट और शैक्षणिक फाइल प्रदान की गई। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत और एनएसएस लक्ष्य गीत से हुई, जबकि समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। शिविर का विस्तृत प्रतिवेदन संयोजक डॉ. आरएन चौरसिया ने प्रस्तुत किया। स्वागत एवं संचालन डॉ. शबनम कुमारी और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सोनू राम शंकर ने किया। ‘प्रशिक्षित स्वयंसेवक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं’ समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. हरे कृष्ण सिंह ने कहा कि सीखने वालों को प्रशिक्षकों से अधिक मेहनत करनी पड़ती है। सात दिनों में 200 स्वयंसेवकों को आपदा की स्थिति में जीवन रक्षा के लिए सक्षम बनाना महत्वपूर्ण उपलब्धि है। विशिष्ट अतिथि विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. दिव्या रानी हांसदा ने कहा कि प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं के समय त्वरित राहत, बेहतर बचाव और जन-धन की न्यूनतम हानि के लिए प्रशिक्षित स्वयंसेवक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ये स्वयंसेवक ‘युवा आपदा मित्र’ के रूप में जागरूकता और बचाव कार्य को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएंगे। 20 स्वयंसेवकों का चयन किया शिविर के दौरान आयोजित लिखित प्रतियोगिता और ओवरऑल प्रदर्शन के आधार पर 20 श्रेष्ठ स्वयंसेवकों का चयन किया गया। इसमें अंजली कुमारी ने प्रथम, प्रहलाद कुमार शर्मा ने द्वितीय और कामना कुसुम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। टॉप-20 में रिया कुमारी, कुम्बले कुमार मंडल, ऋषभ राज, निक्की कुमारी, साक्षी सुमन, साक्षी कुमारी, अभिजीत कुमार मंडल, ऋतिक कुमार, रूपेश कुमार, कुमारी जाह्नवी, निधि कुमारी झा, स्वाति प्रिया, सोनू कुमार मुखिया, श्वेता कुमारी, सत्यम प्रसाद, प्राची कुमारी और धर्मेंद्र कुमार वत्स भी शामिल रहे। इस अवसर पर हवलदार कृष्णनंदन सिंह, डॉ. कामेश्वर पासवान, खोखो कुमार, मालिक कुमार, देव कुमार, निधि कुमारी, प्रत्यूष कुमार मिश्रा समेत एनएसएस पदाधिकारी, विश्वविद्यालय पदाधिकारी, कर्मचारी और अन्य सहयोगी मौजूद रहे।


