आर्केस्ट्रा की रंजिश ने कंप्यूटर ऑपरेटर की हत्या:प्रतापगढ़ में पत्नी बोली- पूर्व ब्लॉक प्रमुख के भाईयों को भी तड़पा-तड़पाकर मारो

आर्केस्ट्रा की रंजिश ने कंप्यूटर ऑपरेटर की हत्या:प्रतापगढ़ में पत्नी बोली- पूर्व ब्लॉक प्रमुख के भाईयों को भी तड़पा-तड़पाकर मारो

जैसा मेरे साथ हुआ है, वैसा उन लोगों के साथ भी होना चाहिए। मेरी बच्ची अब क्या करेगी, बताओ? मेरे बेकसूर पति को मारा गया है…ऐसे ही उन लोगों की पिटाई करनी चाहिए। उन लोगों को तड़पा-तड़पाकर मारना चाहिए।…ये दर्द है कंप्यूटर ऑपरेटर सौरभ विश्वकर्मा की पत्नी आंचल का। प्रतापगढ़ में 13 अगस्त (गुरुवार) को सौरभ की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोप पूर्व ब्लॉक प्रमुख और उनके भाइयों और बेटों पर है। आर्केस्ट्रा में हुए झगड़े और राशन कार्ड को लेकर रंजिश थी। बेटे की मौत के बाद मां बेहोश हो गईं। परिवार आरोपियों के एनकाउंटर की मांग कर रहा है। मामला जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर लीलापुर थाना क्षेत्र का है। 2 तस्वीरें देखिए… पहले मामला पढ़िए… डांडी सिंधोरा गांव के रहने वाले सौरभ विश्वकर्मा (32) पूर्ति विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर 5 साल से काम कर रहे थे। वह तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। गुरुवार (13 अगस्त) शाम 7 बजे वह ऑफिस से घर लौट रहे थे, तभी घात लगाकर बैठे आरोपियों ने लाठी-डंडे, सरिया और रिवॉल्वर की बट से बुरी तरह पीटा। पिटाई के बाद मरा समझकर आरोपी उन्हें छोड़कर फरार हो गए। आसपास के लोगों की सूचना पर पहुंचे परिजन उन्हें अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मरने से पहले सौरभ ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख समेत 6 हमलावरों के नाम बताए। इसका वीडियो भी सामने आया है। सौरभ की एक साल पहले शादी हुई थी। उनकी चार महीने की बेटी है। पति की लाश देखकर पत्नी आंचल फूट-फूटकर रोईं। पिता बोले- पहले घर पर चढ़ाई करके फायरिंग की थी सौरभ के पिता मोतीलाल ने बताया कि मेरे तीन बेटे थे। सबसे बड़ा बेटा सुशील मुंबई में टैक्सी चलाता है। दूसरा बेटा शिशिर अहमदाबाद में ट्रक चलाता है। सौरभ सबसे छोटा था। सौरभ 5 साल से संविदा पर सप्लाई ऑफिस में नौकरी कर रहा था। सौरभ की शादी 7 मई, 2025 को आंचल के साथ हुई। 4 महीने पहले सौरभ और आंचल की एक बेटी हुई। बच्ची के जन्म के 7 दिन बाद हमने गांव में एक कार्यक्रम रखा था। इसमें गांव और आसपास के 2-3 गांव से लोग बुलाए थे। रात में आर्केस्ट्रा का प्रोग्राम था। पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय तिवारी और उनके परिवार को भी निमंत्रण दिया गया था। रात में स्टेज पर चढ़ने को लेकर ब्लॉक प्रमुख परिवार से हमारे परिवार का झगड़ा हो गया। उस समय गांव के लोगों ने बीच-बचाव करके मामला शांत करा दिया था। लेकिन, तभी से लोग रंजिश मानने लगे थे। कुछ दिन बाद हमारे घर पर 6-7 राउंड फायरिंग की गई और जान से मारने की धमकी देकर गए थे। राशन कार्ड में नाम चढ़वाने के लिए झगड़ा हुआ पिता मोतीलाल ने बताया कि पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय तिवारी के भाई सोनू तिवारी के नाम पर गांव का राशन कोटा है। राशन कार्ड में नाम बढ़वाने और कटवाने के लिए उसका सप्लाई ऑफिस में आना-जाना था। पिछले कुछ समय से नाम बढ़ाने-काटने का काम बंद चल रहा है। सोनू तिवारी को लग रहा था कि मेरा बेटा सौरभ जान-बूझकर काम टाल रहा है। इसको लेकर भी ये लोग रंजिश मान रहे थे। हत्या की साजिश संजय और उसके भाई अशोक ने पहले ही कर ली थी। गुरुवार शाम जब सौरभ सप्लाई ऑफिस से लौट रहा था तो इन लोगों ने उसे रोककर पीटा। इन्हें जब लगा कि बेटा मर गया है तो छोड़कर फरार हो गए। इनका परिवार दबंग है, इसलिए हमें सुरक्षा दी जाए। आरोपियों का एनकाउंटर किया जाए। मां को संभालते हुए विधायक भावुक हुए सौरभ की मौत के बाद पत्नी आंचल और मां हीरावती का रो-रोकर बुरा हाल है। मां बार-बार हाथ जोड़कर लोगों से बेटे को वापस लाने की गुहार लगा रही हैं। पत्नी आंचल अपनी 4 महीने की मासूम बेटी को गोद में लेकर शव से लिपटकर रोती रही। सपा विधायक आरके वर्मा ने सौरभ की मां को संभाला। इस दौरान वह भी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि आरोपियों की तीन पीढ़ियां सजा भुगतेंगी। आंचल के पिता सज्जन विश्वकर्मा ने कहा कि घटना में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। उनके घरों पर बुलडोजर चलाया जाए। सौरभ की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए। उनकी 4-5 महीने की बेटी को सरकार आर्थिक मदद दे। निर्दलीय चुनाव लड़कर ब्लॉक प्रमुख बना था आरोपी संजय तिवारी साल 2013 में लक्ष्मणपुर ब्लॉक से निर्दलीय चुनाव लड़ा था। इसमें उसकी जीत हुई थी। संजय तिवारी 4 भाई हैं। एक भाई सोनू के नाम पर सिंधोरा गांव का कोटा है। दूसरा भाई दरोगा उर्फ विपिन तिवारी अपनी जेसीबी चलवाता है। तीसरा भाई अशोक तिवारी गांव में खेती करवाता है। वहीं संजय का बेटा सौरभ तिवारी ईंट-भट्‌ठा चलवाता है। इन सभी के खिलाफ 302 में केस दर्ज किया गया है। पुलिस हिरासत में हंसता दिखाई दिया आरोपी दरोगा उर्फ विपिन तिवारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। विपिन ने अपने कुबूलनामे में बताया कि मैंने अपने साथियों के साथ मिलकर लाठी-डंडे और सरिया से सौरभ को पीटा था। उसके बेहोश होकर गिरने पर हम लोग फरार हो गए थे। दरोगा तिवारी का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है। उस पर गंभीर धाराओं में 3 केस दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद भी उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं दिखी। हंसते हुए वह पुलिस की गाड़ी में बैठा और चला गया। एसपी दीपक भूकर ने बताया कि- 6 नामजद और 6 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। बाकी के लिए भी टीम गठित कर दी गई है, जल्द सभी की गिरफ्तारी होगी। ————– यह खबर भी पढ़ें… प्रतापगढ़ में कंप्यूटर ऑपरेटर को पीटकर मार डाला:मरने से पहले वीडियो में हमलावरों के नाम बताए; पूर्व ब्लॉक प्रमुख समेत 6 पर FIR प्रतापगढ़ में पूर्ति विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। गुरुवार शाम 7 बजे वह ऑफिस से घर लौट रहे थे, तभी घात लगाकर बैठे आरोपियों ने लाठी-डंडे, सरिया और रिवॉल्वर की बट से बुरी तरह पीटा। पिटाई के बाद मरा समझकर आरोपी उसे छोड़कर फरार हो गए। मरने से पहले कंप्यूटर ऑपरेटर ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख समेत 6 हमलावरों के नाम बताए। इसका वीडियो भी सामने आया है। पढ़ें पूरी खबर…

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