शामली के कुड़ाना स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को बेटियों के जन्म को लेकर सकारात्मक संदेश देने वाला कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत 10 नवजात कन्याओं का जन्मोत्सव मनाया गया। नवजात बेटियों से केक कटवाया गया और उन्हें परिवार के लिए खुशी का प्रतीक बताते हुए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान माताओं को भी उपहार देकर बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य के लिए जागरूक किया गया। केक कटवाकर मनाया बेटियों का जन्मोत्सव जिलाधिकारी आलोक यादव के निर्देश और जिला प्रोबेशन अधिकारी मोहम्मद मुशफेकीन के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता CHC कुड़ाना के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अंकित कुमार ने की। इस दौरान 10 नवजात बालिकाओं से केक कटवाकर जन्मोत्सव मनाया गया। बेटियों और उनकी माताओं को बेबी किट, फलों की टोकरी, कंबल और बेबी बिब समेत विभिन्न उपहार दिए गए। बेटी का जन्म खुशी का अवसर अधिकारियों ने कहा कि बेटी का जन्म परिवार और समाज के लिए खुशी का अवसर है। ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य बेटियों को लेकर समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव लाना है। बालिकाओं को शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराने के साथ उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। संस्थागत प्रसव को लेकर किया जागरूक कार्यक्रम में संस्थागत प्रसव के महत्व पर भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल में प्रसव होने से मां और नवजात को बेहतर एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती हैं। माताओं को प्रसव के बाद देखभाल, पोषण और नवजात के स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी जानकारी दी गई। सरकारी योजनाओं की दी जानकारी महिला कल्याण विभाग की ओर से संचालित योजनाओं के बारे में भी महिलाओं को बताया गया। संरक्षण अधिकारी मंजू चौधरी, जेंडर स्पेशलिस्ट कुलदीप शर्मा, सहायक लेखाकार अंकित कुमार और एमटीएस शुभम कुमार ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप योजना, निराश्रित महिला पेंशन, निराश्रित पुनर्विवाह और निराश्रित पुत्री विवाह योजना की जानकारी दी। पात्र महिलाओं को आवेदन में मिली मदद अधिकारियों ने योजनाओं के लिए पात्र लाभार्थियों को आवेदन प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ जरूरी सहायता भी उपलब्ध कराई। महिलाओं से अपील की गई कि वे सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर बेटियों की शिक्षा और बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करें। स्वास्थ्य विभाग की टीम रही मौजूद कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अंकित कुमार, एआरओ जलदीप, फार्मासिस्ट देवेंद्र कुमार, बीसीपीएम मुशब्बीर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम और बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं मौजूद रहीं। आयोजन के जरिए नवजात बेटियों के स्वागत के साथ समाज में बेटियों के सम्मान और समान अधिकार का संदेश दिया गया।


