आगरा के रॉयल चौराहे पर शुक्रवार को भीषण जाम लग गया। इसमें सैकड़ों वाहन करीब एक घंटे तक फंसे रहे, यहां तक कि एक एंबुलेंस भी जाम में फंस गई। यह स्थिति तब बनी जब पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार और जिलाधिकारी मनीष बंसल लगातार यातायात व्यवस्था सुधारने के निर्देश दे रहे हैं। आगरा-फिरोजाबाद रोड स्थित रॉयल चौराहे पर सुबह से ही यातायात व्यवस्था चरमरा गई थी, जो शाम तक जारी रही। इस दौरान यातायात नियंत्रित करने के लिए स्थानीय थाना एत्माद्दौला और चौकी पुलिस के कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं थे। जाम में फंसे वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को खुद ही यातायात सुचारु कराने की मशक्कत करनी पड़ी। लोगों का कहना है कि मेट्रो निर्माण कार्य के कारण रॉयल चौराहा पहले ही जाम का एक प्रमुख बिंदु बन चुका है, जहां सुबह से शाम तक वाहनों का भारी दबाव रहता है। स्थानीय लोगों ने थाना एत्माद्दौला पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब उच्च अधिकारी लगातार यातायात व्यवस्था सुधारने के निर्देश दे रहे हैं, तो थाना पुलिस इन आदेशों को लेकर गंभीर क्यों नहीं है। आए दिन लगने वाले जाम से वाहन चालकों, दुकानदारों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। रॉयल चौराहे पर घंटों जाम और एंबुलेंस के फंसने की इस घटना ने यातायात व्यवस्था की तैयारियों की पोल खोल दी है। लोगों ने अधिकारियों से चौराहे पर नियमित पुलिसकर्मियों की तैनाती और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।


