शेखपुरा में AIARLA का 2 दिन सत्याग्रह आंदोलन संपन्न:भूमिहीन-महादलित परिवारों ने भाग लिया, घेरा डालो आंदोलन की चेतावनी

शेखपुरा में AIARLA का 2 दिन सत्याग्रह आंदोलन संपन्न:भूमिहीन-महादलित परिवारों ने भाग लिया, घेरा डालो आंदोलन की चेतावनी

शेखपुरा जिले के शेखोंपुरसराय प्रखंड कार्यालय के सामने अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) द्वारा आयोजित दो दिवसीय सत्याग्रह आंदोलन शुक्रवार को संपन्न हो गया। यह आंदोलन 9 सूत्री मांगों को लेकर 13 अगस्त से चल रहा था। इसमें बड़ी संख्या में भूमिहीन, गरीब और महादलित परिवारों ने भाग लिया। माले नेता कमलेश प्रसाद ने बताया कि सत्याग्रह आंदोलन खेग्रामस के प्रखंड संयोजक राजेंद्र पासवान के नेतृत्व में और भाकपा-माले के जिला सचिव विजय कुमार विजय की मौजूदगी में आयोजित किया गया था। आंदोलनकारियों ने अपनी 9 सूत्री मांगों का एक लिखित आवेदन प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी को सौंपा। भूमिहीन परिवार लगातार कर रहे संघर्ष इस अवसर पर भाकपा-माले के जिला सचिव विजय कुमार विजय ने स्थानीय प्रशासन से भूमिहीन गरीब परिवारों को भूमि का अधिकार और पर्चाधारी परिवारों को उनकी जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने सहित सभी 9 सूत्री मांगों का गंभीरतापूर्वक समाधान करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर मांगों के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रखंड के सभी भूमिहीन एवं गरीब परिवारों को संगठित कर अनिश्चितकालीन ‘घेरा डालो, डेरा डालो’ आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी। माले नेता रामकृपाल सिंह ने कहा कि गरीबों को वर्षों से उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है। भूमि, आवास और अन्य बुनियादी अधिकारों के लिए भूमिहीन परिवार लगातार संघर्ष कर रहे हैं। आंदोलन को और तेज करने की दी चेतावनी उन्होंने प्रशासन से आंदोलनकारियों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करते हुए समयबद्ध तरीके से समस्याओं का समाधान करने का आग्रह किया। आंदोलनकारियों ने हाथों में तिरंगा लेकर दो दिवसीय सत्याग्रह आंदोलन समाप्त किया। इस आंदोलन में कार्यानंद सिंह, उपेंद्र राम, कारू मांझी, सहदेव मल्लिक, सदन रजक, नरेश मांझी, गिरजा देवी सहित सैकड़ों आंदोलनकारी मौजूद रहे। खेग्रामस नेताओं ने अपनी चेतावनी दोहराई कि यदि 10 दिनों के भीतर मांगों पर ठोस समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक करते हुए अनिश्चितकालीन ‘घेरा डालो, डेरा डालो’ आंदोलन शुरू किया जाएगा। शेखपुरा जिले के शेखोंपुरसराय प्रखंड कार्यालय के सामने अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) द्वारा आयोजित दो दिवसीय सत्याग्रह आंदोलन शुक्रवार को संपन्न हो गया। यह आंदोलन 9 सूत्री मांगों को लेकर 13 अगस्त से चल रहा था। इसमें बड़ी संख्या में भूमिहीन, गरीब और महादलित परिवारों ने भाग लिया। माले नेता कमलेश प्रसाद ने बताया कि सत्याग्रह आंदोलन खेग्रामस के प्रखंड संयोजक राजेंद्र पासवान के नेतृत्व में और भाकपा-माले के जिला सचिव विजय कुमार विजय की मौजूदगी में आयोजित किया गया था। आंदोलनकारियों ने अपनी 9 सूत्री मांगों का एक लिखित आवेदन प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी को सौंपा। भूमिहीन परिवार लगातार कर रहे संघर्ष इस अवसर पर भाकपा-माले के जिला सचिव विजय कुमार विजय ने स्थानीय प्रशासन से भूमिहीन गरीब परिवारों को भूमि का अधिकार और पर्चाधारी परिवारों को उनकी जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने सहित सभी 9 सूत्री मांगों का गंभीरतापूर्वक समाधान करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर मांगों के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रखंड के सभी भूमिहीन एवं गरीब परिवारों को संगठित कर अनिश्चितकालीन ‘घेरा डालो, डेरा डालो’ आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी। माले नेता रामकृपाल सिंह ने कहा कि गरीबों को वर्षों से उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है। भूमि, आवास और अन्य बुनियादी अधिकारों के लिए भूमिहीन परिवार लगातार संघर्ष कर रहे हैं। आंदोलन को और तेज करने की दी चेतावनी उन्होंने प्रशासन से आंदोलनकारियों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करते हुए समयबद्ध तरीके से समस्याओं का समाधान करने का आग्रह किया। आंदोलनकारियों ने हाथों में तिरंगा लेकर दो दिवसीय सत्याग्रह आंदोलन समाप्त किया। इस आंदोलन में कार्यानंद सिंह, उपेंद्र राम, कारू मांझी, सहदेव मल्लिक, सदन रजक, नरेश मांझी, गिरजा देवी सहित सैकड़ों आंदोलनकारी मौजूद रहे। खेग्रामस नेताओं ने अपनी चेतावनी दोहराई कि यदि 10 दिनों के भीतर मांगों पर ठोस समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक करते हुए अनिश्चितकालीन ‘घेरा डालो, डेरा डालो’ आंदोलन शुरू किया जाएगा।  

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