RG Kar case में Barrackpore Police की सराहना, पूर्व विधायक निर्मल घोष गिरफ्तार

RG Kar case में Barrackpore Police की सराहना, पूर्व विधायक निर्मल घोष गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आरजी कर अस्पताल की चिकित्सक से बलात्कार और उसकी हत्या से जुड़े कथित ‘‘अंतिम संस्कार घोटाले’’ के मामले में पानीहाटी के पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक निर्मल घोष समेत दो लोगों को गिरफ़्तार करने पर शुक्रवार को बैरकपुर पुलिस आयुक्त की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों आरोपियों को पड़ोसी राज्यों से गिरफ़्तार किया गया। शुभेंदु ने अपने भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र में एक फ़ुटबॉल टूर्नामेंट के दौरान पत्रकारों से बातचीत में यह भी कहा कि भाजपा सांसद अनंत महाराज ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बारे में ‘‘अनुचित’’ टिप्पणी से जुड़ा अपना फ़ेसबुक पोस्ट हटा दिया है और उन्हें भविष्य में राष्ट्रीय हस्तियों के ख़िलाफ़ टिप्पणी करने से बचना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘वह एक वरिष्ठ नागरिक हैं और उन्होंने अपनी टिप्पणी वापस ले ली है। मैं इसे एक सकारात्मक कदम मानता हूँ, लेकिन मुझे फिर से यह कहना होगा कि उन्होंने अनुचित टिप्पणी की थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अनंत महाराज को पिछली सरकार ने ‘बंग विभूषण’ पुरस्कार दिया था। हमने उनसे यह पुरस्कार वापस ले लिया है।

हमने पांच लोगों को गिरफ़्तार किया और 282 फ़ेसबुक पोस्ट हटाए गए। इस मामले में कुल छह प्राथमिकी दर्ज की गईं। कूचबिहार में अनंत महाराज के ख़िलाफ़ दर्ज प्राथमिकी के बारे में पूछे जाने पर शुभेंदु ने कहा, ‘‘कानून अपना काम करेगा।’’
आरजी कर मामले के संबंध में शुभेंदु ने कहा कि तीन आईपीएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और कथित घोटाले में शामिल लोगों का चिकित्सा पंजीकण रद्द कर दिया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘उसके पिता की शिकायत पर बैरकपुर पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा है और बाकी फरार आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।’’
घोष को बृहस्पतिवार को ओडिशा के बालासोर में एक ठिकाने से गिरफ़्तार किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस सरकार ने इस मामले में शामिल होने के संदिग्ध पुलिस अधिकारियों को संरक्षण दिया था। पुलिस के अनुसार, घोष को संबंधित महिला चिकित्सक का ‘‘जल्दबाजी में अंतिम संस्कार’’ करने में के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

वर्ष 2024 में महिला चिकित्सक के साथ कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में बलात्कार किया गया था और फिर उसकी हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने बताया कि घोष को सबूत मिटाने, आपराधिक साजिश रचने और किसी को उसकी मर्जी के खिलाफ कोई काम करने के लिए मजबूर करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पानीहाटी के पूर्व विधायक को 9 अगस्त 2024 की शाम अस्पताल में देखा गया था और उसी दिन संबंधित चिकित्सक का शव मिला था।

उन्होंने मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्रधानाचार्य संदीप घोष के साथ भी कथित तौर पर बैठक की थी, जिन्हें बाद में गिरफ़्तार कर लिया गया था। इसके बाद उन्हें उस शव वाहन के साथ देखा गया था जो शव को श्मशान घाट ले जा रहा था। मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि आरोपी उसके घर भी मौजूद थे जहाँ शव को सबसे पहले लाया गया था, और उन्होंने परिवार पर दबाव डाला कि वे शव को जल्द से जल्द श्मशान ले जाएँ, जबकि परिवार ऐसा नहीं करना चाहता था।

घोष के बेटे तीर्थंकर को चुनाव बाद हुई हिंसा और जबरन वसूली में शामिल होने के आरोप में 13 जुलाई को गिरफ़्तार किया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *