यूपी के कानपुर देहात में स्कूल में पढ़ाई न होने की शिकायत लेकर 10 साल का चौथी कक्षा का छात्र पुलिस चौकी पहुंच गया। छात्र ने चौकी प्रभारी को शिकायत करते हुए बताया– स्कूल में टीचर्स पढ़ाती नहीं हैं। आपस में गप्पे लड़ाती रहती हैं और दिन भर फोन चलाती रहती हैं। स्कूल में कोई अनुशासन नहीं है। बड़े छात्र, छोटे छात्रों को पीटते हैं। दिन भर छात्र ग्राउंड में खेलते रहते हैं। पढ़ाई का कोई माहौल नहीं है। हमारे भविष्य का क्या होगा? छात्र की शिकायत सुनकर पुलिसकर्मी अचंभित हो गए। चौकी प्रभारी फोर्स लेकर स्कूल पहुंचे तो पुलिस के सामने ही एक महिला टीचर शिकायतकर्ता छात्र को डांटते हुए बुरी तरह पीटने की धमकी देने लगी। मामला 10 फरवरी की सुबह करीब 11 बजे का है। घटना से जुड़ा वीडियो गुरुवार देर रात सामने आया है। शिकायतकर्ता बच्चा जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर राजपुर विकासखंड के रसधान पुलिस चौकी अंतर्गत सरकारी स्कूल सिविलियंस विद्यालय का छात्र है। तस्वीरें देखिए- पूरा मामला विस्तार से जानिए– स्कूल ड्रेस में छात्र 10 अगस्त सोमवार सुबह करीब 11 बजे रसधान पुलिस चौकी पहुंचा। उसने पुलिसकर्मियों को बताया- वह राजपुर विकासखंड के रसधान स्थित सरकारी स्कूल सिविलियंस विद्यालय का चौथी कक्षा का छात्र है। रसधान में ही रहता है। पिता खेती-बाड़ी करते हैं। छात्र ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि स्कूल में पढ़ाई नहीं होती। सभी टीचर्स फोन चलाने और फोन चलाने में व्यस्त रहती हैं। बच्चे दिन भर ग्राउंड में खेलते हैं। बड़े छात्र मुझे आए दिन पीटते हैं। शिकायत करने पर कोई कार्रवाई नहीं होती। मैं बहुत परेशान हो गया हूं। पुलिसकर्मियों से कहा कि जब वह स्कूल से चौकी के लिए निकला, तब भी मैम फोन पर बात कर रही थीं। तो छात्र ने हां में जवाब दिया। बच्चे की शिकायत सुनने के बाद चौकी के दीवान उसे लेकर स्कूल दोपहर करीब 10 बजे पहुंचे। स्कूल में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में छात्र और शिक्षिका के बीच बातचीत हुई। पुलिस ने महिला टीचर से इस बारे में जानकारी लेनी चाही तो वे पुलिस के सामने ही छात्र को डांटने और मारने की धमकी देने लगीं। पुलिस ने इस घटना का वीडियो बना लिया। पढ़िए वीडियो टीचर और छात्र की तूतू-मैंमैं– महिला टीचर छात्र से– पुलिस के पास क्यों गए? “जो भी परेशानी है, सीधे मुझसे कहो।” छात्र – “आप सुनती ही नहीं हैं। किससे कहें?” शिक्षिका- “हम नहीं सुनते हैं, अभी इतना मारेंगे, मार-मार के दिमाग सही कर देंगे तुम्हारा।” (पुलिस कर्मी महिला टीचर को बच्चे से इस अभद्र व्यवहार के लिए रोकते हैं।) चौकी प्रभारी बोले- पुलिस के सामने डांटना, बीएएस बोले- सामान्य सी बात रसधान चौकी प्रभारी प्रशांत सिंह ने बताया– एक बच्चा शिकायत लेकर चौकी आया था। उसे चौकी के दीवान स्कूल लेकर गए थे। बच्चा पढ़ाई नहीं होने की शिकायत कर रहा था। मामला गंभीर नहीं था, लेकिन पुलिसकर्मियों के सामने अध्यापिका ने जिस तरह बच्चे को डांटा, वह गलत है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष पांडेय ने बताया- बच्चों का आपस में विवाद था। क्योंकि पुलिस चौकी स्कूल से बिल्कुल लगी हुई है, इसलिए बच्चा वहां चला गया। खंड शिक्षा अधिकारी ने मौके पर जा कर जांच की है। बच्चे के माता पिता को भी स्कूल बुलाया गया था। उन्होंने बताया बच्चा थोड़ा अग्रेसिव हो जाता है। फिलहाल समझा दिया गया सामान्य सी बात है। ————————————– ये खबर भी पढ़िए- डॉक्टर के 8वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड करने का CCTV:लिखा- मौत की जिम्मेदार ठग गरिमा; गोरखपुर में बेटी बोली- पापा लौट आओ
मेरी मौत की जिम्मेदार गरिमा सिंह और उसका गिरोह है…गुरुवार सुबह यह लाइन एक कागज पर लिखकर डॉ. परमात्मा सिंह ने सुसाइड कर लिया। वह सुबह 9:10 बजे अपने फ्लैट से निकले। सुसाइड नोट को पैंट की दाएं जेब में डाला और तेजी से पहले नीचे पार्क में गए। करीब 9:13 बजे पार्क से बेसमेंट की तरफ गए, वहां से लिफ्ट से 8वीं मंजिल पर पहुंचे। फिर सीढ़ियों के सहारे छत पर गए। पूरी खबर पढ़ें…


