Iran US Conflict: ईरानी सेना ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका का स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ‘पूरा नियंत्रण’ है। ईरान के मुख्य सैन्य कमान खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने गुरुवार को कहा कि कोई भी व्यावसायिक जहाज या तेल टैंकर ईरानी सशस्त्र बलों की अनुमति और निगरानी के बिना होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित तरीके से नहीं गुजर सकता। ईरानी सैन्य कमान के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फाघारी ने ईरानी मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पहले की तरह ईरान के ‘पूर्ण नियंत्रण और प्रबंधन” में है। उन्होंने अमेरिकी दावे को झूठ और महज ‘बयानबाजी’ करार दिया है।
ट्रंप के ‘पूर्ण नियंत्रण’ वाले दावे पर ईरान का पलटवार
जोल्फाघारी ने कहा कि होर्मुज से जहाजों के सामान्य रूप से गुजरने को लेकर अमेरिका की ओर से किए जा रहे दावे सच्चाई से परे हैं। उन्होंने अमेरिकी सेना और नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे दावे उसकी ‘हताशा और बेबसी’ को दिखाते हैं। ईरानी सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका के नेता और उसकी सेना ईरानी सशस्त्र बलों की ताकत और प्रतिरोध क्षमता को पहले ही परख चुके हैं। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस सोशल मीडिया दावे के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका का स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ‘टोटल कंट्रोल’ है।
ईरान बोला- अमेरिका और इजरायल की हर गतिविधि पर नजर
जोल्फाघारी ने कहा कि ईरानी सशस्त्र बल क्षेत्र में अमेरिका और इजरायल की सभी गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान अपने लोगों के अधिकारों, देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए किसी भी खतरे का जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा। ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज को लेकर टकराव लंबे समय से जारी है। फरवरी के अंत में संयुक्त अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद ईरान ने अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों के सुरक्षित आवागमन पर रोक लगाने की बात कही थी।
ट्रंप ने कहा- अमेरिका के पास है ‘टोटल कंट्रोल’
डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को सोशल मीडिया पर दावा किया था कि अमेरिका के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ‘टोटल कंट्रोल’ है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका इस रणनीतिक जलमार्ग का नियंत्रण अपने पास बनाए रख सकता है। ट्रंप के इस बयान के बाद ईरान की ओर से आया जवाब दोनों देशों के बीच होर्मुज को लेकर जारी सैन्य और रणनीतिक टकराव को और स्पष्ट करता है। फिलहाल दोनों पक्ष इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर अपने-अपने नियंत्रण का दावा कर रहे हैं।


