नालंदा के तेलमर थाना क्षेत्र के बथानी पर गांव में पिता पर अपने 4 साल के बीमार बेटे की हत्या करने का आरोप लगा है। घटना के बाद आरोपी ने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर मासूम की लाश को गांव के बाहर फेंक दिया। हालांकि, शव देखे जाने के बाद गांव के लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जांच-पड़ताल और पूछताछ के बाद तत्काल घटना का खुलासा कर दिया। मृतक की पहचान बथानी पर गांव के रहने वाले सुनील मांझी के 4 साल के बेटे सोनू कुमार के रूप में हुई है। कुपोषण का शिकार था बच्चा, टॉयलेट करने पर आया गुस्सा घटना के संबंध में जब आरोपी पिता सुनील मांझी से वजह पूछी गई तो उसने बताया कि सोनू पिछले दो-तीन साल से ‘सूखा रोग’ (कुपोषण) से ग्रसित था और उसका गांव के ही स्तर पर इलाज चल रहा था। आरोपी पिता के मुताबिक, बुधवार को घटना के वक्त बच्चा खाना खा रहा था। कमजोरी और बीमारी के कारण वह उठ नहीं पा रहा था और उसने बैठे-बैठे ही टॉयलेट कर दिया। इसी बात पर झल्लाकर पिता ने मासूम को दो-तीन जोरदार थप्पड़ जड़ दिए। थप्पड़ लगते ही कमजोर बच्चा जमीन पर गिर पड़ा। पिता का दावा है कि आनन-फानन में वह बच्चे को डॉक्टर के पास ले गया, पहले कल्याण विगहा और फिर सदर अस्पताल में इलाज चला और फिर वहां से रेफर के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। डर की वजह से बेटे की लाश को गांव के बाहर फेंका जानकारी के अनुसार, आरोपी सुनील मांझी अपनी पत्नी, 3 बेटों और 2 बेटियों के साथ उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में रहता था। कुछ दिनों पहले ही गांव आया था। पूछताछ में सुनील ने बताया कि वो इस घटना के बाद डर गया। परिवार को भी घटना पर चुप रहने को कहा और मामले को छिपाने की नीयत से मासूम के शव को गांव के बाहर ही फेंक दिया। हालांकि, जल्द ही गांव में इस बात की भनक लग गई और शोर-शराबा शुरू हो गया। ग्रामीणों की सूचना पर तेलमर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को बरामद किया और छानबीन कर आरोपी परिवार को ढूंढ निकाला। तेलमर थानाध्यक्ष चन्द्रशेखर ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की सभी एंगल से जांच कर रही है। मृतक के परिजनों या किसी अन्य की ओर से लिखित आवेदन मिलने पर आगे की विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। नालंदा के तेलमर थाना क्षेत्र के बथानी पर गांव में पिता पर अपने 4 साल के बीमार बेटे की हत्या करने का आरोप लगा है। घटना के बाद आरोपी ने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर मासूम की लाश को गांव के बाहर फेंक दिया। हालांकि, शव देखे जाने के बाद गांव के लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जांच-पड़ताल और पूछताछ के बाद तत्काल घटना का खुलासा कर दिया। मृतक की पहचान बथानी पर गांव के रहने वाले सुनील मांझी के 4 साल के बेटे सोनू कुमार के रूप में हुई है। कुपोषण का शिकार था बच्चा, टॉयलेट करने पर आया गुस्सा घटना के संबंध में जब आरोपी पिता सुनील मांझी से वजह पूछी गई तो उसने बताया कि सोनू पिछले दो-तीन साल से ‘सूखा रोग’ (कुपोषण) से ग्रसित था और उसका गांव के ही स्तर पर इलाज चल रहा था। आरोपी पिता के मुताबिक, बुधवार को घटना के वक्त बच्चा खाना खा रहा था। कमजोरी और बीमारी के कारण वह उठ नहीं पा रहा था और उसने बैठे-बैठे ही टॉयलेट कर दिया। इसी बात पर झल्लाकर पिता ने मासूम को दो-तीन जोरदार थप्पड़ जड़ दिए। थप्पड़ लगते ही कमजोर बच्चा जमीन पर गिर पड़ा। पिता का दावा है कि आनन-फानन में वह बच्चे को डॉक्टर के पास ले गया, पहले कल्याण विगहा और फिर सदर अस्पताल में इलाज चला और फिर वहां से रेफर के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। डर की वजह से बेटे की लाश को गांव के बाहर फेंका जानकारी के अनुसार, आरोपी सुनील मांझी अपनी पत्नी, 3 बेटों और 2 बेटियों के साथ उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में रहता था। कुछ दिनों पहले ही गांव आया था। पूछताछ में सुनील ने बताया कि वो इस घटना के बाद डर गया। परिवार को भी घटना पर चुप रहने को कहा और मामले को छिपाने की नीयत से मासूम के शव को गांव के बाहर ही फेंक दिया। हालांकि, जल्द ही गांव में इस बात की भनक लग गई और शोर-शराबा शुरू हो गया। ग्रामीणों की सूचना पर तेलमर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को बरामद किया और छानबीन कर आरोपी परिवार को ढूंढ निकाला। तेलमर थानाध्यक्ष चन्द्रशेखर ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की सभी एंगल से जांच कर रही है। मृतक के परिजनों या किसी अन्य की ओर से लिखित आवेदन मिलने पर आगे की विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।


