West Bengal: ISI के संदिग्ध ऑपरेटिव की डायरी से खुला बड़ा राज, नेपाल और बांग्लादेश में छिपे छह एजेंटों के नाम मिले

West Bengal: ISI के संदिग्ध ऑपरेटिव की डायरी से खुला बड़ा राज, नेपाल और बांग्लादेश में छिपे छह एजेंटों के नाम मिले

ISI operative: पश्चिम बंगाल पुलिस की एसटीएफ ने आईएसआई से जुड़े होने के संदेह में गिरफ्तार राणा रऊफ खालिद की डायरी से छह और संदिग्ध पाकिस्तानी एजेंटों के नाम बरामद किए हैं। इनमें पांच नेपाल और एक बांग्लादेश में मौजूद बताया जा रहा है। 

कोलकाता। पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की ओर से गिरफ्तार किए गए आईएसआई ऑपरेटिव राणा रऊफ खालिद से जब्त डायरी और नोटबुक की जांच के दौरान कम से कम छह और संदिग्ध पाकिस्तानी इंटेलिजेंस एजेंटों के नाम मिले हैं। जांचकर्ताओं के अनुसार संदिग्ध एजेंटों में से पांच नेपाल में और एक बांग्लादेश में है। नेपाल में मौजूद संदिग्धों की पहचान काशिफ, हनीफ चौधरी, सोहेल, जेडी और हारून सफदार के तौर पर हुई है, जबकि बांग्लादेश में मौजूद ऑपरेटिव की पहचान पावेल के तौर पर हुई है।

मोबाइल फोन को तोड़ा

जांचकर्ताओं ने बताया कि हाबरा से गिरफ्तार किए गए खालिद ने सबूत मिटाने की कोशिश में उस मोबाइल फोन को तोड़ दिया था, जिसका इस्तेमाल वह नेपाल में अपने साथियों से बातचीत करने के लिए करता था। हालांकि, वह दो सिम कार्ड नष्ट नहीं कर पाया, जो अब एसटीएफ के कब्जे में हैं। खालिद, जिसे सनी और वहाब आलम के नाम से भी जाना जाता है को हाल ही में पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के लिए काम करने के शक में हाबरा से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसके कथित साथी मोहम्मद एजाज को उसकी मदद करने के आरोप में टोपसिया से गिरफ्तार किया गया।

दो अन्य निवासियों की भूमिका की भी जांच

जांच में अब तक यह पता चला है कि खालिद ने कथित तौर पर कोलकाता और उसके आस-पास के सैन्य ठिकानों, सीमावर्ती इलाकों में बीएसएफ शिविरों, अहम रेलवे स्टेशनों, रेलवे ट्रैक और नक्शों की संवेदनशील तस्वीरें और वीडियो इकट्ठा किए और उन्हें मोबाइल ऐप के जरिए नेपाल में मौजूद पांच कथित एजेंटों को भेजा। पुलिस पूर्वी कोलकाता के दो अन्य निवासियों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिन्होंने कथित तौर पर खालिद की मदद की थी। जांचकर्ताओं को खालिद की काठमांडू में एक गुप्त बैठक के बाद बोंगगांव के रास्ते बांग्लादेश जाने की कथित योजना का भी पता चला है। जांच के मुताबिक पावेल नए मोबाइल फोन के साथ जेसोर में उसका इंतजार कर रहा था।

खुद को बताया पाकिस्तानी

एसटीएफ सूत्रों ने बताया कि खालिद की योजना कथित तौर पर नए डिवाइस में अपने पुराने सिम कार्ड डालकर नेपाल और पाकिस्तान में अपने संपर्कों से बातचीत फिर से शुरू करने की थी। हिरासत में लिए जाने के दौरान, खालिद ने शुरू में खुद को टोपसिया का रहने वाला वहाब आलम बताया और आधार एवं वोटर आईडी कार्ड दिखाए। हालांकि पूछताछ के दौरान उसकी पहचान के दस्तावेजों और एनआरसी के बारे में उसके जवाबों में विसंगतियां पाई गईं। लगातार पूछताछ के बाद उसने कथित तौर पर माना कि वह पाकिस्तानी नागरिक है।

सिर्फ 350 रुपए बरामद हुए

पुलिस सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तारी के समय खालिद के पास से सिर्फ 350 रुपए बरामद हुए। एसटीएफ अब उस बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और उन छह संदिग्ध एजेंटों की भूमिका की जांच कर रही है, जिनके नाम खालिद की नोटबुक में मिले थे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस कथित नेटवर्क की जानकारी विदेश मंत्रालय के जरिए नेपाल और बांग्लादेश की सरकारों के साथ साझा की जा रही है।

  

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