झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर छात्रों का प्रदर्शन गुरुवार को 20वें दिन भी जारी है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र अनशन और धरना पर बैठे हुए हैं। 6 छात्र अभी भी भूख हड़ताल कर रहे हैं। बुधवार की शाम झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और BJP नेता रघुवर दास छात्रों से मिलने धरनास्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने कहा-“अगर एक हफ़्ते के अंदर पूरे मामले की CBI जांच का आदेश नहीं दिया गया, तो मैं भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर अनशन पर बैठूंगा। मैं यह विरोध तब तक जारी रखूंगा जब तक यह भरोसा नहीं दिलाया जाता कि झारखंड के छात्रों का भविष्य अब खतरे में नहीं पड़ेगा…” इधर, बुधवार रात कांके रोड को किले में तब्दील कर दिया गया। रात 11 बजे सीएम आवास के पास भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया। इनमें जिला पुलिस के अलावा जैप-1 और जैप-6 के जवान शामिल हैं। जैप-6 में ट्रेनिंग कर रहे 280 जवानों को भी मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा में लगाया गया है। इसके अलावा बैरिकेडिंग भी बढ़ा दी गई है। हालांकि छात्रों ने घेराव करने की पुष्टि नहीं की है। दबाव के तरीकों की कड़ी निंदा करता हूं: रघुवर दास
रघुवर दास ने कहा-“मैं हेमंत सोरेन सरकार के अधिकारियों द्वारा हमारे युवाओं और बच्चों का मनोबल तोड़ने और उन्हें अपना आंदोलन खत्म करने के लिए मजबूर करने के लिए अपनाए गए दबाव के तरीकों की कड़ी निंदा करता हूं। मैं इन प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देना चाहता हूं। आपको अपने करियर की चिंता करनी चाहिए। आपका करियर भारत सरकार और गृह मंत्रालय से जुड़ा है। आपका करियर झारखंड के लोगों से जुड़ा है। झारखंड के टैक्सपेयर्स का पैसा ही आपको आपकी सैलरी और बंगले देता है। इस आंदोलन में दखल देने की कोशिश न करें। वरना, झारखंड के लोग आपके सिस्टम को ईंट-दर-ईंट ढहा देंगे।” इधर, छात्रों की मांग है कि जब तक JSSC-CGL परीक्षा रद्द और मामले की CBI जांच नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्र अब अपनी मांगों को लेकर सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत करना चाहते हैं। डीसी-एसपी ने की छात्रों से मुलाकात इससे पहले मंगलवार रात करीब 12:30 बजे डीसी मंजूनाथ भजंत्री और एसएसपी जयपाल सिंह स्टेडियम में बने सत्याग्रह स्थल पर छात्रों को समझाने पहुंचे। डीसी ने छात्रों से उनका हाल-चाल पूछा। उन्होंने कहा कि आप लोगों में से जो घर जाना चाहते हैं, उनके लिए प्रशासन द्वारा वाहनों की व्यवस्था की गई है। किसी तरह की समस्या हो तो आप प्रशासन को सूचना दे सकते हैं। वहीं, एसएसपी ने जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच और जेपीएससी जेएसएससी न्याय मंच के छात्रों से मुलाकात कर पूछा कि आप लोगों में से कितने छात्र जेपीएससी की परीक्षा दे चुके हैं? और कितने जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा दी है। दोनों परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को अलग-अलग करने के बाद उन्होंने पूछा कि जेपीएससी वालों की मांग तो मान ली गई है फिर आप लोग यहां क्या कर रहे हैं? इस पर छात्रों ने कहा कि यह सिर्फ एक परीक्षा और एक स्टूडेंट की बात नहीं है। सारे स्टूडेंट के भविष्य का सवाल है जब तक हमारी मांगे नहीं मानी जाती है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। झारखंड के छात्रों के समर्थन में BHU में उपवास वहीं, झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के छात्रों ने मोर्चा खोल दिया है। छात्रों ने BHU परिसर में एक दिवसीय उपवास रखकर झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों समर्थन किया है। छात्रों ने झारखंड सरकार से आंदोलनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और समाधान निकालने की मांग की है। BHU के छात्रों का कहना है कि झारखंड में अपने अधिकारों और परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों पर जिस तरह से लाठीचार्ज किया गया, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था में उचित नहीं है। छात्रों ने लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए घायल और चोटिल विद्यार्थियों के प्रति एकजुटता जताई। हम चाह रहे हैं कि मुख्यमंत्री हमसे बात करें- छात्र नेता छात्र नेता रविंद्र ने कहा- हमारा आंदोलन अभी जारी है। हम मुख्यमंत्री से कहना चाहते हैं कि सर, हम लोग छात्र हैं। हमें राजनीति करना नहीं आता। 10 अगस्त को जो कुछ हुआ, उसमें छात्रों का कोई दोष नहीं है। कृपया छात्रों के मुद्दों पर चर्चा कीजिए। हम चाहते हैं कि मुख्यमंत्री हमसे बात करें। हो सकता है कि जो लोग हमारी बातें उन तक पहुंचा रहे हैं, वे हमारी दलीलों को ठीक से नहीं रख पा रहे हों। हमारे पास सभी तर्क मौजूद हैं। एक बार हमारे साथ बैठिए, आपको हमारी मांगें पूरी तरह जायज लगेंगी। हमें उम्मीद है कि आप छात्रों और उनके मुद्दों के प्रति गंभीरता दिखाएंगे।”
मंगलवार को झारखंड बंद के दौरान क्या-क्या हुआ, जानिए झारखंड के रांची में सोमवार को हुए लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा ने मंगलवार को राज्यव्यापी बंद बुलाया। रांची में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कई जगह सड़कें जाम कीं। कुछ जिलों में कार्यकर्ता जबरन दुकानें बंद कराते भी नजर आए। कई शहरों में पुलिस ने लोगों को हिरासत में लिया है। झारखंड विधानसभा घेराव के दौरान ABVP कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई। कार्यकर्ता पुरानी विधानसभा के पास जुटे थे, जहां उन्हें हिरासत में लेने के लिए पुलिस पहुंची। कुछ कार्यकर्ता सड़क पर लेट गए, जबकि कुछ पुलिस वैन के आगे बैठ गए। पुलिस लगातार उन्हें हटाने की कोशिश करती रही, इसी दौरान धक्का-मुक्की और झड़प हुई। भाजपा-ABVP के प्रदर्शन की कुछ तस्वीरें…. लाठीचार्ज में 100 से अधिक छात्र घायल छात्रों ने सोमवार को झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ प्रदर्शन किया था। विधानसभा घेराव के दौरान 100 से अधिक छात्र घायल हुए। कई छात्रों के हाथ और पैर में फ्रैक्चर होने की बात कही जा रही है। वहीं, रांची पुलिस के करीब 14 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। सरकार और छात्रों के बीच अब तक तीन दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका है। हालांकि सरकार ने छात्रों की 9 में से 6 मांगें मान ली हैं। छात्रों का कहना है कि अब वे सिर्फ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ही बातचीत करेंगे। वहीं, भाजपा का आरोप है कि झारखंड सरकार छात्रों की मांगों पर बातचीत करने के बजाय प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज की। सीएम सोरेन बोले- परजीवी की तरह जीवित है विपक्ष झारखंड CM बोले- विपक्ष परजीवी की तरह, छात्रों का चोला पहनकर राजनीति कर रहा वहीं, मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर युवाओं को भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “विपक्ष हल्ला करता रहेगा, हम अपना काम करते जाएंगे। सरकार छात्रों के हित में फैसले ले रही है।” सीएम सोरेन ने कहा- विधानसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा, पिछले दो-चार दिनों से जो प्रकरण चल रहा है, उसे देखकर हमें लगता है कि अब विपक्ष के पास कुछ बचा नहीं है, लेकिन कभी-कभी वे अलग-अलग तरीकों की आड़ में छिपकर बैठे रहते हैं और अलग-अलग स्रोतों के सहारे खुद को जीवित रखते हैं, ठीक वैसे ही जैसे कोई परजीवी जीवित रहता है।” मंत्री का दावा- हेमंत सोरेन की हत्या की कोशिश हुई झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने भाजपा विधायकों पर सीएम हेमंत सोरेन की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ प्रदर्शन नहीं था, बल्कि मुख्यमंत्री को मारने की कोशिश थी, लेकिन वे बच गए।” मंत्री ने दावा किया कि जिस समय सीएम आवास के बाहर भाजपा के विधायक धरना दे रहे थे, उस समय सीएम अपनी पत्नी-बच्चों के साथ अंदर मौजूद थे। उन्होंने विधानसभा स्पीकर से बीजेपी विधायकों पर कारर्वाई की मांग की है। झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर छात्रों का प्रदर्शन गुरुवार को 20वें दिन भी जारी है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र अनशन और धरना पर बैठे हुए हैं। 6 छात्र अभी भी भूख हड़ताल कर रहे हैं। बुधवार की शाम झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और BJP नेता रघुवर दास छात्रों से मिलने धरनास्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने कहा-“अगर एक हफ़्ते के अंदर पूरे मामले की CBI जांच का आदेश नहीं दिया गया, तो मैं भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर अनशन पर बैठूंगा। मैं यह विरोध तब तक जारी रखूंगा जब तक यह भरोसा नहीं दिलाया जाता कि झारखंड के छात्रों का भविष्य अब खतरे में नहीं पड़ेगा…” इधर, बुधवार रात कांके रोड को किले में तब्दील कर दिया गया। रात 11 बजे सीएम आवास के पास भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया। इनमें जिला पुलिस के अलावा जैप-1 और जैप-6 के जवान शामिल हैं। जैप-6 में ट्रेनिंग कर रहे 280 जवानों को भी मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा में लगाया गया है। इसके अलावा बैरिकेडिंग भी बढ़ा दी गई है। हालांकि छात्रों ने घेराव करने की पुष्टि नहीं की है। दबाव के तरीकों की कड़ी निंदा करता हूं: रघुवर दास
रघुवर दास ने कहा-“मैं हेमंत सोरेन सरकार के अधिकारियों द्वारा हमारे युवाओं और बच्चों का मनोबल तोड़ने और उन्हें अपना आंदोलन खत्म करने के लिए मजबूर करने के लिए अपनाए गए दबाव के तरीकों की कड़ी निंदा करता हूं। मैं इन प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देना चाहता हूं। आपको अपने करियर की चिंता करनी चाहिए। आपका करियर भारत सरकार और गृह मंत्रालय से जुड़ा है। आपका करियर झारखंड के लोगों से जुड़ा है। झारखंड के टैक्सपेयर्स का पैसा ही आपको आपकी सैलरी और बंगले देता है। इस आंदोलन में दखल देने की कोशिश न करें। वरना, झारखंड के लोग आपके सिस्टम को ईंट-दर-ईंट ढहा देंगे।” इधर, छात्रों की मांग है कि जब तक JSSC-CGL परीक्षा रद्द और मामले की CBI जांच नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्र अब अपनी मांगों को लेकर सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत करना चाहते हैं। डीसी-एसपी ने की छात्रों से मुलाकात इससे पहले मंगलवार रात करीब 12:30 बजे डीसी मंजूनाथ भजंत्री और एसएसपी जयपाल सिंह स्टेडियम में बने सत्याग्रह स्थल पर छात्रों को समझाने पहुंचे। डीसी ने छात्रों से उनका हाल-चाल पूछा। उन्होंने कहा कि आप लोगों में से जो घर जाना चाहते हैं, उनके लिए प्रशासन द्वारा वाहनों की व्यवस्था की गई है। किसी तरह की समस्या हो तो आप प्रशासन को सूचना दे सकते हैं। वहीं, एसएसपी ने जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच और जेपीएससी जेएसएससी न्याय मंच के छात्रों से मुलाकात कर पूछा कि आप लोगों में से कितने छात्र जेपीएससी की परीक्षा दे चुके हैं? और कितने जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा दी है। दोनों परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को अलग-अलग करने के बाद उन्होंने पूछा कि जेपीएससी वालों की मांग तो मान ली गई है फिर आप लोग यहां क्या कर रहे हैं? इस पर छात्रों ने कहा कि यह सिर्फ एक परीक्षा और एक स्टूडेंट की बात नहीं है। सारे स्टूडेंट के भविष्य का सवाल है जब तक हमारी मांगे नहीं मानी जाती है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। झारखंड के छात्रों के समर्थन में BHU में उपवास वहीं, झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के छात्रों ने मोर्चा खोल दिया है। छात्रों ने BHU परिसर में एक दिवसीय उपवास रखकर झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों समर्थन किया है। छात्रों ने झारखंड सरकार से आंदोलनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और समाधान निकालने की मांग की है। BHU के छात्रों का कहना है कि झारखंड में अपने अधिकारों और परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों पर जिस तरह से लाठीचार्ज किया गया, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था में उचित नहीं है। छात्रों ने लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए घायल और चोटिल विद्यार्थियों के प्रति एकजुटता जताई। हम चाह रहे हैं कि मुख्यमंत्री हमसे बात करें- छात्र नेता छात्र नेता रविंद्र ने कहा- हमारा आंदोलन अभी जारी है। हम मुख्यमंत्री से कहना चाहते हैं कि सर, हम लोग छात्र हैं। हमें राजनीति करना नहीं आता। 10 अगस्त को जो कुछ हुआ, उसमें छात्रों का कोई दोष नहीं है। कृपया छात्रों के मुद्दों पर चर्चा कीजिए। हम चाहते हैं कि मुख्यमंत्री हमसे बात करें। हो सकता है कि जो लोग हमारी बातें उन तक पहुंचा रहे हैं, वे हमारी दलीलों को ठीक से नहीं रख पा रहे हों। हमारे पास सभी तर्क मौजूद हैं। एक बार हमारे साथ बैठिए, आपको हमारी मांगें पूरी तरह जायज लगेंगी। हमें उम्मीद है कि आप छात्रों और उनके मुद्दों के प्रति गंभीरता दिखाएंगे।”
मंगलवार को झारखंड बंद के दौरान क्या-क्या हुआ, जानिए झारखंड के रांची में सोमवार को हुए लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा ने मंगलवार को राज्यव्यापी बंद बुलाया। रांची में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कई जगह सड़कें जाम कीं। कुछ जिलों में कार्यकर्ता जबरन दुकानें बंद कराते भी नजर आए। कई शहरों में पुलिस ने लोगों को हिरासत में लिया है। झारखंड विधानसभा घेराव के दौरान ABVP कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई। कार्यकर्ता पुरानी विधानसभा के पास जुटे थे, जहां उन्हें हिरासत में लेने के लिए पुलिस पहुंची। कुछ कार्यकर्ता सड़क पर लेट गए, जबकि कुछ पुलिस वैन के आगे बैठ गए। पुलिस लगातार उन्हें हटाने की कोशिश करती रही, इसी दौरान धक्का-मुक्की और झड़प हुई। भाजपा-ABVP के प्रदर्शन की कुछ तस्वीरें…. लाठीचार्ज में 100 से अधिक छात्र घायल छात्रों ने सोमवार को झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ प्रदर्शन किया था। विधानसभा घेराव के दौरान 100 से अधिक छात्र घायल हुए। कई छात्रों के हाथ और पैर में फ्रैक्चर होने की बात कही जा रही है। वहीं, रांची पुलिस के करीब 14 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। सरकार और छात्रों के बीच अब तक तीन दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका है। हालांकि सरकार ने छात्रों की 9 में से 6 मांगें मान ली हैं। छात्रों का कहना है कि अब वे सिर्फ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ही बातचीत करेंगे। वहीं, भाजपा का आरोप है कि झारखंड सरकार छात्रों की मांगों पर बातचीत करने के बजाय प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज की। सीएम सोरेन बोले- परजीवी की तरह जीवित है विपक्ष झारखंड CM बोले- विपक्ष परजीवी की तरह, छात्रों का चोला पहनकर राजनीति कर रहा वहीं, मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर युवाओं को भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “विपक्ष हल्ला करता रहेगा, हम अपना काम करते जाएंगे। सरकार छात्रों के हित में फैसले ले रही है।” सीएम सोरेन ने कहा- विधानसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा, पिछले दो-चार दिनों से जो प्रकरण चल रहा है, उसे देखकर हमें लगता है कि अब विपक्ष के पास कुछ बचा नहीं है, लेकिन कभी-कभी वे अलग-अलग तरीकों की आड़ में छिपकर बैठे रहते हैं और अलग-अलग स्रोतों के सहारे खुद को जीवित रखते हैं, ठीक वैसे ही जैसे कोई परजीवी जीवित रहता है।” मंत्री का दावा- हेमंत सोरेन की हत्या की कोशिश हुई झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने भाजपा विधायकों पर सीएम हेमंत सोरेन की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ प्रदर्शन नहीं था, बल्कि मुख्यमंत्री को मारने की कोशिश थी, लेकिन वे बच गए।” मंत्री ने दावा किया कि जिस समय सीएम आवास के बाहर भाजपा के विधायक धरना दे रहे थे, उस समय सीएम अपनी पत्नी-बच्चों के साथ अंदर मौजूद थे। उन्होंने विधानसभा स्पीकर से बीजेपी विधायकों पर कारर्वाई की मांग की है।


