काशी नरेश विश्वविद्यालय में रंगोली-राखी प्रतियोगिता:छात्रों ने तिरंगा, राष्ट्रीय एकता पर आधारित कलाकृतियां बनाई

काशी नरेश विश्वविद्यालय में रंगोली-राखी प्रतियोगिता:छात्रों ने तिरंगा, राष्ट्रीय एकता पर आधारित कलाकृतियां बनाई

देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में काशी नरेश विश्वविद्यालय में रंगोली और राखी रचना प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह आयोजन गृह विज्ञान विभाग और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। प्रतियोगिता का विषय ‘तिरंगा’, ‘राष्ट्रीय एकता’, ‘गौरव’ और ‘देशभक्ति’ था। छात्राओं ने केसरिया, श्वेत और हरे रंगों का प्रयोग कर आकर्षक रंगोलियां बनाईं। कुछ रंगोलियों में भारत की विविधता को दर्शाया गया, तो कुछ में ज्ञान रूपी हंस को भारत की उन्नति का आधार बताया गया। मुख्य आकर्षण इसरो की क्षमताओं को दर्शाती रंगों से बनी एक मिसाइल की रंगोली थी। राखी रचना प्रतियोगिता में छात्राओं ने अपनी रचनात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया। सभी राखियां तिरंगे के तीन रंगों के धागों, ऊन, कागज, फूल, मिट्टी, अनाज, नग, मोती और मोर पंख जैसी विभिन्न सामग्रियों से बनाई गई थीं। प्रिया मिश्रा की क्रोशिया से बनी राखी, ज्योति मिश्र की अनाज की राखी, रिशु शुक्ला की फूल की राखी, महक की मिट्टी की राखी और साक्षी की मलाई डोरी की राखी मुख्य आकर्षण रहीं। आकांक्षा, काजल, ज्योति, गुंजा और सपना की नग-मोती से बनी फैंसी राखियां भी मनमोहक थीं। इस अवसर पर छात्राओं और निर्णायक मंडल ने तिरंगे के बारे में विभिन्न जानकारियां भी साझा कीं। कार्यक्रम की निर्णायक प्रो. रश्मि सिंह और डॉ. गीता यादव रहीं। डॉ. ईरा त्रिपाठी, डॉ. मधु और डॉ. जान्हवी के सहयोग से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में काशी नरेश विश्वविद्यालय में रंगोली और राखी रचना प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह आयोजन गृह विज्ञान विभाग और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। प्रतियोगिता का विषय ‘तिरंगा’, ‘राष्ट्रीय एकता’, ‘गौरव’ और ‘देशभक्ति’ था। छात्राओं ने केसरिया, श्वेत और हरे रंगों का प्रयोग कर आकर्षक रंगोलियां बनाईं। कुछ रंगोलियों में भारत की विविधता को दर्शाया गया, तो कुछ में ज्ञान रूपी हंस को भारत की उन्नति का आधार बताया गया। मुख्य आकर्षण इसरो की क्षमताओं को दर्शाती रंगों से बनी एक मिसाइल की रंगोली थी। राखी रचना प्रतियोगिता में छात्राओं ने अपनी रचनात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया। सभी राखियां तिरंगे के तीन रंगों के धागों, ऊन, कागज, फूल, मिट्टी, अनाज, नग, मोती और मोर पंख जैसी विभिन्न सामग्रियों से बनाई गई थीं। प्रिया मिश्रा की क्रोशिया से बनी राखी, ज्योति मिश्र की अनाज की राखी, रिशु शुक्ला की फूल की राखी, महक की मिट्टी की राखी और साक्षी की मलाई डोरी की राखी मुख्य आकर्षण रहीं। आकांक्षा, काजल, ज्योति, गुंजा और सपना की नग-मोती से बनी फैंसी राखियां भी मनमोहक थीं। इस अवसर पर छात्राओं और निर्णायक मंडल ने तिरंगे के बारे में विभिन्न जानकारियां भी साझा कीं। कार्यक्रम की निर्णायक प्रो. रश्मि सिंह और डॉ. गीता यादव रहीं। डॉ. ईरा त्रिपाठी, डॉ. मधु और डॉ. जान्हवी के सहयोग से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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