मधेपुरा में बच्ची के ‘लड़का बनने’ की अफवाह निकली फर्जी:पुलिस जांच में नहीं मिला कोई सबूत, सोशल मीडिया पर वायरल दावे के बाद घर पर जुट रही थी भीड़

मधेपुरा में बच्ची के ‘लड़का बनने’ की अफवाह निकली फर्जी:पुलिस जांच में नहीं मिला कोई सबूत, सोशल मीडिया पर वायरल दावे के बाद घर पर जुट रही थी भीड़

मधेपुरा के सिंहेश्वर प्रखंड के बुढ़ावे गांव में एक 12 वर्षीय लड़की के मंदिर में पूजा के बाद लड़का बनने की अफवाह को पुलिस ने फर्जी करार दिया है। सोशल मीडिया पर पिछले कई दिनों से यह दावा तेजी से वायरल हो रहा था। पुलिस जांच में ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया। वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया था कि बच्ची सुबह सिंहेश्वर मंदिर में पूजा करने गई थी और लौटने के बाद वह लड़की से लड़का बन गई। यह भी कहा गया कि भगवान ने सपने में आकर उसे लड़का बनने का वरदान दिया था। इस अफवाह के बाद बड़ी संख्या में लोग बच्ची को देखने उसके घर पहुंचने लगे थे, जिससे क्षेत्र में कौतूहल का माहौल बन गया था। लड़का बनने जैसी कोई घटना सामने नहीं आई|
अफवाह फैलने की सूचना पर पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू की और बच्ची को थाने लाकर पूछताछ की। सिंहेश्वर थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल दावा फर्जी है। पुलिस जांच में लड़की के लड़का बनने जैसी कोई घटना सामने नहीं आई है। मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. गणेश कुमार ने इस दावे को वैज्ञानिक रूप से असंभव बताया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के जैविक लिंग में इस तरह का अचानक बदलाव बिना किसी चिकित्सकीय प्रक्रिया के संभव नहीं है। सोशल मीडिया पर किए जा रहे किसी भी दावे को चिकित्सकीय जांच और प्रमाण के आधार पर ही सही माना जाना चाहिए। बच्ची को उसके परिजनों के साथ घर भेज दिया गया यह अफवाह 30 जुलाई से ही क्षेत्र में तेजी से फैल रही थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट और वीडियो वायरल हुए और बच्ची के घर लोगों की भीड़ जुटने लगी। पुलिस की जांच के बाद अब इस कथित चमत्कारिक दावे को फर्जी घोषित कर दिया गया है। बच्ची को उसके परिजनों के साथ घर भेज दिया गया है। मधेपुरा के सिंहेश्वर प्रखंड के बुढ़ावे गांव में एक 12 वर्षीय लड़की के मंदिर में पूजा के बाद लड़का बनने की अफवाह को पुलिस ने फर्जी करार दिया है। सोशल मीडिया पर पिछले कई दिनों से यह दावा तेजी से वायरल हो रहा था। पुलिस जांच में ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया। वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया था कि बच्ची सुबह सिंहेश्वर मंदिर में पूजा करने गई थी और लौटने के बाद वह लड़की से लड़का बन गई। यह भी कहा गया कि भगवान ने सपने में आकर उसे लड़का बनने का वरदान दिया था। इस अफवाह के बाद बड़ी संख्या में लोग बच्ची को देखने उसके घर पहुंचने लगे थे, जिससे क्षेत्र में कौतूहल का माहौल बन गया था। लड़का बनने जैसी कोई घटना सामने नहीं आई|
अफवाह फैलने की सूचना पर पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू की और बच्ची को थाने लाकर पूछताछ की। सिंहेश्वर थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल दावा फर्जी है। पुलिस जांच में लड़की के लड़का बनने जैसी कोई घटना सामने नहीं आई है। मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. गणेश कुमार ने इस दावे को वैज्ञानिक रूप से असंभव बताया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के जैविक लिंग में इस तरह का अचानक बदलाव बिना किसी चिकित्सकीय प्रक्रिया के संभव नहीं है। सोशल मीडिया पर किए जा रहे किसी भी दावे को चिकित्सकीय जांच और प्रमाण के आधार पर ही सही माना जाना चाहिए। बच्ची को उसके परिजनों के साथ घर भेज दिया गया यह अफवाह 30 जुलाई से ही क्षेत्र में तेजी से फैल रही थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट और वीडियो वायरल हुए और बच्ची के घर लोगों की भीड़ जुटने लगी। पुलिस की जांच के बाद अब इस कथित चमत्कारिक दावे को फर्जी घोषित कर दिया गया है। बच्ची को उसके परिजनों के साथ घर भेज दिया गया है।  

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