भोपाल में 600 से ज्यादा अवैध कॉलोनियां हैं और ये बढ़ती जा रही हैं। अवैध कॉलोनियां बसाने का खेल सालों से एक ही फॉर्मूले पर चल रहा है- कॉलोनी काटो, प्लॉट बेचो और बगैर डेवलपमेंट किए बाहर निकल जाओ। पिछले चार साल में नगर निगम ने 159 भूमाफियाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई, लेकिन आज तक किसी को भी सजा नहीं मिली। कारण यह है कि इनमें से एक में भी चालान पेश नहीं हुआ है। चालान पेश करने की जिम्मेदारी संबंधित थानों की है लेकिन यहां जांच कागजों में ही सिमट कर रह गई है। इसी साल भोपाल जिला प्रशासन ने अवैध कॉलोनी काटने वाले 200 से ज्यादा कॉलोनाइजरों की सूची तैयार की है। लेकिन अब तक सिर्फ 12 के खिलाफ एफआईआर हुई है। यही कारण है कि नगर निगम सीमा और उसके आसपास करीब 20 किलोमीटर के दायरे में खेतों की जमीन पर बसी कॉलोनियों में अधिकांश के पास न रेरा का पंजीयन है, न जरूरी अनुमतियां। सस्ते प्लॉट के लालच में लोगों ने यहां निवेश किया। सड़क, पानी, बिजली, सीवरेज और ड्रेनेज जैसी सुविधाएं नहीं मिलीं तो लोगों को पुलिस और कलेक्टोरेट के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। रासुका लगाने की तैयारी : अभी अवैध कॉलोनी बसाने वालों के खिलाफ नगर पालिका अधिनियम 1956 की धारा 292 (ग) के तहत केस दर्ज होता है। नगर निगम खुद ही ऐसी कॉलोनियों को चिह्नित कर केस तर्ज कराता है। लेकिन ज्यादातर मामलों में कार्रवाई एफआईआर से आगे नहीं बढ़ती। जब तक लोग खुद जनसुनवाई या कलेक्टोरेट में शिकायत नहीं करते तब तक मामला ठंडे बस्ते में ही पड़ा रहता है। अब प्रदेश सरकार अवैध कॉलोनी काटने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने की तैयारी कर रही है। केस दर्ज हो तो 3 से 7 साल की जेल और एक लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान इनॉर्मस रॉयल फार्म्स सरकारी नहर पर बना ली पुलिया कॉलोनाइजर : दीपेश मोहता, सुशील नाथ सिंह कोलार के थुआखेड़ा में इनॉर्मस रॉयल फार्म्स के नाम से करीब 42 एकड़ में अवैध कॉलोनी डेवलप हो रही है। स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि कॉलोनी तक पहुंचने के लिए कॉलोनाइजरों ने जल संसाधन विभाग की नहर पर पुलिया बनाकर रास्ता तैयार कर लिया। 14 एकड़ में तुलसी पुरम वार्ड कार्यालय के पास, कार्रवाई नहीं कॉलोनाइजर: अशोक पलिया और बेटा नीतेश
वार्ड-75 में पलासी क्षेत्र में करीब 14 एकड़ में अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही है। कॉलोनी वार्ड कार्यालय से 1 किलोमीटर दूर है पर कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि अशोक और नीतेश सूखी सेवनिया में गोल्डन स्कील पार्क और खेजड़ा में गोल्डन सिटी नाम अवैध कॉलोनियां काट रहे हैं। रुद्र रियलिटी न रेरा न टीएंडसीपी से अनुमति कॉलोनाइजर: जितेंद्र सिंह
कोलार रोड के वार्ड नंबर 84 स्थित पिपलिया केशों में रुद्र रियलिटी अवैध कॉलोनी की प्लॉटिंग चल रही है। जितेंद्र सिंह पहले कोलार रोड सनखेड़ी में रुद्र विहार नाम से अवैध कॉलोनी काटकर बेच चुका है। यहां भी प्लॉट बेचे गए। न रेरा और न ही टीएंडसीपी से अनुमति ली गई। तिरुपति कॉलोनी : FIR के बाद भी कार्रवाई नहीं
कॉलोनाइजर: दीवान सिंह : बैरसिया रोड में बसी इस कॉलोनी में न पीने के पानी की लाइन है न सीवेज लाइन। 3 फरवरी 2021 को एफआईआर हुई थी पर कार्रवाई नहीं हुई। केशर धाम: न बिजली है न पीने का पानी
कॉलोनाइजर: सतपाल लोधी : फंदाकला से धमनिया ग्राम पंचायत क्षेत्र में 5 एकड़ में प्लॉटिंग की जा रही है। कॉलोनी में न सीवेज लाइन है, न बिजली, न पानी की स्थाई व्यवस्था। अवंतिका ग्रीन : सड़क के नाम पर सिर्फ मुरम पट्टी
कॉलोनाइजर: सुरेश गुर्जर- ग्राम अमझरा में अवंतिका ग्रीन नाम से करीब 8 एकड़ में अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही है। यहां सिर्फ मुरम डालकर सड़क बनाई गई है। एफआईआर के बाद भी चालान पेश नहीं, क्या बोले जिम्मेदार पुराने मामलों का स्टेटस देखेंगे अवैध कॉलोनियों पर जिला प्रशासन के साथ मिलकर कार्रवाई की जा रही है। पहले हुई एफआईआर के मामलों का स्टेटस चेक कराना पड़ेगा। – संस्कृति जैन, आयुक्त नगर निगम देखेंगे चालान पेश क्यों नहीं हुए
पुराने केसों का समाधान किया जा रहा है। एफआईआर होने के बाद क्या कार्रवाई हुई और चालान पेश हुए या नहीं समीक्षा करेंगे। -संजय कुमार, पुलिस कमिश्नर भोपाल जल्द सख्त एक्शन लेंगे
बिना नियम कॉलोनी डेवलप करने वालों पर कार्रवाई करेंगे। जहां मूलभूत सुविधाएं नहीं पाई जाएंगी, वहां एफआईआर के साथ तोड़फोड़ करेंगे। -प्रियंक मिश्रा, कलेक्टर यहां अवैध कॉलोनियां चिह्नित
जिला प्रशासन ने जगदीशपुर, मुबारकपुर, सेवनिया ओंकारा, कोटर, पिपलिया बेरखेड़ी, कुराना, थुआखेड़ा, सुरैया नगर, छावनी पठार, कान्हासैया, सिकंदराबाद, शोभापुर, जहेज, कोलुआ खुर्द, नरेला वाज्याफ्त, बंगरसिया, अरेड़ी, इब्राहिमपुरा, परेवाखेड़ा, हज्जामपुरा-ईंटखेड़ी सड़क, अरवलिया, चौपड़ा कलां, बांसिया, गोलखेड़ी और बसई।


