ज्योतिष गुरुकुल में सावन के दूसरे मंगलवार पर हुआ सुंदरकांड पाठ

आचार्य पद्मराज ज्योतिष गुरुकुल, टुकुपानी के सभागार में श्रावण माह के द्वितीय मंगलवार को सुंदरकाण्ड का विशेष सामूहिक पाठ एवं सत्संग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मंगल मंत्रों, णमोकार महामंत्र और गायत्री महामंत्र के उच्चारण से हुई। इसके बाद भगवान श्रीराम और हनुमान जी की पूजा-अर्चना की गई। आचार्य पद्मराज स्वामी जी महाराज ने कहा कि सुंदरकाण्ड भक्ति, विश्वास, साहस, समर्पण का संदेश है। इसके पाठ से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। हनुमान जी का चरित्र कठिन कार्यों को पूरा करने की प्रेरणा देता है। बाद में श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से सुंदरकाण्ड का पाठ किया। लंका दहन और सीता दर्शन के प्रसंगों को सुनकर भक्त भाव-विभोर हो गए। मंगल पाठ, आरती, प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। इसे सफल बनाने में महासाध्वी वसुंधरा जी महाराज, सूर्य प्रसाद, राजेश शर्मा, राधिका देवी, सुनीता देवी का सहयोग रहा। आचार्य पद्मराज ज्योतिष गुरुकुल, टुकुपानी के सभागार में श्रावण माह के द्वितीय मंगलवार को सुंदरकाण्ड का विशेष सामूहिक पाठ एवं सत्संग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मंगल मंत्रों, णमोकार महामंत्र और गायत्री महामंत्र के उच्चारण से हुई। इसके बाद भगवान श्रीराम और हनुमान जी की पूजा-अर्चना की गई। आचार्य पद्मराज स्वामी जी महाराज ने कहा कि सुंदरकाण्ड भक्ति, विश्वास, साहस, समर्पण का संदेश है। इसके पाठ से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। हनुमान जी का चरित्र कठिन कार्यों को पूरा करने की प्रेरणा देता है। बाद में श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से सुंदरकाण्ड का पाठ किया। लंका दहन और सीता दर्शन के प्रसंगों को सुनकर भक्त भाव-विभोर हो गए। मंगल पाठ, आरती, प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। इसे सफल बनाने में महासाध्वी वसुंधरा जी महाराज, सूर्य प्रसाद, राजेश शर्मा, राधिका देवी, सुनीता देवी का सहयोग रहा।  

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ज्योतिष गुरुकुल में सावन के दूसरे मंगलवार पर हुआ सुंदरकांड पाठ

आचार्य पद्मराज ज्योतिष गुरुकुल, टुकुपानी के सभागार में श्रावण माह के द्वितीय मंगलवार को सुंदरकाण्ड का विशेष सामूहिक पाठ एवं सत्संग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मंगल मंत्रों, णमोकार महामंत्र और गायत्री महामंत्र के उच्चारण से हुई। इसके बाद भगवान श्रीराम और हनुमान जी की पूजा-अर्चना की गई। आचार्य पद्मराज स्वामी जी महाराज ने कहा कि सुंदरकाण्ड भक्ति, विश्वास, साहस, समर्पण का संदेश है। इसके पाठ से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। हनुमान जी का चरित्र कठिन कार्यों को पूरा करने की प्रेरणा देता है। बाद में श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से सुंदरकाण्ड का पाठ किया। लंका दहन और सीता दर्शन के प्रसंगों को सुनकर भक्त भाव-विभोर हो गए। मंगल पाठ, आरती, प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। इसे सफल बनाने में महासाध्वी वसुंधरा जी महाराज, सूर्य प्रसाद, राजेश शर्मा, राधिका देवी, सुनीता देवी का सहयोग रहा। आचार्य पद्मराज ज्योतिष गुरुकुल, टुकुपानी के सभागार में श्रावण माह के द्वितीय मंगलवार को सुंदरकाण्ड का विशेष सामूहिक पाठ एवं सत्संग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मंगल मंत्रों, णमोकार महामंत्र और गायत्री महामंत्र के उच्चारण से हुई। इसके बाद भगवान श्रीराम और हनुमान जी की पूजा-अर्चना की गई। आचार्य पद्मराज स्वामी जी महाराज ने कहा कि सुंदरकाण्ड भक्ति, विश्वास, साहस, समर्पण का संदेश है। इसके पाठ से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। हनुमान जी का चरित्र कठिन कार्यों को पूरा करने की प्रेरणा देता है। बाद में श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से सुंदरकाण्ड का पाठ किया। लंका दहन और सीता दर्शन के प्रसंगों को सुनकर भक्त भाव-विभोर हो गए। मंगल पाठ, आरती, प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। इसे सफल बनाने में महासाध्वी वसुंधरा जी महाराज, सूर्य प्रसाद, राजेश शर्मा, राधिका देवी, सुनीता देवी का सहयोग रहा।  

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