हेमंत सोरेन की हत्या की कोशिश हुई:मंत्री इरफान अंसारी का आरोप; CM बोले- विपक्ष परजीवी की तरह, छात्रों का चोला पहनकर राजनीति कर रहा

हेमंत सोरेन की हत्या की कोशिश हुई:मंत्री इरफान अंसारी का आरोप; CM बोले- विपक्ष परजीवी की तरह, छात्रों का चोला पहनकर राजनीति कर रहा

झारखंड सरकार में स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने मंगलवार को विधानसभा परिसर में कहा- सोमवार को मुख्यमंत्री बाल-बाल बच गए। भाजपा का मुख्यमंत्री आवास के पास दिया गया धरना मुख्यमंत्री की हत्या का प्रयास था। उन्होंने कहा कि भाजपा के विधायकों ने सदन की कार्यवाही छोड़कर मुख्यमंत्री आवास के समक्ष धरना दिया। मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि अगर कोई मुख्यमंत्री आवास में दीवार फांद कर घुस जाता तो कितनी बड़ी घटना हो सकती थी। इसका जिम्मेदार कौन होता। इसलिए उन्होंने स्पीकर से मांग की है कि ऐसे लोगों को चिन्हित कर पूछताछ की जाए कि उनकी मंशा क्या थी। सरकार ने युवाओं पर कोई कार्रवाई नहीं की: मंत्री उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के साथ है। उनकी मांगों पर सरकार गहन विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि कल पुलिस मार खाती रही, लेकिन सरकार ने युवाओं पर कोई कार्रवाई नहीं की। आंदोलनरत युवाओं ने कई बैरियर पार किया उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई मंत्री ने कहा- इसके पीछे वजह यह थी कि वह भी राज्य के बच्चे हैं, युवा हैं। सरकार लाठी गोली पर विश्वास नहीं करती है, सरकार वार्ता पर विश्वास करती है और समाधान से रास्ता निकलेगा। आज छात्रों की आड़ में अपनी ताकत का इजहार कर रहे: CM
इधर, सदन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरन ने कहा- अभी विगत दो-चार दिनों से जो प्रकरण चल रहा है, हमें लगता है कि अब विपक्ष के पास कुछ बचा नहीं है। लेकिन कभी-कभी यह अनेक तरीके के आड़ में छुपकर बैठे रहते हैं। अलग अलग सोर्स से अपने को जीवित रखते हैं जैसे कि परजीवी जीवित रहता है। आज छात्रों की आड़ में अपनी ताकत का इजहार कर रहे हैं। मुझे लगता है कि इनमें जो थोड़ा बहुत रस बचा हुआ है, वह भी कुछ समय पर खत्म हो जाएगा। जेपीएससी से जुड़े टीडीपीएल के द्वारा लिया गया एग्जाम के संदर्भ में सीआईडी सीबीआई और तरह-तरह की चीजें सदन में आ चुकी है। और सरकार की मंशा पूरे राज्य को पता है। क्या सही है और क्या गलत है इसको लेकर आने वाली पीढ़ी को न पता चल पाए। विगत छह सात सालों में इनके पास कुछ बचा नहीं था। ऐसे द्वार पर ये दौड़ चले हैं कि इनका हाथ खाली ही रहेगा। हम किन किन परीक्षाओं को रद करने जा रहे हैं और सरकार ने जो निर्णय लिया है, परीक्षाओं को जांच करने का जो आश्वासन दिया है, उससे हम छात्रों को अवगत करा चुके हैं। हालांकि ये मकड़जाल इनका ही बुना हुआ है। टीडीपीएल कंपनी कहां की है, यूपी के लखनऊ की है। वहां से षड्यंत्र करके यहां के नौजवानों को दिग्भ्रमित करने का काम किया गया है। मुझे लगता है कि जो सरकार ने निर्णय लिये हैं रिफॉर्म का, रद करने को लेकर और जांच को लेकर बिल्कुल सरकार की मंशा स्पष्ट है और अपने कार्य में लगातार आगे बढ़ रही है। कल जिस तरीके से सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच में पूरा दिन का समय व्यतीत हुआ साथ ही झारखंड की प्रशासन ने जो अपनी धैर्य का परिचय दिया उसे पूरे देश ने देखा। जहां बारह महीना 144 लगा रहता हो, संवेदनशील माना जाता हो, चाहे लोक सभा हो, राज्य सभा हो, विधानसभा हो या विधान परिषद हो, उसके सीमित दायरे तक कोई नहीं आ सकता है। लेकिन ये हमारे विपक्ष के लोग गेरूआ वस्त्र पहनकर दुनिया की दिग्भ्रमित कर रहे हैं अब ये छात्रों का चोला पहनकर दुनिया को दिग्भ्रमित करने के लगे हैं। कोई बात नहीं। वो भी परत दर परत हम हटाकर रहेंगे। यह हमारा संकल्प है। हमारे साथ वो व्यवस्था नहीं है जिस व्यवस्था के साथ ये आज आसमान में उड़ रहे हैं। संवैधानिक व्यवस्थाओं के माध्यम से, अलग अलग संस्थाओं के दुरुपयोग के माध्यम से ये लोग सदन की मर्यादा को तार तार करते हैं।

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हेमंत सोरेन की हत्या की कोशिश हुई:मंत्री इरफान अंसारी का आरोप; CM बोले- विपक्ष परजीवी की तरह, छात्रों का चोला पहनकर राजनीति कर रहा

हेमंत सोरेन की हत्या की कोशिश हुई:मंत्री इरफान अंसारी का आरोप; CM बोले- विपक्ष परजीवी की तरह, छात्रों का चोला पहनकर राजनीति कर रहा

झारखंड सरकार में स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने मंगलवार को विधानसभा परिसर में कहा- सोमवार को मुख्यमंत्री बाल-बाल बच गए। भाजपा का मुख्यमंत्री आवास के पास दिया गया धरना मुख्यमंत्री की हत्या का प्रयास था। उन्होंने कहा कि भाजपा के विधायकों ने सदन की कार्यवाही छोड़कर मुख्यमंत्री आवास के समक्ष धरना दिया। मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि अगर कोई मुख्यमंत्री आवास में दीवार फांद कर घुस जाता तो कितनी बड़ी घटना हो सकती थी। इसका जिम्मेदार कौन होता। इसलिए उन्होंने स्पीकर से मांग की है कि ऐसे लोगों को चिन्हित कर पूछताछ की जाए कि उनकी मंशा क्या थी। सरकार ने युवाओं पर कोई कार्रवाई नहीं की: मंत्री उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के साथ है। उनकी मांगों पर सरकार गहन विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि कल पुलिस मार खाती रही, लेकिन सरकार ने युवाओं पर कोई कार्रवाई नहीं की। आंदोलनरत युवाओं ने कई बैरियर पार किया उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई मंत्री ने कहा- इसके पीछे वजह यह थी कि वह भी राज्य के बच्चे हैं, युवा हैं। सरकार लाठी गोली पर विश्वास नहीं करती है, सरकार वार्ता पर विश्वास करती है और समाधान से रास्ता निकलेगा। आज छात्रों की आड़ में अपनी ताकत का इजहार कर रहे: CM
इधर, सदन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरन ने कहा- अभी विगत दो-चार दिनों से जो प्रकरण चल रहा है, हमें लगता है कि अब विपक्ष के पास कुछ बचा नहीं है। लेकिन कभी-कभी यह अनेक तरीके के आड़ में छुपकर बैठे रहते हैं। अलग अलग सोर्स से अपने को जीवित रखते हैं जैसे कि परजीवी जीवित रहता है। आज छात्रों की आड़ में अपनी ताकत का इजहार कर रहे हैं। मुझे लगता है कि इनमें जो थोड़ा बहुत रस बचा हुआ है, वह भी कुछ समय पर खत्म हो जाएगा। जेपीएससी से जुड़े टीडीपीएल के द्वारा लिया गया एग्जाम के संदर्भ में सीआईडी सीबीआई और तरह-तरह की चीजें सदन में आ चुकी है। और सरकार की मंशा पूरे राज्य को पता है। क्या सही है और क्या गलत है इसको लेकर आने वाली पीढ़ी को न पता चल पाए। विगत छह सात सालों में इनके पास कुछ बचा नहीं था। ऐसे द्वार पर ये दौड़ चले हैं कि इनका हाथ खाली ही रहेगा। हम किन किन परीक्षाओं को रद करने जा रहे हैं और सरकार ने जो निर्णय लिया है, परीक्षाओं को जांच करने का जो आश्वासन दिया है, उससे हम छात्रों को अवगत करा चुके हैं। हालांकि ये मकड़जाल इनका ही बुना हुआ है। टीडीपीएल कंपनी कहां की है, यूपी के लखनऊ की है। वहां से षड्यंत्र करके यहां के नौजवानों को दिग्भ्रमित करने का काम किया गया है। मुझे लगता है कि जो सरकार ने निर्णय लिये हैं रिफॉर्म का, रद करने को लेकर और जांच को लेकर बिल्कुल सरकार की मंशा स्पष्ट है और अपने कार्य में लगातार आगे बढ़ रही है। कल जिस तरीके से सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच में पूरा दिन का समय व्यतीत हुआ साथ ही झारखंड की प्रशासन ने जो अपनी धैर्य का परिचय दिया उसे पूरे देश ने देखा। जहां बारह महीना 144 लगा रहता हो, संवेदनशील माना जाता हो, चाहे लोक सभा हो, राज्य सभा हो, विधानसभा हो या विधान परिषद हो, उसके सीमित दायरे तक कोई नहीं आ सकता है। लेकिन ये हमारे विपक्ष के लोग गेरूआ वस्त्र पहनकर दुनिया की दिग्भ्रमित कर रहे हैं अब ये छात्रों का चोला पहनकर दुनिया को दिग्भ्रमित करने के लगे हैं। कोई बात नहीं। वो भी परत दर परत हम हटाकर रहेंगे। यह हमारा संकल्प है। हमारे साथ वो व्यवस्था नहीं है जिस व्यवस्था के साथ ये आज आसमान में उड़ रहे हैं। संवैधानिक व्यवस्थाओं के माध्यम से, अलग अलग संस्थाओं के दुरुपयोग के माध्यम से ये लोग सदन की मर्यादा को तार तार करते हैं।

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